देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के कुछ ही समय बाद राशन कार्ड से वंचित पात्र परिवारों को चिह्नित कर उनका राशन कार्ड बनवाने की घोषणा की। जीविका कर्मियों ने घर-घर जाकर आवेदन लिया। लेकिन दो माह का समय बीत जाने के बावजूद किसी को आजतक राशन कार्ड मिल नहीं सका है। इससे परेशान खलवापट्टी के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गंडक पार के मधुबनी प्रखंड में जीविका के कर्मियों ने वंचित लोगों से राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदन तो लिया, लेकिन राशन कार्ड नहीं मिल पाने से कार्ड से वंचित गरीब लोगों को राशन नहीं मिल रहा है।
लॉकडाउन के दौरान रोजगार छिन जाने की मुसीबतों के बीच इन गरीब परिवारों के लोग यह उम्मीद पाले रहे कि उनका राशन कार्ड भी बन रहा है। प्रखंड के पदाधिकारी व जीविका के कर्मी जल्द ही राशन कार्ड बन जाने का आश्वासन उन्हें देते रहे हैं। अभी तक किसी भी गरीब व्यक्ति का राशन कार्ड नहीं बन सका है। जिसके कारण गरीब लोग भूखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। जिससे नाराज मधुबनी प्रखंड के खलवा पट्टी गांव के राशन कार्ड से वंचित लोगों ने रविवार को प्रदर्शन करते हुए सरकार के विरूद्ध नारेबाजी किया।
दूसरे प्रदेश एवं गांव में मजदूरी कर चलाते थे घर का भोजन
राशन कार्ड से वंचित लोग इससे पहले दूसरे प्रदेशों में रहकर मजदूरी करते थे। कई लोग गांव में भी मजदूरी कर अपने परिवार का भोजन चलाते थे। लॉकडाउन लगने के कारण सभी लोग दूसरे प्रदेश से अपने अपने घर लौट आए हैं। गांव में भी मजदूरी का काम नहीं हो रहा है। इस हालात में भोजन कैसे मिलेगा, इसकी चिंता अब इन्हें सता रही है। राशन कार्ड से वंचित लोगों ने बताया कि जिनके पास राशन कार्ड है उन्हें 1 महीने तक खाने के लिए राशन मिल जा रहा है, लेकिन वे लोग राशन कार्ड के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
आवेदन करने के बावजूद नहीं बना राशन कार्ड
राशन कार्ड से वंचित खलवा पट्टी गांव के अली मियां, उमा यादव, बद्री गोड़, सत्येंद्र तिवारी, नंदू गोड़, रामप्रवेश यादव, विनोद यादव, रुदल यादव, जिलेबिया देवी, सैयदा नेशा, मीना देवी, गुड़िया देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इन लोगों ने बताया कि लॉक डाउन लगने के बाद सरकार द्वारा निर्देश जारी किया गया कि राशन कार्ड से वंचित लोगों का जल्द ही राशन कार्ड बनेगा। जीविका के अधिकारी व कर्मियों ने गांव - गांव में घूमकर लोगों से आवेदन लिया।
साथ ही बहुत से लोगों ने प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर आरटीपीएस काउंटर पर राशन कार्ड बनवाने के लिए अपना आवेदन जमा किया। लेकिन राशन कार्ड उन्हें मिल नहीं सका है। राशन मिलने की उम्मीद पर कर्ज ले लेकर अबतक वे खर्च चलाते रहे हैं, लेकिन अब तो कर्ज मिलना भी मुश्किल है।
जीविका कार्यालय से सभी आवेदन को कर दिया गया ऑनलाइन, राशन कार्ड क्यों नहीं बना है, पता नहीं
सरकार का निर्देश मिलते ही मधुबनी प्रखंड के सभी पंचायतों में जीविका कर्मी को भेजकर राशन कार्ड से वंचित लोगों का आवेदन लिया गया। प्राप्त आवेदन को ऑनलाइन करते हुए अनुमंडल मुख्यालय को उपलब्ध करा दिया गया। किस कारण से अभी तक राशन कार्ड नहीं बना है, इस बाबत जानकारी नहीं है।
-जितेन्द्र कुमार, प्रखंड परियोजना पदाधिकारी जीविका, मधुबनी।
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