बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई के जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, जिला संयोजक सह सोशल मीडिया प्रभारी नवनीत कुंवर, विप्लव कुमार जिला उपाध्यक्ष रितेश आनंद ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना (शिक्षा) कार्यालय में पदस्थापित लिपिक प्रभात कुमार के मनमाने तथा अड़ियल रवैया के कारण नियोजित शिक्षकों की बकरीद भी बिना वेतन के ही फीकी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां एसएसए मद में शिक्षकों के वेतन भुगतान हेतु बकरीद से पूर्व तक आवंटन अनुपलब्ध है तो वहीं दूसरी ओर जीओबी मद में पर्याप्त आवंटन रहने के बावजूद भी बकरीद जैसे महापर्व के अवसर पर लिपिक के मनमानेपन के कारण नियोजित शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हो सकेगा। बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ ने कहा कि लिपिक की मनमानी का यह पहला अवसर नही है। प्रत्येक माह और हर महत्वपूर्ण पर्व त्योहार के अवसर पर वेतन भुगतान में प्रभात कुमार के कारण बेवजह और अनावश्यक विलंब होता है। शिक्षकों के वेतन भुगतान वाले फाइल को ऐसे लिपिक आगे बढ़ने ही नहीं देते हैं। संघ ने उच्च पदाधिकारियों से अविलंब ऐसे लिपिक को वेतन भुगतान जैसे कार्य से मुक्त करते हुए कटिहार से अन्यत्र जिले में भेजने की मांग भी की है। साथ ही यह भी कहा की वेतन नहीं मिलने से नियोजित शिक्षकों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। शिक्षक जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्यों का कर रहे निर्वाह, सरकार तुगलकी फरमान कर रही जारी शिक्षक संघ का कहना है कि कोरोना काल मे भी बिना किसी सुविधा के सभी शिक्षक अपनी जान को जोखिम में डालकर लॉकडाउन अवधि में क्वारेंटाइन सेंटर तथा अन्य जगहों पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किए। उसके बाद अब सरकार के तुगलकी फरमान के तहत घर-घर जाकर चावल बांट रहे हैं। बच्चों के खाते में ऑनलाइन पैसा भिजवाने के लिए डीबीटी तैयार कर रहे हैं। साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची का भी कार्य कर रहे हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग के लिपिक अपने मनमाने पर तुले हुए हैं। एक तरफ बकरीद जैसे पर्व में बिल बनने के बावजूद भी वेतन का भुगतान नहीं होना, मृत शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि नहीं भेजा जाना, नवप्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन निर्धारण नही होना जैसी कई समस्याएं जिले में लंबित है। उसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ विभाग के संबंधित लिपिक है। समाधान नहीं होने की स्थिति में संघ उग्र आंदोलन करेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today - VTM Breaking News

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Thursday, July 30, 2020

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई के जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, जिला संयोजक सह सोशल मीडिया प्रभारी नवनीत कुंवर, विप्लव कुमार जिला उपाध्यक्ष रितेश आनंद ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना (शिक्षा) कार्यालय में पदस्थापित लिपिक प्रभात कुमार के मनमाने तथा अड़ियल रवैया के कारण नियोजित शिक्षकों की बकरीद भी बिना वेतन के ही फीकी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां एसएसए मद में शिक्षकों के वेतन भुगतान हेतु बकरीद से पूर्व तक आवंटन अनुपलब्ध है तो वहीं दूसरी ओर जीओबी मद में पर्याप्त आवंटन रहने के बावजूद भी बकरीद जैसे महापर्व के अवसर पर लिपिक के मनमानेपन के कारण नियोजित शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हो सकेगा। बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ ने कहा कि लिपिक की मनमानी का यह पहला अवसर नही है। प्रत्येक माह और हर महत्वपूर्ण पर्व त्योहार के अवसर पर वेतन भुगतान में प्रभात कुमार के कारण बेवजह और अनावश्यक विलंब होता है। शिक्षकों के वेतन भुगतान वाले फाइल को ऐसे लिपिक आगे बढ़ने ही नहीं देते हैं। संघ ने उच्च पदाधिकारियों से अविलंब ऐसे लिपिक को वेतन भुगतान जैसे कार्य से मुक्त करते हुए कटिहार से अन्यत्र जिले में भेजने की मांग भी की है। साथ ही यह भी कहा की वेतन नहीं मिलने से नियोजित शिक्षकों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। शिक्षक जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्यों का कर रहे निर्वाह, सरकार तुगलकी फरमान कर रही जारी शिक्षक संघ का कहना है कि कोरोना काल मे भी बिना किसी सुविधा के सभी शिक्षक अपनी जान को जोखिम में डालकर लॉकडाउन अवधि में क्वारेंटाइन सेंटर तथा अन्य जगहों पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किए। उसके बाद अब सरकार के तुगलकी फरमान के तहत घर-घर जाकर चावल बांट रहे हैं। बच्चों के खाते में ऑनलाइन पैसा भिजवाने के लिए डीबीटी तैयार कर रहे हैं। साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची का भी कार्य कर रहे हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग के लिपिक अपने मनमाने पर तुले हुए हैं। एक तरफ बकरीद जैसे पर्व में बिल बनने के बावजूद भी वेतन का भुगतान नहीं होना, मृत शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि नहीं भेजा जाना, नवप्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन निर्धारण नही होना जैसी कई समस्याएं जिले में लंबित है। उसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ विभाग के संबंधित लिपिक है। समाधान नहीं होने की स्थिति में संघ उग्र आंदोलन करेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई के जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, जिला संयोजक सह सोशल मीडिया प्रभारी नवनीत कुंवर, विप्लव कुमार जिला उपाध्यक्ष रितेश आनंद ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना (शिक्षा) कार्यालय में पदस्थापित लिपिक प्रभात कुमार के मनमाने तथा अड़ियल रवैया के कारण नियोजित शिक्षकों की बकरीद भी बिना वेतन के ही फीकी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां एसएसए मद में शिक्षकों के वेतन भुगतान हेतु बकरीद से पूर्व तक आवंटन अनुपलब्ध है तो वहीं दूसरी ओर जीओबी मद में पर्याप्त आवंटन रहने के बावजूद भी बकरीद जैसे महापर्व के अवसर पर लिपिक के मनमानेपन के कारण नियोजित शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हो सकेगा।

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ ने कहा कि लिपिक की मनमानी का यह पहला अवसर नही है। प्रत्येक माह और हर महत्वपूर्ण पर्व त्योहार के अवसर पर वेतन भुगतान में प्रभात कुमार के कारण बेवजह और अनावश्यक विलंब होता है। शिक्षकों के वेतन भुगतान वाले फाइल को ऐसे लिपिक आगे बढ़ने ही नहीं देते हैं। संघ ने उच्च पदाधिकारियों से अविलंब ऐसे लिपिक को वेतन भुगतान जैसे कार्य से मुक्त करते हुए कटिहार से अन्यत्र जिले में भेजने की मांग भी की है। साथ ही यह भी कहा की वेतन नहीं मिलने से नियोजित शिक्षकों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।

शिक्षक जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्यों का कर रहे निर्वाह, सरकार तुगलकी फरमान कर रही जारी

शिक्षक संघ का कहना है कि कोरोना काल मे भी बिना किसी सुविधा के सभी शिक्षक अपनी जान को जोखिम में डालकर लॉकडाउन अवधि में क्वारेंटाइन सेंटर तथा अन्य जगहों पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किए। उसके बाद अब सरकार के तुगलकी फरमान के तहत घर-घर जाकर चावल बांट रहे हैं। बच्चों के खाते में ऑनलाइन पैसा भिजवाने के लिए डीबीटी तैयार कर रहे हैं। साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची का भी कार्य कर रहे हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग के लिपिक अपने मनमाने पर तुले हुए हैं। एक तरफ बकरीद जैसे पर्व में बिल बनने के बावजूद भी वेतन का भुगतान नहीं होना, मृत शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि नहीं भेजा जाना, नवप्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन निर्धारण नही होना जैसी कई समस्याएं जिले में लंबित है। उसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ विभाग के संबंधित लिपिक है। समाधान नहीं होने की स्थिति में संघ उग्र आंदोलन करेगी।



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