एक ओर बेटी की मौत हुई वहीं, दूसरी ओर मायके वालों की लॉटरी लग गई हो। पुलिस और कोर्ट कचहरी का चक्कर नहीं लगाना पड़े इसलिए पंचायत में ससुराल वालों को केस की धमकी देकर सवा 4 लाख रुपए में मामला रफा-दफा करने का सौदा फिक्स कर लिया। मामला काशीवाड़ी के बुद्धि गांव की है। 2 सितंबर को मोहन मोहम्मद शाहनवाज की पत्नी मुसर्रत जहां की मौत हो गई। मौत कैसे हुई इस बात का पता नहीं चल सका।
मृतका के ससुर जुबेर आलम भी इस सौदे के लिए तैयार हो गए। लेकिन जुबेर के पास देने के लिए पैसे नहीं थे तो अपना ट्रैक्टर मृतका के मायके वालों के यहां गिरवी रख दिया और एक हजार रुपए के स्टांप पर इकरार किया कि वह जब रकम दे देंगे तब ट्रैक्टर लेकर जाएंगे। सभी काम एकदम प्लान के मुताबिक हुआ। जुबेर करार की गई राशि देकर अपना ट्रैक्टर वापस ले आए।
जुबेर ने बताया कि बहू की मौत के मामले में उससे उगाही के लिए उस पर बकाया रकम होने की बात लिखाया गया। अब मायके वाले रुपए के लोभ में मृतका के ससुर जुबेर को रास्ते से उठवाकर बंधक बनाकर मारपीट की और उसके बेटे को फोन कर 2 लाख रुपए लाने को कहा नहीं तो पिता को जान से मारने की धमकी दी। संयोग से किसी ने मामले का वीडियो वायरल कर दिया जिसके बाद पुलिस ने जुबेर आलम को मुक्त कराया।
मृतका की मां ने थाने में कराया झूठा केस दर्ज
कोर्ट कचहरी का चक्कर न लगाना पड़े इसके लिए मृतका की मां निकहत ने पलासी थाने में यूडी केस दर्ज कराई। बताया कि उसकी बेटी कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। बीमारी के कारण उसकी बेटी की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार जुबेर आलम का पुत्र मोहम्मद शाहनवाज की शादी 8 साल पूर्व प्रेम-प्रसंग में जोकीहाट के बगुला टोली के रहने वाले मोहम्मद नौशाद की पुत्री मुसर्रत से हुई थी। शादी के बाद दोनों खुशी पूर्वक जीवन यापन करते थे। शादी के बाद उन्हें 2 बच्चे भी हैं। ससुर जुबेर ने बताया कि उसकी बहु पहले भी जान देने का प्रयास की थी।
ससुर जुबैर आलम ने कहा-झांसा देकर किया अगवा
जुबेर ने बताया कि वह साला के साथ इलाज कराने के लिए अररिया जा रहे थे। जोकीहाट के ठेंगापुर चौक पहुंचे तो उसके पुत्र के ससुराल वालों ने उसे जबरन झांसा देकर बगुला टोली गांव लेकर चला गया। वहां ले जाने के बाद दो लाख रुपये और मांगने लगे। जब वह इनकार किया तो उसे खंभे से बांध दिया। इसके बाद उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई। बुधवार को एसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करा अपने मन से लिखा एफआईआर
पलासी पुलिस की सूचना पर पहुंची जोकीहाट थाने की पुलिस ने जुबेर आलम को बंधक से मुक्त कराया। जोकीहाट पुलिस उसे बंधक बनाने एवं मारपीट करने को लेकर उसे एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। लेकिन उसे लिखने नहीं आता था। पुलिस उसे एक सादे कागज पर हस्ताक्षर कराया और अपने मन से विपक्षी के प्रभाव में आकर आवेदन में लिखा कि मेरे पास मृतिका के मायके वालों का रकम बकाया है जो गलत है।
वीडियो वायरल होने के 3 दिन बाद मृतका के भाई ने भी दर्ज कराई प्राथमिकी
वीडियो वायरल होने के बाद मृतका के भाई महताब आलम ने तीन दिन के बाद जोकीहाट थाने में बकाया रकम मांगने पर मारपीट करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी में उन्होंने यह भी बताया है कि जुबेर आलम के लोगों ने ही उनलोगों को फंसाने की नीयत से रस्सी से बांध दिया था। मेरे पर लगाये गए आरोप गलत है। पुलिस इसकी जांच करें।
जांच के बाद सच सामने आएगा
केस करने के लिए कोई भी स्वतंत्र है। यदि जुबेर को लगता है कि पुलिस अपने मन से सब कुछ लिखा है तो इसकी छानबीन इंस्पेक्टर के स्तर से भी होगी। सब कुछ अपने आप सामने आ जाएगा। -विकास कुमार आजाद, एसएचओ, जोकीहाट
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