लॉकडाउन में फंसे विभिन्न प्रदेशों के शहरों से श्रमिक ट्रेन से प्रवासियों का लगातार आना जारी है। इस क्रम में शुक्रवार को देश के विभिन्न आठ स्थानों से 5837 यात्री श्रमिक ट्रेन से सीतामढ़ी पहुंचे। इसमें गुजरात के उदना से 426 यात्री, बिकानेर से दरभंगा जा रही ट्रेन से 31 यात्री, पंजाब से पहंुची दो श्रमिक ट्रेनाें से 1148 अाैर मुंबई की चार ट्रेनों से 4032 प्रवासी सीतामढ़ी जंक्शन पर उतरे। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत सभी प्रवासियों को स्टेशन पर बनी पीली रेखा से होकर विभिन्न काउंटरों से सेनेटाइजेशन अाैर स्क्रीनिंग कराना पड़ा। वहीं, भोजन-पानी के बाद उन्हें विभिन्न जिलों अाैर प्रखंडों की बसों तक क्रमवार पहुंचाया गया। प्रशासन द्वारा सभी प्रवासियों को पैक थैली में सूखे भोजन के रूप में फल, बिस्कुट व नमकीन की पैकेट के साथ ही पानी की बोतलें मुहैया कराई गई। सीतामढ़ी जंक्शन के प्लेटफाॅर्म पर ट्रेनों के पहुंचते ही रेलवे व जिला पुलिस के जवान ने लाेगाें काे सुरक्षा घेरे में ले लिया।
इस दौरान आरपीएफ व जीआरपी के जवान प्लेटफाॅर्म संख्या एक व दो पर सुरक्षा को लेकर लगातार गश्ती करते रहे। वहीं प्लेटफाॅर्म एक से लेकर बाहर परिसर में खड़ी बसों तक जिला पुलिस के जवान गश्त कर रहे थे। संपूर्ण रेलवे परिसर की जिला पुलिस द्वारा बैरिगेडिंग कर दी गई थी जहां बाहर से किसी को भी परिसर में घुसने की अनुमति नहीं थी। वहीं, प्रवासियों के भी बैरिकेेडिंग से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई थी।
प्रशासन ने 21 दिनों तक सोशल डिस्टेंस के साथ क्वारेंटाइन में रहने की हिदायत दी
सेनेटाइजिंग, स्क्रीनिंग व भोजन के बाद ट्रेनों से पहुंचे प्रवासियों को बसों में बैठाया गया। उन्हें संबंधित प्रखंडों के क्वारेंटाइन सेंटर में 21 दिनों तक रहने की सख्त हिदायत दी गई। प्लेटफाॅर्म पर उतर रहे प्रवासियों ने बसों में बैठ कर सुकून की सांस ली। अब उनको घर पहुंचने का विश्वास हो चुका था। लोगों ने कहा कि उन्हें यहां तक पहुचने में पांच से सात दिन लग गए हैं।
कई दिनों तक उन्हें ट्रेन पर चढ़ने के लिए इंतजार करना पड़ा था तो वहीं ट्रेन भी काफी लेट चल रही थी। इस दौरान एसडीओ सदर कुमार गाैरव और अन्य पदाधिकारियों के साथ जिला प्रशासन टीम लगातार मॉनीटरिंग करती रही। सभी काउंटरों पर कार्यों की निगरानी के साथ ही कर्मियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही प्रवासियों को सहयोग करने का निर्देश दिया गया।
प्रवासियों से पूछताछ कर हालचाल लिया गया तथा उन्हें प्रखंड क्वारेंटाइन अथवा होम क्वारेंटाइन में पहुंच कर क्वारेंटाइन और लाॅकडाउन के नियमों का पालन करने की नसीहत दी। जिला प्रशासन की ओर से अपर अनुमंडल पदाधिकारी रोचना माद्री, निलम कुमारी, रंजना भारती के अलावे अन्य पदाधिकारी व पदाधिकारी प्लेटफॉर्म पर मौजद थे। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्टेशन अधीक्षक मदन प्रसाद के अलावा आरपीएफ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार व जीआरपी थानाध्यक्ष राजकुमार राम मुस्तैद थे। एसडीआरएफ की टीम भी किसी भी आपदा से निबटने के लिए तैनात की गई थी।
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