भर्राही ओपी क्षेत्र के मदनपुर में एक रिटायर्ड मेजर की कनप‌टी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शनिवार की रात लगभग पौने बारह बजे की है। मामला तीन कट्‌ठा जमीन के विवाद से जुड़ा हुआ है। जमीन को लेकर जारी तनाव को तो पुलिस ने तत्काल सुलझा दिया था, बावजूद विपक्षीगण रिटायर्ड मेजर और उनके बेटे को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। परिजनों ने बताया कि शनिवार की रात को दो बाइक पर चार लड़के उनके घर पर आए और रिटायर्ड मेजर सियाराम प्रसाद यादव को चाचा...चाचा कहकर पुकारने लगे। बाइक सवार उनसे पूर्णिया जाने के लिए गाड़ी की मांग कर रहे थे। इस पर कमरे से उठकर वे गेट के ग्रिल तक आए और गाड़ी का ड्राइवर नहीं होने की बात कहकर गाड़ी नहीं देने की बात कहने लगे। इतने में एक लड़के ने ग्रिल के अंदर से रिटायर्ड मेजर की बांह मरोड़ते हुए कनप‌टी में सटाकर गोली मार दी, इससे वे वहीं पर गिर गए। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग और घरवाले जबतक बाहर निकलते, हमलावर फरार हो चुके थे। रात को ही उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। घटना को लेकर रिटायर्ड मेजर के पुत्र अनुज कुमार ने नवीन यादव, उपेंद्र यादव पर आरोप लगाया है। भर्राही पुलिस ने मामले में रौशन कुमार, मनोज कुमार और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। पिता ने 1971 में लड़ी थी जंग, घर में ही उन्हें पुलिस से नहीं मिला न्याय : अनुज बेटे अनुज ने बताया कि उनके पिता ने 1971 की जंग लड़ी। असम में उल्फा उग्रवादियों से मुकाबला किया। पंजाब में खालिस्तान आतंकवादियों से लड़े। लेकिन घर में ही उन्हें पुलिस से न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पिता ने 32 साल देश की सेवा की। आठ मेडल मिला। दो बार राष्ट्रपति से सम्मानित किए गए। लेकिन घर में ही उन्हें गोली मार दी गई। जब फौजी ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की क्या स्थिति होगी। सारे आरोप गलत हैं, कार्रवाई की गई थी : ओपी प्रभारी आरोपों के बाबत ओपी प्रभारी त्रिभुवन पांडेय ने बताया कि उनपर लगाया गया आरोप गलत है। पूर्व में जमीन विवाद का आवेदन मिला था। अमीन से मापी करवाकर मामले को सुलझा दिया गया था। बाद में रिटायर्ड फौजी के बेटे ने आकर कहा था कि वे लोग गाली-गलौज करते हैं। उन्होंने लिखकर दिया था। एक सप्ताह पूर्व केस भी कर दिया गया। दो बार आरोपियों के घर पर रेड भी मारा गया, लेकिन वे सभी फरार थे। इस कारण से गिरफ्तारी नहीं हो पाई। तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है। बेट ने लगाया भर्राही पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप मेजर यादव के बेटे अनुज कुमार यादव ने कहा कि पिछले दो महीने से उनका नवीन यादव से जमीन का विवाद चल रहा था। इस मामले में वे लोग उनके पिता-पुत्र को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत कई बार भर्राही ओपी अध्यक्ष त्रिभुवन पांडेय से की गई। लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। अनुज ने कहा कि छह बार उसके पिता थाना पर गए। 20 बार तो फोन भी किया। बावजूद जब कोई कार्रवाई उन्होंने नहीं की, तो हारकर एसपी, डीआईजी और डीजीपी को आवेदन भेजा। इसके बाद एसपी से मिले। उन्होंने आदेश दिया तो ओपी प्रभारी ने केस दर्ज करने से पहले मामले को सुलझा दिया। जमीन की मापी भी करा दी गई। बावजूद वे लोग लगातार धमकी देते रहे। इसमें भी सिर्फ केस ही हुआ। इस बीच शनिवार की रात को उनलोगों ने आकर पिता को गोली मार दी। उन्होंने कहा कि थाने में भी उनलोगों ने दारोगा के सामने पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। एसपी के आदेश पर ओपी प्रभारी ने केस ताे किया, पर उनलोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रविवार को रोते-बिलखते रिटायर्ड मेजर के परिजन। - VTM Breaking News

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Monday, June 15, 2020

भर्राही ओपी क्षेत्र के मदनपुर में एक रिटायर्ड मेजर की कनप‌टी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शनिवार की रात लगभग पौने बारह बजे की है। मामला तीन कट्‌ठा जमीन के विवाद से जुड़ा हुआ है। जमीन को लेकर जारी तनाव को तो पुलिस ने तत्काल सुलझा दिया था, बावजूद विपक्षीगण रिटायर्ड मेजर और उनके बेटे को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। परिजनों ने बताया कि शनिवार की रात को दो बाइक पर चार लड़के उनके घर पर आए और रिटायर्ड मेजर सियाराम प्रसाद यादव को चाचा...चाचा कहकर पुकारने लगे। बाइक सवार उनसे पूर्णिया जाने के लिए गाड़ी की मांग कर रहे थे। इस पर कमरे से उठकर वे गेट के ग्रिल तक आए और गाड़ी का ड्राइवर नहीं होने की बात कहकर गाड़ी नहीं देने की बात कहने लगे। इतने में एक लड़के ने ग्रिल के अंदर से रिटायर्ड मेजर की बांह मरोड़ते हुए कनप‌टी में सटाकर गोली मार दी, इससे वे वहीं पर गिर गए। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग और घरवाले जबतक बाहर निकलते, हमलावर फरार हो चुके थे। रात को ही उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। घटना को लेकर रिटायर्ड मेजर के पुत्र अनुज कुमार ने नवीन यादव, उपेंद्र यादव पर आरोप लगाया है। भर्राही पुलिस ने मामले में रौशन कुमार, मनोज कुमार और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। पिता ने 1971 में लड़ी थी जंग, घर में ही उन्हें पुलिस से नहीं मिला न्याय : अनुज बेटे अनुज ने बताया कि उनके पिता ने 1971 की जंग लड़ी। असम में उल्फा उग्रवादियों से मुकाबला किया। पंजाब में खालिस्तान आतंकवादियों से लड़े। लेकिन घर में ही उन्हें पुलिस से न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पिता ने 32 साल देश की सेवा की। आठ मेडल मिला। दो बार राष्ट्रपति से सम्मानित किए गए। लेकिन घर में ही उन्हें गोली मार दी गई। जब फौजी ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की क्या स्थिति होगी। सारे आरोप गलत हैं, कार्रवाई की गई थी : ओपी प्रभारी आरोपों के बाबत ओपी प्रभारी त्रिभुवन पांडेय ने बताया कि उनपर लगाया गया आरोप गलत है। पूर्व में जमीन विवाद का आवेदन मिला था। अमीन से मापी करवाकर मामले को सुलझा दिया गया था। बाद में रिटायर्ड फौजी के बेटे ने आकर कहा था कि वे लोग गाली-गलौज करते हैं। उन्होंने लिखकर दिया था। एक सप्ताह पूर्व केस भी कर दिया गया। दो बार आरोपियों के घर पर रेड भी मारा गया, लेकिन वे सभी फरार थे। इस कारण से गिरफ्तारी नहीं हो पाई। तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है। बेट ने लगाया भर्राही पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप मेजर यादव के बेटे अनुज कुमार यादव ने कहा कि पिछले दो महीने से उनका नवीन यादव से जमीन का विवाद चल रहा था। इस मामले में वे लोग उनके पिता-पुत्र को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत कई बार भर्राही ओपी अध्यक्ष त्रिभुवन पांडेय से की गई। लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। अनुज ने कहा कि छह बार उसके पिता थाना पर गए। 20 बार तो फोन भी किया। बावजूद जब कोई कार्रवाई उन्होंने नहीं की, तो हारकर एसपी, डीआईजी और डीजीपी को आवेदन भेजा। इसके बाद एसपी से मिले। उन्होंने आदेश दिया तो ओपी प्रभारी ने केस दर्ज करने से पहले मामले को सुलझा दिया। जमीन की मापी भी करा दी गई। बावजूद वे लोग लगातार धमकी देते रहे। इसमें भी सिर्फ केस ही हुआ। इस बीच शनिवार की रात को उनलोगों ने आकर पिता को गोली मार दी। उन्होंने कहा कि थाने में भी उनलोगों ने दारोगा के सामने पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। एसपी के आदेश पर ओपी प्रभारी ने केस ताे किया, पर उनलोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रविवार को रोते-बिलखते रिटायर्ड मेजर के परिजन।

भर्राही ओपी क्षेत्र के मदनपुर में एक रिटायर्ड मेजर की कनप‌टी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शनिवार की रात लगभग पौने बारह बजे की है। मामला तीन कट्‌ठा जमीन के विवाद से जुड़ा हुआ है। जमीन को लेकर जारी तनाव को तो पुलिस ने तत्काल सुलझा दिया था, बावजूद विपक्षीगण रिटायर्ड मेजर और उनके बेटे को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। परिजनों ने बताया कि शनिवार की रात को दो बाइक पर चार लड़के उनके घर पर आए और रिटायर्ड मेजर सियाराम प्रसाद यादव को चाचा...चाचा कहकर पुकारने लगे।
बाइक सवार उनसे पूर्णिया जाने के लिए गाड़ी की मांग कर रहे थे। इस पर कमरे से उठकर वे गेट के ग्रिल तक आए और गाड़ी का ड्राइवर नहीं होने की बात कहकर गाड़ी नहीं देने की बात कहने लगे। इतने में एक लड़के ने ग्रिल के अंदर से रिटायर्ड मेजर की बांह मरोड़ते हुए कनप‌टी में सटाकर गोली मार दी, इससे वे वहीं पर गिर गए। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग और घरवाले जबतक बाहर निकलते, हमलावर फरार हो चुके थे। रात को ही उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। घटना को लेकर रिटायर्ड मेजर के पुत्र अनुज कुमार ने नवीन यादव, उपेंद्र यादव पर आरोप लगाया है। भर्राही पुलिस ने मामले में रौशन कुमार, मनोज कुमार और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

पिता ने 1971 में लड़ी थी जंग, घर में ही उन्हें पुलिस से नहीं मिला न्याय : अनुज
बेटे अनुज ने बताया कि उनके पिता ने 1971 की जंग लड़ी। असम में उल्फा उग्रवादियों से मुकाबला किया। पंजाब में खालिस्तान आतंकवादियों से लड़े। लेकिन घर में ही उन्हें पुलिस से न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पिता ने 32 साल देश की सेवा की। आठ मेडल मिला। दो बार राष्ट्रपति से सम्मानित किए गए। लेकिन घर में ही उन्हें गोली मार दी गई। जब फौजी ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की क्या स्थिति होगी।

सारे आरोप गलत हैं, कार्रवाई की गई थी : ओपी प्रभारी
आरोपों के बाबत ओपी प्रभारी त्रिभुवन पांडेय ने बताया कि उनपर लगाया गया आरोप गलत है। पूर्व में जमीन विवाद का आवेदन मिला था। अमीन से मापी करवाकर मामले को सुलझा दिया गया था। बाद में रिटायर्ड फौजी के बेटे ने आकर कहा था कि वे लोग गाली-गलौज करते हैं। उन्होंने लिखकर दिया था। एक सप्ताह पूर्व केस भी कर दिया गया। दो बार आरोपियों के घर पर रेड भी मारा गया, लेकिन वे सभी फरार थे। इस कारण से गिरफ्तारी नहीं हो पाई। तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

बेट ने लगाया भर्राही पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
मेजर यादव के बेटे अनुज कुमार यादव ने कहा कि पिछले दो महीने से उनका नवीन यादव से जमीन का विवाद चल रहा था। इस मामले में वे लोग उनके पिता-पुत्र को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत कई बार भर्राही ओपी अध्यक्ष त्रिभुवन पांडेय से की गई। लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। अनुज ने कहा कि छह बार उसके पिता थाना पर गए। 20 बार तो फोन भी किया। बावजूद जब कोई कार्रवाई उन्होंने नहीं की, तो हारकर एसपी, डीआईजी और डीजीपी को आवेदन भेजा। इसके बाद एसपी से मिले। उन्होंने आदेश दिया तो ओपी प्रभारी ने केस दर्ज करने से पहले मामले को सुलझा दिया। जमीन की मापी भी करा दी गई। बावजूद वे लोग लगातार धमकी देते रहे। इसमें भी सिर्फ केस ही हुआ। इस बीच शनिवार की रात को उनलोगों ने आकर पिता को गोली मार दी। उन्होंने कहा कि थाने में भी उनलोगों ने दारोगा के सामने पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। एसपी के आदेश पर ओपी प्रभारी ने केस ताे किया, पर उनलोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।



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