मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह चुनौती को अवसर में बदलने का समय है। उद्योग और अन्य संबद्ध विभाग पूरी तत्परता के साथ प्रवासी श्रमिकों और बिहार में पहले से रह रहे लोगों के रोजगार के लिए तैयार कार्ययोजना को जल्द से जल्द अमल में लाएं। बाहर से आए श्रमिकों की दक्षता का राज्य की अर्थव्यवस्था में उपयोग करना होगा। औद्योगिक इकाइयों में भी स्किल मैपिंग के आधार पर श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार और अन्य अधिकारियों के साथ राज्य में कोविड-19 से बचाव के उपायों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक प्रोत्साहन नीति में संशोधन (मिड टर्म) की आवश्यकता हो तो उसके संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। नई इकाइयों की स्थापना के लिए क्या इंसेंटिव दिए जा सकते हैं? इस पर सुझाव आना चाहिए।
नीतीश का निर्देश-रोजगार देने वाली योजना बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा- रोजगार उपलब्ध कराने के लिए श्रम प्रधान योजनाओं का चयन करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। श्रमिकों की स्किल के अनुरूप नए उद्योगों को बढ़ावा दें। प्रवासी श्रमिकों से फीडबैक लिया जाना चाहिए। दूसरे राज्यों में काम करने वाले बिहार के श्रमिक बड़ी संख्या में वापस आए हैं। इसलिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, गंभीर रोगों से ग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे यथासंभव घर पर ही रहें।
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