लखीसराय शहर नगर निगम बन सकता है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर परिषद से प्रस्ताव मांगा है। शहरीकरण को गति देने के लिए विभाग इस योजना पर विचार कर रही है। हाल ही में विभाग ने नगर परिषद को पत्र भेज कर लखीसराय शहर के विस्तार का प्रस्ताव मांगा है।
लखीसराय को नगर निगम का दर्जा मिला तो नए सिरे से होल्डिंग टैक्स तय होगा और लोगों को होल्डिंग टैक्स की बढ़ी राशि भुगतान करनी होगी। विभाग के आदेश के बाद नगर प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। शहर के विस्तार को लेकर अध्ययन किया जा रहा है। एनएच पर बालगुदर एवं विद्यापीठ से किशनपुर वाली सड़क व दक्षिण में हसनपुर तक शहर का विस्तार किया जा सकता है।
वर्तमान में यह ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा है। नगर निगम का दर्जा पाने के लिए निर्धारित मानक को पूरा करना होगा। शहर को नगर निगम का दर्जा मिला तो इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ेगा। जानकारों की मानें तो निगम का दर्जा मिलते ही शहरी निकाय की विभागीय ग्रांट कम से कम दोगुनी हो जाएगी।
आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से यह ग्रांट तय होता है। वही नगर निकाय के आंतरिक राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी, जिसका प्रयोग नागरिक सुविधाओं पर हो सकेगा। शहर स्मार्ट सिटी की रेस में भी शामिल हो सकेगा। साथ ही पार्क, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बड़े मॉल व बड़ी बिल्डिंग के निर्माण का रास्ता साफ होगा।
2002 में नगर परिषद बना था लखीसराय
18 साल पहले लखीसराय नगर परिषद बना था। इसके पूर्व 1972 में शहर को नगर पालिका व उससे पहले नोटिफाइड एरिया के रूप में जाना जाता था। वर्ष 2002 में पहली बार यहां बतौर नगर परिषद चुनाव हुआ था।
2021 में होने वाली जनगणना में अगर शहर 2 लाख की आबादी के मानक को पूरा करता है तो निगम बनने का दावा मजबूत हो सकता है। फिलहाल शहर में 33 वार्ड हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी 99 हजार 979 है। नगर प्रशासन की मानें तो 2011 में हुई जनगणना में त्रुटियों के कारण आबादी एक लाख से कम अंकित की गई।
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