पटना के भू-जलस्तर में मजे का सुधार हुआ है। पिछले साल 31.3 फीट की गहराई पर पानी था जो अब 26.5 फीट पर आ गया है। गर्मी के दिनों में पांच साल बाद पानी 4.8 फीट ऊपर चढ़ा है। यह औसत वृद्धि है। जिले के अलग-अलग हिस्सों का वाटर टेबल अलग-अलग है।
शहरी इलाके के जलस्तर में 2.7 फीट वृद्धि हुई है लेकिन पिछले साल की तुलना में दीघा (1.1 फीट) व मैनपुरा में (5 इंच) पानी और नीचे चला गया है। जलस्तर में सर्वाधिक बढोतरी संपतचक में और पंडारक में सबसे कम सुधार हुआ। नकटा दियारा समेत जिले के कई इलाकों का भूगर्भीय जल ठीक-ठाक ऊपर चढा है। संपतचक में 15 मई 2019 को जमीन के नीचे 35.4 फीट पर पानी था जबकि 15 मई 2020 को यह 25.6 फीट रिकार्ड किया गया। यानी 9.9 फीट ऊपर। पंडारक में सिर्फ 4 इंच का सुधार हुआ।
फुलवारीशरीफ में जल का स्तर 2019 के मुकाबले 8.6 फीट अधिक है। संपतचक के बैरिया कर्णपुर में 15 मई 2019 को पानी का स्तर 35.80 फीट था, जो 2020 में यह बढ़कर 25.5 फीट हो गया। इसी तरह संपतचक के चिपुरा में 2019 में जल स्तर 35 फीट रिकार्ड किया, जो 2020 में 24.9 फीट तक ऊंचा हो गया। फुलवारी शरीफ के चिलबिल में 10 फीट तो सुइथा में 11.6 फीट तक सुधार हुआ है।
23 में से 11 जिलों में 5 फीट तक ऊपर चढ़ा पानी, कैमूर में 12 फीट तो रोहतास में 2 इंच
पटना ही नहीं, राज्य के 23 जिलों के भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पीएचईडी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 11 जिलों में तो पानी पांच फीट से ज्यादा ऊपर चढ़ा है। कैमूर में सबसे ज्यादा 12 फीट 2 इंच जबकि रोहतास में सबसे कम 2 इंच की वृद्धि दर्ज की गई है।

पिछले साल की तुलना में सभी जिलों में भूजल स्तर में सुधार
लोक स्वास्थ्य अिभयंत्रण विभागमंत्री विनोद नारायण झा ने कहा किपिछले साल की तुलना में सभी जिलों में भूजल स्तर में सुधार आया है। यह जल-जीवन-हरियाली का शुरुआती असर है। कई जिलों में बड़ी संख्या में कुओं का जीर्णोद्धार कराया गया है। जिसके कारण वाटर टेबल रिचार्ज में तेजी आई है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://bit.ly/2Tn1pTG

No comments:
Post a Comment
Please don’t enter any spam link in the comment