शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को तमाम मस्जिदों सहित अपने घरों में माह-ए-रमजान के अलविदा जुमा की नमाज अदा की और अल्लाह से अमन व रहमत की दुआएं मांगी। अलविदा जुमा को लेकर जहां नमाजियों के आंखों में रमजान के जाने का गम था, वही लबों व हाथ बारगाहे इलाही में अपनी मगफिरत के लिए उठे हुए थे।
शहर के प्रमुख जामा मस्जिद सहरसा बस्ती के इमाम सोहराब नदवी ने कहा कि शनिवार को चांद का दीदार होने पर रविवार को मनेगी ईद, नहीं तो फिर रविवार को चांद का दीदार होने पर सोमवार को ईद मनाई जाएगी। शुक्रवार की सुबह के साथ ही जुमा का गुस्ल कर लोग अलविदा की तैयारियों में मशगूल हो गए।
मस्जिद में इमाम के साथ महज गिनती के चंद लोगों ने ही नमाज अदा कर इबादत की। मस्जिद व घरों में नमाजियों ने सुन्नतें अदा की, सलातुल तरावीह पढ़ी।कुरआन की तिलावत के साथ अपने गुनाहों की माफी तलब की। मुकद्दस रमजान माह के अलविदा जुमा की नमाज शहर के 35 मस्जिदों में प्रमुख रूप से जमा मस्जिद सहरसा बस्ती, मीर टोला, अलीनगर टोला, गांधी पथ, इस्लामिया चौक, सुलिंदाबाद, नरियार, बरियाही बाजार कमलपुर, सिमरी बख्तियारपुर सहित अन्य क्षेत्रों में अदा की गई।
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