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Saturday, May 30, 2020

धोबघट उच्च विद्यालय में लटका रहा ताला, सीओ ने सिर्फ कागज पर क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर 20 प्रवासी को ठहराया https://ift.tt/2Xf6xf5

जिले के 10 प्रखंडों के अलावे पंचायतों में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर से हर दिन कोई न कोई एक समस्या उजागर होकर सामने आ रही है। ताजा मामला कागजों पर क्वारेंटाइन सेंटर चलने और प्रवासियों के क्वारेंटाइन करने का मामला प्रकाश में आया है। जिले के गिद्धौर प्रखंड के उच्च विद्यालय धोबघट में 20 प्रवासी 14 दिन के क्वारेंटाईन अवधि को पूरा कर लिया है। जबकि हकीकत यह है कि इस क्वारेंटाइन केंद का अबतक ताला भी नहीं खुला, न हीं कोई प्रवासी आकर यहां ठहरे हैं।
उच्च विद्यालय धोबघट के प्रधानाध्यापक काम्ता प्रसाद ने प्रखंड क्वारेंटाइन कैंप से संबंधित दैनिक प्रतिवेदन पर आपत्ति दर्ज करते हुए गिद्धौर के अंचलाधिकारी को पत्र लिखकर क्वारेंटाइन सेंटर के संचालन नहीं होने की जानकारी दी। तब क्वारेंटाइन सेंटर संचालक के घोटाला का मामला सामने आया। मीडिया में मामले को आने के बाद पदाधिकारी यू-टर्न ले लिया है। बहरहाल कागजों पर क्वारेंटाइन सेंटर चलाने का मामला अब जांच का विषय बन गया है।
केंद्र के संचालन के लिए एचएम को 20 मई को दिया गया था पत्र
इस क्वारेंटाइन केंद्र पर अनियमितता का दौर इतने में नहीं थमा। एक ओर बिना प्रवासी के आए ही 20 प्रवासियों की इंट्री तो दिखाई ही। पदाधिकारियों की मिली भगत ने अनियमितता की सारी हदें पार करते हुए 14 दिनों के क्वारेंटाइन अवधि को सात दिनों में ही पूरा करवा दिया। क्योंकि केंद्र के संचालन के लिए प्रधानाध्यापक को 20 मई को पत्र दिया गया। ऐसे में मान लिया जाए 20 मई को क्वारेंटाइन सेंटर को तैयार कर लिया गया। 21 मई से प्रवासी वहां रहने भी लगे। लेकिन 21 से 28 मई तक 14 दिन की अवधि कैसे पूरी कर ली गई। दैनिक प्रतिवेदन में इस बात का जिक्र है कि 28 मई 2020 को प्रवासी मजदूर द्वारा क्वारेंटाईन अवधि (जो 14 दिनों की होती है)पूर्ण कर कैम्प से बाहर चले गए।

प्रधानाध्यापक ने कहा- आज तक एक भी प्रवासी नहीं पहुंचे केंद्र
धोबघट उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक काम्ता प्रसाद ने बताया कि बीडीओ के पत्रांक 258 दिनांक 20 मई के अनुसार उच्च विद्यालय धोबघट को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया। प्रधानाध्यापक द्वारा 21 मई को विद्यालय में क्वारेंटाइन सेंटर से संबंधित सभी सामग्रियों के लिए राशि उपलब्ध कराने के संबंध में एक पत्र बीडीओ को व्हाटसएप के माध्यम से भेजा गया। लेकिन आज तक केंद्र पर प्रवासी का आगमन नहीं हुआ है। वहीं, प्रधानाध्यापक ने पत्र के माध्यम से यह भी अवगत कराया कि क्वारेंटाइन सेंटर से संबंधित दैनिक प्रतिवेदन में उच्च विद्यालय धोवघट क्वारेंटाइन सेंटर के नाम पर 20 प्रवासी मजदूर को पंजीकृत दिखाया गया। जबकि यहां एक भी प्रवासी अबतक नहीं आए हैं।
मैंने क्षमता की रिपोर्ट दी है प्रवासियों के ठहरने की नहीं
हाईस्कूल धोबघट में क्वारेंटाइन सेंटर नहीं चला है। वहां एक भी प्रवासी नहीं ठहरे हैं न ही किसी ने क्वारेंटाइन अवधि पूरी की है। रिपोर्ट जो भेजी गई है वह क्वारेंटाइन सेंटर में प्रवासियों के रहने के क्षमता की है।
अखिलेश कुमार, सीओ, गिद्धौर

आपदा इंचार्ज को दी गई है मामले के जांच की जिम्मेवारी
सीओ के दैनिक प्रतिवेदन में क्वारेंटाइन सेंटर में 20 प्रवासियों के रहने के मामले की जांच की जिम्मेवारी आपदा इंचार्ज को दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -धर्मेंद्र कुमार, डीएम, जमुई



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सीओ का प्रतिवेदन: सीओ के जरिए निर्गत दैनिक प्रतिवेदन के चौथे नंबर पर क्वारेंटाइन सेंटर में रहने वाले प्रवासियों की संख्या और अवधि पूरी कर घर जाने का जिक्र(लाल घेरे में)।


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