वित्त विभाग मानसून सत्र की तैयारी में जुट गया है। सभी विभागों से प्रथम अनुपूरक के लिए खर्च का विवरण मांगा गया है। विधानमंडल के इसी सत्र में प्रथम अनुपूरक का लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखा जाना है। विभागों से यह भी कहा गया है कि हर हाल में खर्च राजकोषीय घाटा के लिए निर्धारित सीमा 3 फीसदी के अंदर हो। इसके लिए जरूरी खर्च का प्रस्ताव वित्त विभाग काे भेजें। बजट में जिन केंद्रीय योजनाओं की मैचिंग राशि का निर्धारण नहीं किया गया है, उनके लिए नया प्रस्ताव भी भेजने का निर्देश दिया गया है। 29 जून तक विभाग भेज सकते हैं प्रस्ताव : वित्त विभाग ने सभी विभागों को व्यय का पूरा विवरण तैयार कर 29 जून तक भेजने के लिए कहा है। स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मदद में केवल उन राशि का ही प्रस्ताव भेजने के लिए कहा, जो अनिवार्य है। योजना एवं विकास विभाग से कहा गया है कि राज्य स्कीम के लिए अगर किसी विभाग द्वारा अतिरिक्त राशि की मांग की गई, तो मूल विभाग की संचिका भी प्रस्ताव के साथ संलग्न करें। वहीं केंद्रीय योजना के मद में विभाग को केद्रांश की राशि मिल गई हो तो राज्यांश की मांग की जा सकती है। नई केंद्रीय योजना के लिए बजट में अलग से भेज सकते हैं प्रस्ताव वित्त विभाग ने कहा है कि नई केंद्रीय योजना के लिए यदि बजट में कोई प्रस्ताव नहीं है तो इसके लिए अलग से योजना एवं विकास विभाग प्रस्ताव भेज सकता है। वहीं वैसी योजनाएं, जिनके लिए केंद्र सरकार से राशि मिल चुकी है, लेकिन राज्य निधि से प्रावधान नहीं किया गया है, विभागों काे इसके के लिए मैचिंग राशि का प्रस्ताव भेजने के लिए भी कहा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today विधानमंडल के इसी सत्र में प्रथम अनुपूरक का लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखा जाना है। - VTM Breaking News

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Sunday, June 21, 2020

वित्त विभाग मानसून सत्र की तैयारी में जुट गया है। सभी विभागों से प्रथम अनुपूरक के लिए खर्च का विवरण मांगा गया है। विधानमंडल के इसी सत्र में प्रथम अनुपूरक का लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखा जाना है। विभागों से यह भी कहा गया है कि हर हाल में खर्च राजकोषीय घाटा के लिए निर्धारित सीमा 3 फीसदी के अंदर हो। इसके लिए जरूरी खर्च का प्रस्ताव वित्त विभाग काे भेजें। बजट में जिन केंद्रीय योजनाओं की मैचिंग राशि का निर्धारण नहीं किया गया है, उनके लिए नया प्रस्ताव भी भेजने का निर्देश दिया गया है। 29 जून तक विभाग भेज सकते हैं प्रस्ताव : वित्त विभाग ने सभी विभागों को व्यय का पूरा विवरण तैयार कर 29 जून तक भेजने के लिए कहा है। स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मदद में केवल उन राशि का ही प्रस्ताव भेजने के लिए कहा, जो अनिवार्य है। योजना एवं विकास विभाग से कहा गया है कि राज्य स्कीम के लिए अगर किसी विभाग द्वारा अतिरिक्त राशि की मांग की गई, तो मूल विभाग की संचिका भी प्रस्ताव के साथ संलग्न करें। वहीं केंद्रीय योजना के मद में विभाग को केद्रांश की राशि मिल गई हो तो राज्यांश की मांग की जा सकती है। नई केंद्रीय योजना के लिए बजट में अलग से भेज सकते हैं प्रस्ताव वित्त विभाग ने कहा है कि नई केंद्रीय योजना के लिए यदि बजट में कोई प्रस्ताव नहीं है तो इसके लिए अलग से योजना एवं विकास विभाग प्रस्ताव भेज सकता है। वहीं वैसी योजनाएं, जिनके लिए केंद्र सरकार से राशि मिल चुकी है, लेकिन राज्य निधि से प्रावधान नहीं किया गया है, विभागों काे इसके के लिए मैचिंग राशि का प्रस्ताव भेजने के लिए भी कहा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today विधानमंडल के इसी सत्र में प्रथम अनुपूरक का लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखा जाना है।

वित्त विभाग मानसून सत्र की तैयारी में जुट गया है। सभी विभागों से प्रथम अनुपूरक के लिए खर्च का विवरण मांगा गया है। विधानमंडल के इसी सत्र में प्रथम अनुपूरक का लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखा जाना है। विभागों से यह भी कहा गया है कि हर हाल में खर्च राजकोषीय घाटा के लिए निर्धारित सीमा 3 फीसदी के अंदर हो। इसके लिए जरूरी खर्च का प्रस्ताव वित्त विभाग काे भेजें। बजट में जिन केंद्रीय योजनाओं की मैचिंग राशि का निर्धारण नहीं किया गया है, उनके लिए नया प्रस्ताव भी भेजने का निर्देश दिया गया है।
29 जून तक विभाग भेज सकते हैं प्रस्ताव : वित्त विभाग ने सभी विभागों को व्यय का पूरा विवरण तैयार कर 29 जून तक भेजने के लिए कहा है। स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मदद में केवल उन राशि का ही प्रस्ताव भेजने के लिए कहा, जो अनिवार्य है। योजना एवं विकास विभाग से कहा गया है कि राज्य स्कीम के लिए अगर किसी विभाग द्वारा अतिरिक्त राशि की मांग की गई, तो मूल विभाग की संचिका भी प्रस्ताव के साथ संलग्न करें। वहीं केंद्रीय योजना के मद में विभाग को केद्रांश की राशि मिल गई हो तो राज्यांश की मांग की जा सकती है।
नई केंद्रीय योजना के लिए बजट में अलग से भेज सकते हैं प्रस्ताव
वित्त विभाग ने कहा है कि नई केंद्रीय योजना के लिए यदि बजट में कोई प्रस्ताव नहीं है तो इसके लिए अलग से योजना एवं विकास विभाग प्रस्ताव भेज सकता है। वहीं वैसी योजनाएं, जिनके लिए केंद्र सरकार से राशि मिल चुकी है, लेकिन राज्य निधि से प्रावधान नहीं किया गया है, विभागों काे इसके के लिए मैचिंग राशि का प्रस्ताव भेजने के लिए भी कहा गया है।



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विधानमंडल के इसी सत्र में प्रथम अनुपूरक का लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखा जाना है।


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