बिजली विभाग से संबद्ध कार्यरत ठेकेदारों द्वारा एक साल पहले गांव में पुराने तार को खोलकर नए कवर्ड तार को लगाया गया था। इस दौरान ठेकेदार पुराने तार को वहीं पोल के सपोर्ट में बांधकर चला गया, जबकि उक्त तार को ठेकेदार द्वारा वापस ले जाया जाना था। पुराने जर्जर तार के नहीं ले जाने के कारण बुधवार की सुबह अचानक उक्त तार में करंट प्रवाहित हो गया। जिसके संपर्क में आने से खेत में काम कर रहे दो किसान की मौत हो गई।
घटना सदर थानाक्षेत्र के उझंडी गांव की है। गांव के वासुदेव मांझी तथा गुरुदेव मांझी बुधवार की सुबह 9 बजे अपने खेतों में धान की रोपनी करने के लिए खेत में कुदाल चला रहे थे। इसी दौरान पोल के सपोर्टिंग तार में बांधकर नीचे रखे पुराने बिजली तार में करंट प्रवाहित हो गया। इस तार के संपर्क में आने से दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में बिजली विभाग के कर्मियों के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है।
विवाद के कारण नहीं हटाया गया पुराना तारग्रामीणों का आरोप था कि ठेकेदार एक साल पहले जब पुराने तार को खोलकर नया तार बदल चुके थे तो उक्त तार को ठेकेदार अपने साथ क्यों नहीं ले गया। उसे वहीं क्यों छोड़ दिया गया। ठेकेदार यदि तार को ले जाते तो उस तार में आज करंट प्रवाहित नहीं होता और दो किसान की मौत नहीं होती। वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग के एसडीओ दिलीप कुमार बताते हैं कि ठेकेदार कहीं भी पुराना तार नहीं छोड़ता। नया तार बदलने के बाद पुराने तार को वे अपने साथ ले जाते हैं। गांव में एक साल से यदि पुराना तार पड़ा है और ठेकेदार नहीं ले गया तो इसमें गांव का ही कुछ विवाद होगा।
सारण के जवान की सहारनपुर में करंट लगने से मौत, गांव में मातम
जलालपुर (सारण) प्रखंड के सकड्डी पंचायत के बसडीला गांव के एक सैनिक की मौत यूपी के सहारनपुर में बिजली के करंट से हो गई। मृतक जवान अर्जुन सिंह का पुत्र संतोष कुमार सिंह बताया गया है। बुधवार की शाम में शव आने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार मृतक अपनी ड्यूटी करने के बाद अपने कैंप में लौट रहा था।तभी वह बिजली के करंट के चपेट में आ गया।इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। जैसे ही इसकी सूचना घरवालों को हुई। उसके बाद परिजन बैचेन हो उठे।मृतक के शव को सीओ धनंजय कुमार तथा थानाध्यक्ष असद्दुल इस्लाम ने जलालपुर थाने की सीमा पर रिसीव किया। बीआरसी दानापुर के जवान भी श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे।घटना के बाद पूरा गांव गमगीन था। बाद में सेमरिया में पूरे सम्मान के साथ अंत्येष्टि प्रक्रिया की गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पत्नी विनीता का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों बच्चे आशीष तथा आंचल अपने पिता को अब भी खोज रहे थे। मृतक संतोष चार भाइयों में सबसे छोटा था।
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