(अजय कुमार सिंह) कोविड अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। वही संक्रमित भर्ती हो रहे हैं, जिन्हें आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत है। साथ ही कोरोना के अलावा किसी और बीमारी से पीड़ित हैं। चिकित्सकों की मानें तो पॉजिटिविटी रेट भी कमी आई है। जिन अस्पतालों को कोविड डेडिकेटेड बनाया गया है, वहां भी भर्ती मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई है। पटना एम्स और एनएमसीएच को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया गया है। एनएमसीएच में कोरोना मरीजों के लिए 447 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां शनिवार को 14 मरीज ही भर्ती थे। कोविड अस्पताल होने की वजह से यहां अन्य सभी चिकित्सकीय सुविधाएं बंद हैं। अस्पताल प्रशासन की मानें तो ओपीडी में यहां प्रतिदिन करीब 2000 मरीज आते थे। पटना एम्स को भी डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाया गया है। यहां 600 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां अभी 173 मरीज भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित मरीज सबसे अधिक यहीं भर्ती हैं। वहीं पीएमसीएच कोविड अस्पताल में 100 बेड की सुविधा है और यहां भर्ती मरीजों की संख्या 32 है। आइसोलेशन सेंटरों में भी कमोबेश यही स्थिति है। डीआईओ डॉ. एसपी विनायक भी कहते हैं कि आइसोलेशन सेंटर में भर्ती मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today आइसोलेशन सेंटरों में भर्ती मरीज और बेडों की संख्या। - VTM Breaking News

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Sunday, October 04, 2020

(अजय कुमार सिंह) कोविड अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। वही संक्रमित भर्ती हो रहे हैं, जिन्हें आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत है। साथ ही कोरोना के अलावा किसी और बीमारी से पीड़ित हैं। चिकित्सकों की मानें तो पॉजिटिविटी रेट भी कमी आई है। जिन अस्पतालों को कोविड डेडिकेटेड बनाया गया है, वहां भी भर्ती मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई है। पटना एम्स और एनएमसीएच को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया गया है। एनएमसीएच में कोरोना मरीजों के लिए 447 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां शनिवार को 14 मरीज ही भर्ती थे। कोविड अस्पताल होने की वजह से यहां अन्य सभी चिकित्सकीय सुविधाएं बंद हैं। अस्पताल प्रशासन की मानें तो ओपीडी में यहां प्रतिदिन करीब 2000 मरीज आते थे। पटना एम्स को भी डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाया गया है। यहां 600 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां अभी 173 मरीज भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित मरीज सबसे अधिक यहीं भर्ती हैं। वहीं पीएमसीएच कोविड अस्पताल में 100 बेड की सुविधा है और यहां भर्ती मरीजों की संख्या 32 है। आइसोलेशन सेंटरों में भी कमोबेश यही स्थिति है। डीआईओ डॉ. एसपी विनायक भी कहते हैं कि आइसोलेशन सेंटर में भर्ती मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today आइसोलेशन सेंटरों में भर्ती मरीज और बेडों की संख्या।

(अजय कुमार सिंह) कोविड अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। वही संक्रमित भर्ती हो रहे हैं, जिन्हें आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत है। साथ ही कोरोना के अलावा किसी और बीमारी से पीड़ित हैं। चिकित्सकों की मानें तो पॉजिटिविटी रेट भी कमी आई है। जिन अस्पतालों को कोविड डेडिकेटेड बनाया गया है, वहां भी भर्ती मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई है।

पटना एम्स और एनएमसीएच को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया गया है। एनएमसीएच में कोरोना मरीजों के लिए 447 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां शनिवार को 14 मरीज ही भर्ती थे। कोविड अस्पताल होने की वजह से यहां अन्य सभी चिकित्सकीय सुविधाएं बंद हैं। अस्पताल प्रशासन की मानें तो ओपीडी में यहां प्रतिदिन करीब 2000 मरीज आते थे।

पटना एम्स को भी डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाया गया है। यहां 600 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां अभी 173 मरीज भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित मरीज सबसे अधिक यहीं भर्ती हैं। वहीं पीएमसीएच कोविड अस्पताल में 100 बेड की सुविधा है और यहां भर्ती मरीजों की संख्या 32 है। आइसोलेशन सेंटरों में भी कमोबेश यही स्थिति है। डीआईओ डॉ. एसपी विनायक भी कहते हैं कि आइसोलेशन सेंटर में भर्ती मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है।



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आइसोलेशन सेंटरों में भर्ती मरीज और बेडों की संख्या।


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