शहर के बागेश्वरी सहित विभिन्न इलाकों में करीब एक माह से पेयजल की घोर किल्लत है। इन इलाकों में गया नगर निगम द्वारा लगातार टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। ऐसी हालत कब तक बनी रहेगी। तत्काल सभी जगहों का काम छोड़ कर शुक्रवार से शहर के धोबियाघाट जलापूर्ति केन्द्र की खराब पड़े मोटर एवं अन्य समानों का मरम्मत कर चालु करें। ताकि उक्त इलाके में शीघ्र पेयजल की आपूर्ति की जाए।
अगर संसाधन की कमी है तो सूची दें निगम पूरा करेंगा। उक्त बातें गुरुवार निगम के सभागार में आयोजित जलापूर्ति समीक्षा बैठक में संयुक्त रुप से नगर आयुक्त सावन कुमार एवं डिप्टी मेयर अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को कहीं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत हुई तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
40-40 एचपी के लागाए जाएंगे मोटर: वहीं उन्होंने धोबिया घाट पंपिंग केंद्र के संबंध में कहा कि नया बोरिंग में 40-40 एचपी के मोटर लगाएं और निगम के पाइप लाइन को जोड़े। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर सम्पूर्ण कार्य का निष्पादन हो जाना चाहिए। डिप्टी मेयर ने कहा कि निगम से किसी प्रकार की सहायता की जरूरत है तो बताए लेकिन, कार्य में कोई कोताही नहीं चाहिए। ससमय पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। इसके अलावा केन्द्र के जर्जर पाइप को बदलें। बैठक में इसके अलावा मुस्तफाबाद, गेवाल बिगहा, एपी कॉलोनी, अलीगंज सिंगरा स्थान, सहित अन्य वार्डों में पेयजल से जुड़े समस्या पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई और कई दिशा-निर्देश दी गई।
खराब पड़े चापाकलों की मरम्मती में लाए तेजी: बैठक में डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में नगर निगम का 800 चापाकल की सूची है, बल्कि पीएचडी विभाग का लगभग 398 चापाकल है। इनमें जितने भी खराब पड़े चापाकल है उसकी मरम्मती का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड पार्षदों को इसकी सूची सौंपे और खराब पड़े चापाकल की मरम्मती मोनेटरिंग के साथ हो।
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