जिला प्रशासन द्वारा कुछ चिह्नित दुकानों को खोलने की अनुमति मिलने के बाद गुरूवार को शहर में रौनक लौटी लेकिन लोगों की भीड़ भी बढ़ गई। भीड़ की मुख्य वजह शुक्रवार को होने वाली वट सावित्री पर्व और ईद की खरीददारी थी। वट सावित्री पर्व के कारण बाजार में महिलाओं की आवाजाही अधिक देखी गई।
लॉकडाउन के दौरान शहर में पहली बार शंकर चौक से दहलान चौक और कपड़ा पट्टी में लॉकडाउन के पहले की तरह कई बार जाम लग गया। 22 मार्च को लगाए गए जनता कर्फ्यू के दिन से ही नगर परिषद क्षेत्र का बाजार बंद था। बाजार में सिर्फ आवश्यक सामानों की दुकानें ही खुलती थी।
6 मई को जिला प्रशासन ने इलेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, ऑटो पार्ट्स एवं निर्माण सामग्री से संबंधित दुकानों को खोलने का आदेश दिया था लेकिन शहरी क्षेत्र में कोरोना के पांच मरीज मिल जाने के कारण प्रशासन ने दुकान खोलने संबंधी आदेश वापस ले लिया था। आमजनों को हो रही परेशानी एवं आर्थिक गतिविधि को चालू रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक दिन अंतराल के बाद इलेक्ट्रोनिक्स दुकानों के अलावा कपड़ा, चश्मा एवं जूता-चप्पल की दुकानें खोलने की अनुमति दी है।
गुरुवार के दिन सुबह 10 बजे से ही शहर की सड़कों पर लॉकडाउन से पूर्व का नजारा दिखने लगा। शहर के चौक-चौराहे पर पुलिस द्वारा वाहन चालकों के प्रति ढिलाई बरतने के कारण सड़कों पर दो पहिया वाहनों की बाढ सी आ गई थी। दिन के करीब 2 बजे दहलान चौक पर जाम लग गई।
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