एनएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती सीवान के कोरोना संदिग्ध 62 वर्षीय व्यक्ति की शुक्रवार को मौत हो गई। इसकी पुष्टी सिविल सर्जन डा. यदुवंश कुमार शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि मरीज सीवान में नहीं रहता था, मुंबई से आने के क्रम में उसकी तबियत छपरा में बिगड़ी थी। उसको गंभीर स्थिति में गुरुवार को पीएमसीएच में परिजनों द्वारा भर्ती कराया गया था, जहां से चिकित्सकों ने जांच के बाद से एनएमसीएच रेफर कर दिया था। उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
उल्लेखनीय है कि यह पटना में सीवान के कोरोना संक्रमित की दूसरी मौत है। इधर सीवान जिले में शुक्रवार को 2 और नए संक्रमित मिलने से कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 74 हो गई है। 34 लोगों की रिपोर्ट आनी अभी भी बाकी है। जबकि इनमें से 24 कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज अभी भी चल रहा है। जिलाधिकारी अमित कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिले में अबतक 1983 लोगों की जांच हुई है। जिसमें से 1877 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव है।
मुंबई घाटकोपर से प्राइवेट गाड़ी से पूरे परिवार के साथ आ रहा था
बताते हैं कि मृत व्यक्ति दो दिन पूर्व मुंबई घाटकोपर से प्राइवेट गाड़ी से पूरे परिवार के साथ आ रहा था, गाड़ी में उसके दोनो पुत्रों के अतिरिक्त उसकी बेटी, पत्नी, एक भतीजा और गाड़ी का चालक था। वह हसनपुरा प्रखण्ड के पड़ौली गांव का निवासी था और दो दिन पूर्व मुंबइ से चला था। छपरापहुंचने पर अचानक तबियत विगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर पीएमसीएच चले गए।
कोरोना के संदेह होने पर युवक का आज भेजा जाएगा सैंपल
हसनपुरा| सहुली स्थित मवि क्वारेंटाइन सेंटर पर एक युवक को कोरोना के संदेह होने पर शुक्रवार की सुबह डॉ महेंद्र कुमार ने युवक को क्वारेंटाइन सेंटर में ही आइसोलेशन वार्ड में रख दिया है। साथ ही युवक को सेंपल देने के लिए शनिवार को सीवान भेजा जाएगा। बताया जाता है कि युवक 4 दिन पहले रायगढ़ मुंबई से अपने घर सहुली के रफीपुर पहुँचा था।
47 क्वारेंटाइन सेंटरों पर 3576 प्रवासियों को किया गया है शिफ्ट
दरौंदाप्रखंड क्षेत्र में दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों का सिलसिला जारी है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन से हर रोज बड़ी संख्या में प्रवासी पहुंच रहे हैं। बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को 14 दिन क्वारेंटाइन करने के लिए प्रखंड क्षेत्र में 47 क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित दिल्ली, मुंबई सहित 11 शहरों को छोड़ अन्य स्थानोंं से आने वाले प्रवासी मजदूरों को स्वास्थ्य जांच के बाद होम क्वारेंटाइन में भेजा जा रहा है।
बीडीओ रीता कुमारी ने बताया कि प्रखंड में कुल 47 क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार तक 3576 प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर भेजा गया है। प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर में समुचित सुविधा के साथ भोजन एवं नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिन की अवधि पूरा करने के बाद प्रवासी मजदूरों को घर वापस भेजा जाएगा।
45 प्रवासी मजदूरों को किया गया डिस्चार्ज
हसनपुराप्रखंड के विभिन्न क्वारेंटाइन सेंटरों पर अन्य प्रान्तों से आए क्वारेंटाइन कर रहे प्रवासी मजदूरों को डॉक्टर माहेकायनात व डॉक्टर महेंद्र कुमार द्वारा शुक्रवार को 45 प्रवासी मजदूरों को डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान उसरी धनौती स्थित मध्य विद्यालय से 8, चंद्र बदन उच्च विद्यालय से 6, उसरी बुजुर्ग मध्य विद्यालय से 11, सरैयां स्थित मध्य विद्यालय से 6 व दूसरी तरफ सहुली स्थित छात्रावास से 10, बंसन्तनगर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय से 4 प्रवासी मजदूरों को डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान डिस्चार्ज किए गए सभी प्रवासी मजदूरों को फिटनेस सर्टिफिकेट देकर होम क्वारेंटाइन का हिदायत दिया गया। साथ ही अन्य प्रान्तों से आए नए मजदूरों को चिकित्सकों द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग कर विभिन्न क्वारेंटाइन सेंटरों पर रखा गया।
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