अमहरा थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी दुलार साव के पुत्र व एक गिरोह का मुख्य सरगना निरंजन साव का आपराधिक इतिहास रहा है। वह अपने गिरोह द्वारा झारखंड के धनबाद में ट्रेनों में लूटपाट, अपहरण, हत्या एवं रंगदारी की घटना को अंजाम देता था। वह नवोदित अपराधियों को प्रशिक्षण देकर घटना को अंजाम देता था। अपने वर्चस्व को कायम रखने के लिए जिले के कई कुख्यात अपराधियों से मुठभेड़ भी किया था। कुख्यात अपराधी निरंजन साव पर विभिन्न थाना में कुल 25 मामले दर्ज हैं।
निरंजन के विरुद्ध लखीसराय थाना में पहली बार किऊल रेल थाना में कांड संख्या 51/93 दर्ज हुआ था। इसके अलावे लखीसराय थाना में 410/ 97, 412/97, 399/98, 160/02, 167/02, 272/02, 273/02, 274/03, 114/04, 334/04, 273/01, 34/03, 322/03, 160/02 के साथ ही धनबाद जिले के बाघमारा थाना में कांड संख्या 326/03 एवं किऊल रेल थाना, कबैया थाना और वीरुपुर थाना में कुल 25 मामले दर्ज हैं। निरंजन एक हत्याकांड में सजायाफ्ता था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर था। सूत्रों की मानें तो एक जमीन पर कब्जे को लेकर एक नवोदित अपराधियों के गुट ने उसकी हत्या कर दी।
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