नगर परिषद के कर्मचारी रह चुके बांके बिहारी गुप्ता की पत्नी की मौत इलाज के अभाव में हो गयी है। इस संबंध में लिखित जानकारी देते हुए उन्होंने बताया है कि नगर परिषद द्वारा बगैर जानकारी दिये उनकी पेंशन राशि विगत तीन माह से रोक दी गयी थी। उन्होंने आगे कहा कि पत्नी पूर्व से ही गंभीर बीमारी की शिकार थी। पैसा नहीं मिलने के कारण उनका समुचित इलाज वे नहीं करा पाये। जिससे उनकी जान पर बन आयी। और उनकी जान चली गयी।
उन्होंने इसके जिम्मेवार नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को बताया गया है। बांके बिहारी ने आगे बताया है कि उनका अप्रैल माह का भी पेंशन रोका गया है। जिससे वे काफी फ्रस्टेशन में चल रहा है। उनके साथ भी पैसा के अभाव के कारण कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। इधर इस संबंध में नगर कार्यपालक पदाधिकारी सुजित कुमार से बातचित करने के दौरान बताया गया कि बांकेबिहारी 15 वर्षों से सरकारी क्वार्टर में रह रहे हैं। जिसका किराया भी नहीं दिये हैं।
सरकारी जमीन भी कब्जा किये हुए हैं। इसी के माफिक उनकी पेंशन रोकी गयी है। कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि उक्त कर्मी के द्वारा एक भी बार उनसे मुलाकात नहीं किया गया है। ऐसे में इस तरह का आरोप बेबुनियाद है। वह भी अप्रैल माह का पेंशन भी चला गया है।
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