मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा- हम काम करते हैं, इसलिए वोटों की चिंता में नहीं पड़ते। हम हमेशा राज्यवासियों के हित में सोचते हैं और यहां के एक-एक आदमी की चिंता करते हैं। कोविड-19 जैसी आपदा के समय लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। हमारा काम करने का तरीका न तो जाति पर आधारित है और न ही किसी संप्रदाय पर। हम समाज के सभी वर्ग के लिए समान रूप से काम करते हैं। वर्ष 2005 के नवंबर में बिहार के लोगों ने सेवा करने का मौका दिया, उस समय से हालात को बेहतर बनाने के लिए हम दिन-रात लगातार काम कर रहे हैं। और जब तक रहेंगे, न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर ही चलेंगे। मुख्यमंत्री सोमवार को सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और दरभंगा के जदयू कार्यकर्ताओं से वीडियाे कांफ्रेंसिंग के जरिय बात कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि कुछ महीनों के बाद चुनाव होने वाले हैं। समाज के माहौल को खराब करने की कोशिश होगी। आप सबों को सजग और सतर्क रहना है। कोरोना संकट के दौरान जिस तरह से आप लोगों (जदयू कार्यकर्ता) ने संयम और समझदारी दिखाई, ठीक उसी तरह दूसरों की बातों में आए बिना हमें समाज में भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखना है। विपक्ष की हर चाल को नाकाम करना है। इसके लिए पूरा जोर लगा देना है। क्वारेंटाइन सेंटर में हर व्यक्ति पर 5300 रुपए किए गए खर्च मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार गरीब राज्य हैं, लेकिन हमलोगों की जो भी स्थिति है, उससे बढ़कर मदद करते हैं। कोरोना संकट के दौरान लोगों के बीच राहत-बचाव पर 8538 करोड़ रुपए खर्च हुए। क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिन तक रखने के लिए एक व्यक्ति पर 5300 रुपए खर्च किए गए। चाहे बाढ़-सुखाड़ का मामला हो या कोरोना संकट का, बिहार के लोगों की मदद से हमने हर चुनौती को अवसर में तब्दील करके दिखाया है। हमने समाज के हर क्षेत्र के लिए काम किया। हमारी योजनाएं यूनिवर्सल होती है। 15 साल बनाम 15 साल के नारे पर होगा विधानसभा चुनाव राज्यसभा में जदयू के नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि हमारे पास नेता भी है, नीयत भी है और नीति भी है। हम 15 साल बनाम 15 साल के नारे पर चुनाव लड़ेंगे। ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास की लंबी लकीर खींची है। आज बिहार देश के दूसरे राज्यों को भी रास्ता दिखा रहा है। बिहार पहला राज्य है, जिसने कोरोना संकट में बाहर फंसे लोगों को आर्थिक सहायता दी। राजद राज में बेपटरी हो चुके राज्य को नीतीश ने पटरी पर लाया सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने राजद राज में बेपटरी हो चुके बिहार को पटरी पर लाया और उसे विकास की नई उछाल दी। मंत्री संजय झा ने कहा कि 2005 से पहले 24 घंटे बिजली सिर्फ उस समय के मुख्यमंत्री के घर में ही रहती थी। डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि आजाद भारत में नीतीश कुमार ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई शुरू की है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुख्यमंत्री नीतीश कुमार - VTM Breaking News

  VTM Breaking News

English AND Hindi News latest,Viral,Breaking,Live,Website,India,World,Sport,Business,Movie,Serial,tv,crime,All Type News

Breaking

Post Top Ad


Amazon Best Offer

Tuesday, June 09, 2020

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा- हम काम करते हैं, इसलिए वोटों की चिंता में नहीं पड़ते। हम हमेशा राज्यवासियों के हित में सोचते हैं और यहां के एक-एक आदमी की चिंता करते हैं। कोविड-19 जैसी आपदा के समय लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। हमारा काम करने का तरीका न तो जाति पर आधारित है और न ही किसी संप्रदाय पर। हम समाज के सभी वर्ग के लिए समान रूप से काम करते हैं। वर्ष 2005 के नवंबर में बिहार के लोगों ने सेवा करने का मौका दिया, उस समय से हालात को बेहतर बनाने के लिए हम दिन-रात लगातार काम कर रहे हैं। और जब तक रहेंगे, न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर ही चलेंगे। मुख्यमंत्री सोमवार को सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और दरभंगा के जदयू कार्यकर्ताओं से वीडियाे कांफ्रेंसिंग के जरिय बात कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि कुछ महीनों के बाद चुनाव होने वाले हैं। समाज के माहौल को खराब करने की कोशिश होगी। आप सबों को सजग और सतर्क रहना है। कोरोना संकट के दौरान जिस तरह से आप लोगों (जदयू कार्यकर्ता) ने संयम और समझदारी दिखाई, ठीक उसी तरह दूसरों की बातों में आए बिना हमें समाज में भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखना है। विपक्ष की हर चाल को नाकाम करना है। इसके लिए पूरा जोर लगा देना है। क्वारेंटाइन सेंटर में हर व्यक्ति पर 5300 रुपए किए गए खर्च मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार गरीब राज्य हैं, लेकिन हमलोगों की जो भी स्थिति है, उससे बढ़कर मदद करते हैं। कोरोना संकट के दौरान लोगों के बीच राहत-बचाव पर 8538 करोड़ रुपए खर्च हुए। क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिन तक रखने के लिए एक व्यक्ति पर 5300 रुपए खर्च किए गए। चाहे बाढ़-सुखाड़ का मामला हो या कोरोना संकट का, बिहार के लोगों की मदद से हमने हर चुनौती को अवसर में तब्दील करके दिखाया है। हमने समाज के हर क्षेत्र के लिए काम किया। हमारी योजनाएं यूनिवर्सल होती है। 15 साल बनाम 15 साल के नारे पर होगा विधानसभा चुनाव राज्यसभा में जदयू के नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि हमारे पास नेता भी है, नीयत भी है और नीति भी है। हम 15 साल बनाम 15 साल के नारे पर चुनाव लड़ेंगे। ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास की लंबी लकीर खींची है। आज बिहार देश के दूसरे राज्यों को भी रास्ता दिखा रहा है। बिहार पहला राज्य है, जिसने कोरोना संकट में बाहर फंसे लोगों को आर्थिक सहायता दी। राजद राज में बेपटरी हो चुके राज्य को नीतीश ने पटरी पर लाया सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने राजद राज में बेपटरी हो चुके बिहार को पटरी पर लाया और उसे विकास की नई उछाल दी। मंत्री संजय झा ने कहा कि 2005 से पहले 24 घंटे बिजली सिर्फ उस समय के मुख्यमंत्री के घर में ही रहती थी। डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि आजाद भारत में नीतीश कुमार ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई शुरू की है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा- हम काम करते हैं, इसलिए वोटों की चिंता में नहीं पड़ते। हम हमेशा राज्यवासियों के हित में सोचते हैं और यहां के एक-एक आदमी की चिंता करते हैं। कोविड-19 जैसी आपदा के समय लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। हमारा काम करने का तरीका न तो जाति पर आधारित है और न ही किसी संप्रदाय पर। हम समाज के सभी वर्ग के लिए समान रूप से काम करते हैं। वर्ष 2005 के नवंबर में बिहार के लोगों ने सेवा करने का मौका दिया, उस समय से हालात को बेहतर बनाने के लिए हम दिन-रात लगातार काम कर रहे हैं। और जब तक रहेंगे, न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर ही चलेंगे। मुख्यमंत्री सोमवार को सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और दरभंगा के जदयू कार्यकर्ताओं से वीडियाे कांफ्रेंसिंग के जरिय बात कर रहे थे।

उन्हाेंने कहा कि कुछ महीनों के बाद चुनाव होने वाले हैं। समाज के माहौल को खराब करने की कोशिश होगी। आप सबों को सजग और सतर्क रहना है। कोरोना संकट के दौरान जिस तरह से आप लोगों (जदयू कार्यकर्ता) ने संयम और समझदारी दिखाई, ठीक उसी तरह दूसरों की बातों में आए बिना हमें समाज में भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखना है। विपक्ष की हर चाल को नाकाम करना है। इसके लिए पूरा जोर लगा देना है।

क्वारेंटाइन सेंटर में हर व्यक्ति पर 5300 रुपए किए गए खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार गरीब राज्य हैं, लेकिन हमलोगों की जो भी स्थिति है, उससे बढ़कर मदद करते हैं। कोरोना संकट के दौरान लोगों के बीच राहत-बचाव पर 8538 करोड़ रुपए खर्च हुए। क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिन तक रखने के लिए एक व्यक्ति पर 5300 रुपए खर्च किए गए। चाहे बाढ़-सुखाड़ का मामला हो या कोरोना संकट का, बिहार के लोगों की मदद से हमने हर चुनौती को अवसर में तब्दील करके दिखाया है। हमने समाज के हर क्षेत्र के लिए काम किया। हमारी योजनाएं यूनिवर्सल होती है।

15 साल बनाम 15 साल के नारे पर होगा विधानसभा चुनाव
राज्यसभा में जदयू के नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि हमारे पास नेता भी है, नीयत भी है और नीति भी है। हम 15 साल बनाम 15 साल के नारे पर चुनाव लड़ेंगे। ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास की लंबी लकीर खींची है। आज बिहार देश के दूसरे राज्यों को भी रास्ता दिखा रहा है। बिहार पहला राज्य है, जिसने कोरोना संकट में बाहर फंसे लोगों को आर्थिक सहायता दी।
राजद राज में बेपटरी हो चुके राज्य को नीतीश ने पटरी पर लाया
सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने राजद राज में बेपटरी हो चुके बिहार को पटरी पर लाया और उसे विकास की नई उछाल दी। मंत्री संजय झा ने कहा कि 2005 से पहले 24 घंटे बिजली सिर्फ उस समय के मुख्यमंत्री के घर में ही रहती थी। डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि आजाद भारत में नीतीश कुमार ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई शुरू की है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/37dEMa4

No comments:

Post a Comment

Please don’t enter any spam link in the comment

Featured post

‘Voodoo Rituals’ and Banana Wars: U.S. Military Action in Latin America https://ift.tt/iGwMz0R

By Unknown Author from NYT Home Page https://ift.tt/p0odGvL

Post Bottom Ad