रविवार शाम 4 बजे। भारत, कनाडा, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, इंग्लैंड, थाइलैंड समेत 20 देश के लोग बिहार की बेटी मैथिली ठाकुर के एक से बढ़कर एक गीतों का आनंद लेने के लिए अपने परिवार के साथ बैठे हैं। जैसे ही सांगीतिक संध्या शुरू होती है, लोग धीरे-धीरे कनेक्ट होने लगते हैं। सिंगर मैथिली की सुर भी अपनी गति पकड़ लेती है। लगभग एक लाख से अधिक लोगों ने मैथिली के कई गीत सुने और अपने कमेंट्स से प्यार जताया।
भोजपुरी व मैथिली गीतों से लोगों का जीता मन
शुरुआत राम भजन से हुई, जिसमें उसने ए पहुना, यहीं मिथिला में रहुं ना..., सुनाया। लोगों ने इस गीत को सराहा। इसके बाद उसने भोजपुरी में जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो ललना लाल होइहे, कुलवा के दीपक मनवा में आस लागल ही..., सुनाया। इस भोजपुरी गीत पर लोगों के खूब कमेंट्स आए और भोजपुरी गीतों की और भी डिमांड होने लगी। राजस्थानी लोकगीत में केसरिया बालम से लोगों का मन जीता तो वहीं बंगाली में रवींद्र संगीत एकला चलो रे..., से मैथिली ने गुरु रवींद्र की गाथा सुनाई। लगभग ढेर घंटे चले इस ऑनलाइन कार्यक्रम में मैथिली ने अपने सुरीली गीतों से विदेशियों का मन जीत लिया। लोगों ने इस सांगीतिक संध्या का भरपूर लुत्फ उठाया।
लोगों को बूस्ट करने को म्यूजिकल इवनिंग
कार्यक्रम था बिहारी कनेक्ट यूके के फेसबुक पेज पर म्यूजिकल इवनिंग का। कार्यक्रम का उद्देश्य था कि वर्तमान समय को देखते हुए पूरे देश के लोगों में पॉजिटिव एनर्जी देने का और उन्हें बूस्ट करने का, ताकि उनके अंदर एक नई ऊर्जा का संचार हो। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में बिहारी कनेक्ट के चेयरमैन उदेश्वर कुमार सिंह ने सभी देशों के लोगों का स्वागत किया। वहीं बिहारी कनेक्ट के जेनरल सेक्रेटरी ओमप्रकाश ने लाइव हुए लोगों को बिहारी कनेक्ट ग्रुप के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर मैथिली ने लाइव में शामिल हुए तमाम लोगों को शुक्रिया कहा और फिर से उनसे जुड़ने की बात कही। ग्रुप के राजीव सिंह, रोहित सिन्हा, रूपम रंजन, अभिषेक, आशीष, डॉली ने सहयोग किया।
देश-विदेश के लोगों ने कहा-बिहार की संस्कृति है अद्भुत
अमेरिका से डॉ. वंदना कर्ण ने कहा कि मैथिली की सुरीली आवाज से बिहार की खुशबू आती है। जिसे एहसास कर हर कोई रम जाए। बिहार के लोग इतनी शालीनता से भरे होते हैं, देख कर मन गदगद हो उठता है। वहीं दुबई से डॉ. विजय सिंह ने बताया कि कार्यक्रम बहुत ही शानदार रहा। बिहारी गीतों से जुड़कर एक सुखद अनुभूति हुई। काश ये मौका जल्दी ही दुबारा मिले। अमेरिका से राज दुबे कहते हैं कि मैथिली और भोजपुरी को सुनना बहुत ही मनोरंजक रहा। मैंने फैमिली के साथ खूब एंजॉय किया।
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