मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सितंबर में चुनाव की तारीख घोषित हो जाएगी। एक बार चुनाव आयोग ने तारीख घोषित कर दी तो फिर नवंबर तक फुर्सत कहां मिलेगी? काम करने के लिए हमारे पास अगस्त तक ही मौका है। जनता का मूड हमको पता है। कोई नहीं चाहता बिहार में फिर से अपराध, अपहरण और नरसंहार का दौर लौटे। जल-जीवन-हरियाली अभियान के पक्ष में बनाई गई मानव शृंखला में हमारे एक आह्वान पर 5 करोड़ 16 लाख लोग कड़ाके की ठंड में भी सड़क पर एक दूसरे का हाथ पकड़ कर खड़े हो गए। क्या इसके बाद भी बताना पड़ेगा कि जनता क्या चाहती है? मुख्यमंत्री बुधवार को समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा और जमुई के कार्यकर्ताओं के वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।जुलाई से स्कूल खुल सकते हैं | मुख्यमंत्री ने बुधवार को जदयू कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत में कहाकि जुलाई में स्कूल खुले तोसभी पंचायतों में नौवीं कक्षा की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। पति-पत्नी ने लोगों की भावनाओं को भड़का कर वोट लिया मुख्यमंत्री ने कहा कि पति-पत्नी ने लोगों की भावनाओं को भड़का कर सिर्फ वोट लिया। राज्य और राज्य के लोगों के लिए कभी कुछ नहीं किया। जनता की बजाए वे लोग अपराधियों को बचाते थे, इसलिए बिहार में अपराध बेलगाम था। वर्ष 2005 में जनता ने सेवा करने का मौका दिया, तब हमने बिहार में कानून का राज कायम किया। हम ना किसी को फंसाते हैं और ना किसी को बचाते हैं। राज्य में पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं को पति-पत्नी के जंगलराज के बारे में बताना है। पंद्रह साल के अपने शासनकाल में उनलोगों ने बिहार का क्या हश्र किया था? इसकी जानकारी नौजवानों को जरूर दीजिए। उस ‘गुजरे जमाने’ की बातों को लोगों के जेहन में ताजा रखना है। पुराने स्टैंड पर कायम-जब तक हमारी सरकार रहेगी बिहार में लागू रहेगी शराबबंदी मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद समाज में सुख और शांति का माहौल कायम हुआ है। यह बात कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रही है। लेकिन ऐसे लोग एक बात अच्छी तरह से समझ लें कि हम जब तक हैं बिहार में शराबबंदी लागू रहेगी। हम अपने इस फैसले से कभी भी पीछे नहीं हटने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम घर में बैठने वाले आदमी नहीं है। कोरोना संक्रमण की वजह से सामूहिक सभाओं रोक है, इसलिए बातचीत में तकनीक का सहारा लेना पड़ रहा है। उपलब्धि पर फोकस-कार्यकर्ताओं को बताया 90:10 का फार्मूला मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार की गतिविधियों में अभी से जुट जाने का टास्क देते हुए उनको 90:10 का फार्मूला समझाया। कहा- समय कम है। जनता के बीच जाइए। पंद्रह साल बनाम पंद्रह साल पर चर्चा करते हुए लोगों को सरकार के कामकाज के बारे में बताइए। बातचीत का 90 प्रतिशत समय हमें अपनी उपलब्धियों की चर्चा पर देना है। वहीं सिर्फ 10 प्रतिशत समय विपक्ष के दुष्प्रचार का जवाब देने में लगाइए। इधर आयोग की तैयारी-इस बार 25 फीसदी तक बढ़ सकती है बूथों की संख्या बिहार विधानसभा के चुनाव में इस बार बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मतदान केंद्रों की संख्या में 25% तक की वृद्धि की जा सकती है। बिहार में फिलहाल 72 हज़ार मतदान केंद्र हैं । कोरोना संक्रमण और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रख कर इसपर मंथन शुरू हो गया है। यही वजह है कि निर्वाचन विभाग ने सभी जिलों के डीएम को बूथों के भौतिक सत्यापन का निर्देश दिया है। बूथों की संख्या ही काफी हद तक यह तय करेगी कि इस बार ईवीएम की संख्या और सुरक्षा इंतजाम कैसे होंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार की गतिविधियों में अभी से जुट जाने का टास्क देते हुए उनको 90:10 का फार्मूला समझाया। - VTM Breaking News

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Thursday, June 11, 2020

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सितंबर में चुनाव की तारीख घोषित हो जाएगी। एक बार चुनाव आयोग ने तारीख घोषित कर दी तो फिर नवंबर तक फुर्सत कहां मिलेगी? काम करने के लिए हमारे पास अगस्त तक ही मौका है। जनता का मूड हमको पता है। कोई नहीं चाहता बिहार में फिर से अपराध, अपहरण और नरसंहार का दौर लौटे। जल-जीवन-हरियाली अभियान के पक्ष में बनाई गई मानव शृंखला में हमारे एक आह्वान पर 5 करोड़ 16 लाख लोग कड़ाके की ठंड में भी सड़क पर एक दूसरे का हाथ पकड़ कर खड़े हो गए। क्या इसके बाद भी बताना पड़ेगा कि जनता क्या चाहती है? मुख्यमंत्री बुधवार को समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा और जमुई के कार्यकर्ताओं के वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।जुलाई से स्कूल खुल सकते हैं | मुख्यमंत्री ने बुधवार को जदयू कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत में कहाकि जुलाई में स्कूल खुले तोसभी पंचायतों में नौवीं कक्षा की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। पति-पत्नी ने लोगों की भावनाओं को भड़का कर वोट लिया मुख्यमंत्री ने कहा कि पति-पत्नी ने लोगों की भावनाओं को भड़का कर सिर्फ वोट लिया। राज्य और राज्य के लोगों के लिए कभी कुछ नहीं किया। जनता की बजाए वे लोग अपराधियों को बचाते थे, इसलिए बिहार में अपराध बेलगाम था। वर्ष 2005 में जनता ने सेवा करने का मौका दिया, तब हमने बिहार में कानून का राज कायम किया। हम ना किसी को फंसाते हैं और ना किसी को बचाते हैं। राज्य में पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं को पति-पत्नी के जंगलराज के बारे में बताना है। पंद्रह साल के अपने शासनकाल में उनलोगों ने बिहार का क्या हश्र किया था? इसकी जानकारी नौजवानों को जरूर दीजिए। उस ‘गुजरे जमाने’ की बातों को लोगों के जेहन में ताजा रखना है। पुराने स्टैंड पर कायम-जब तक हमारी सरकार रहेगी बिहार में लागू रहेगी शराबबंदी मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद समाज में सुख और शांति का माहौल कायम हुआ है। यह बात कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रही है। लेकिन ऐसे लोग एक बात अच्छी तरह से समझ लें कि हम जब तक हैं बिहार में शराबबंदी लागू रहेगी। हम अपने इस फैसले से कभी भी पीछे नहीं हटने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम घर में बैठने वाले आदमी नहीं है। कोरोना संक्रमण की वजह से सामूहिक सभाओं रोक है, इसलिए बातचीत में तकनीक का सहारा लेना पड़ रहा है। उपलब्धि पर फोकस-कार्यकर्ताओं को बताया 90:10 का फार्मूला मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार की गतिविधियों में अभी से जुट जाने का टास्क देते हुए उनको 90:10 का फार्मूला समझाया। कहा- समय कम है। जनता के बीच जाइए। पंद्रह साल बनाम पंद्रह साल पर चर्चा करते हुए लोगों को सरकार के कामकाज के बारे में बताइए। बातचीत का 90 प्रतिशत समय हमें अपनी उपलब्धियों की चर्चा पर देना है। वहीं सिर्फ 10 प्रतिशत समय विपक्ष के दुष्प्रचार का जवाब देने में लगाइए। इधर आयोग की तैयारी-इस बार 25 फीसदी तक बढ़ सकती है बूथों की संख्या बिहार विधानसभा के चुनाव में इस बार बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मतदान केंद्रों की संख्या में 25% तक की वृद्धि की जा सकती है। बिहार में फिलहाल 72 हज़ार मतदान केंद्र हैं । कोरोना संक्रमण और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रख कर इसपर मंथन शुरू हो गया है। यही वजह है कि निर्वाचन विभाग ने सभी जिलों के डीएम को बूथों के भौतिक सत्यापन का निर्देश दिया है। बूथों की संख्या ही काफी हद तक यह तय करेगी कि इस बार ईवीएम की संख्या और सुरक्षा इंतजाम कैसे होंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार की गतिविधियों में अभी से जुट जाने का टास्क देते हुए उनको 90:10 का फार्मूला समझाया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सितंबर में चुनाव की तारीख घोषित हो जाएगी। एक बार चुनाव आयोग ने तारीख घोषित कर दी तो फिर नवंबर तक फुर्सत कहां मिलेगी? काम करने के लिए हमारे पास अगस्त तक ही मौका है। जनता का मूड हमको पता है। कोई नहीं चाहता बिहार में फिर से अपराध, अपहरण और नरसंहार का दौर लौटे। जल-जीवन-हरियाली अभियान के पक्ष में बनाई गई मानव शृंखला में हमारे एक आह्वान पर 5 करोड़ 16 लाख लोग कड़ाके की ठंड में भी सड़क पर एक दूसरे का हाथ पकड़ कर खड़े हो गए।

क्या इसके बाद भी बताना पड़ेगा कि जनता क्या चाहती है? मुख्यमंत्री बुधवार को समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा और जमुई के कार्यकर्ताओं के वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।जुलाई से स्कूल खुल सकते हैं | मुख्यमंत्री ने बुधवार को जदयू कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत में कहाकि जुलाई में स्कूल खुले तोसभी पंचायतों में नौवीं कक्षा की पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

पति-पत्नी ने लोगों की भावनाओं को भड़का कर वोट लिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पति-पत्नी ने लोगों की भावनाओं को भड़का कर सिर्फ वोट लिया। राज्य और राज्य के लोगों के लिए कभी कुछ नहीं किया। जनता की बजाए वे लोग अपराधियों को बचाते थे, इसलिए बिहार में अपराध बेलगाम था। वर्ष 2005 में जनता ने सेवा करने का मौका दिया, तब हमने बिहार में कानून का राज कायम किया। हम ना किसी को फंसाते हैं और ना किसी को बचाते हैं। राज्य में पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं को पति-पत्नी के जंगलराज के बारे में बताना है। पंद्रह साल के अपने शासनकाल में उनलोगों ने बिहार का क्या हश्र किया था? इसकी जानकारी नौजवानों को जरूर दीजिए। उस ‘गुजरे जमाने’ की बातों को लोगों के जेहन में ताजा रखना है।

पुराने स्टैंड पर कायम-जब तक हमारी सरकार रहेगी बिहार में लागू रहेगी शराबबंदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद समाज में सुख और शांति का माहौल कायम हुआ है। यह बात कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रही है। लेकिन ऐसे लोग एक बात अच्छी तरह से समझ लें कि हम जब तक हैं बिहार में शराबबंदी लागू रहेगी। हम अपने इस फैसले से कभी भी पीछे नहीं हटने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम घर में बैठने वाले आदमी नहीं है। कोरोना संक्रमण की वजह से सामूहिक सभाओं रोक है, इसलिए बातचीत में तकनीक का सहारा लेना पड़ रहा है।

उपलब्धि पर फोकस-कार्यकर्ताओं को बताया 90:10 का फार्मूला
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार की गतिविधियों में अभी से जुट जाने का टास्क देते हुए उनको 90:10 का फार्मूला समझाया। कहा- समय कम है। जनता के बीच जाइए। पंद्रह साल बनाम पंद्रह साल पर चर्चा करते हुए लोगों को सरकार के कामकाज के बारे में बताइए। बातचीत का 90 प्रतिशत समय हमें अपनी उपलब्धियों की चर्चा पर देना है। वहीं सिर्फ 10 प्रतिशत समय विपक्ष के दुष्प्रचार का जवाब देने में लगाइए।

इधर आयोग की तैयारी-इस बार 25 फीसदी तक बढ़ सकती है बूथों की संख्या
बिहार विधानसभा के चुनाव में इस बार बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मतदान केंद्रों की संख्या में 25% तक की वृद्धि की जा सकती है। बिहार में फिलहाल 72 हज़ार मतदान केंद्र हैं । कोरोना संक्रमण और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रख कर इसपर मंथन शुरू हो गया है। यही वजह है कि निर्वाचन विभाग ने सभी जिलों के डीएम को बूथों के भौतिक सत्यापन का निर्देश दिया है। बूथों की संख्या ही काफी हद तक यह तय करेगी कि इस बार ईवीएम की संख्या और सुरक्षा इंतजाम कैसे होंगे।



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