(शशि सागर) दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद, इंदौर जैसे 19 महानगरों की सूची में एटीएम फ्रॉड के मामले में पटना पहले नंबर पर है। इन महानगरों में साल 2019 में हुए एटीएम फ्रॉड की घटनाओं को देखें तो सबसे अधिक घटना पटना में हुई। पटना में साल 2019 में पटना में एटीएम फ्रॉड की कुल 202 घटनाएं हुईं, जिनमें 202 लोग प्रभावित हुए। वहीं दिल्ली में एटीएम फ्रॉड की 138, जयपुर में 75 और मुंबई में 28 घटनाएं हुईं। हालांकि, ठगी की घटना जयपुर में सबसे अधिक दर्ज की गई। साल 2019 में जयपुर में ठगी के 2190 मामले दर्ज हुए। वहीं दिल्ली में 1048, मुंबई में 535 और पुणे में 226 मामले दर्ज हुए। पटना में ठगी के 202 मामले आए। इन मामलों में पटना 7वें स्थान पर है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने साल 2019 का आंकड़ा जारी किया है, जिसमें यह जानकारी दर्ज है। राजधानी के साथ-साथ पूरे बिहार में एटीएम फ्रॉड की घटनाएं बढ़ी हैं। साल 2019 के आंकड़ों की तुलना अगर 2018 के आंकड़ों से करें तो पता चलता है कि बिहार में एटीएम फ्रॉड की घटनाओं में 95.25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बिहार में साल 2018 में एटीएम फ्रॉड की 338 घटनाएं हुई थीं। वहीं 2019 में यह बढ़कर 660 हो गई। 2018 में बैंक फ्रॉड की 23 घटनाएं हुईं, लेकिन 2019 में यह बढ़कर 62 हाे गई। राज्य में 2018 में ठगी के 715 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2019 में 1243 मामले दर्ज हुए। राजधानी में चोरी की घटनाओं में 14 प्रतिशत का इजाफा: पटना में चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। साल 2018 के आंकड़ों की तुलना हाल में जारी हुए 2019 के आंकड़ों से करने पर पता चलता है कि पटना में चोरी की घटनाओं में 14.51 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। साल 2019 में पटना में चोरी की 5088 घटनाएं हुईं। वहीं 2018 में 4443 घटनाएं दर्ज की गई थीं। पटना में वाहन चोरी की घटनाओं में भी 11 फीसदी का इजाफा हुआ है। साल 2019 में 3703 वाहन चोरी हुए थे, जबकि 2018 में 3336 वाहन चोरी की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इधर, साल 2019 में बिहार में चोरी 34971 घटनाएं हुई हैं। वहीं पूरे राज्य से 22012 वाहन चोरी हुए। सुबह में चेक क्लीयरेंस, शाम में निकल गए 6.35 लाख साइबर क्राइम का एक अनोखा मामला सामने आया है। दिन के 10 बजे खाते में रुपया क्रेडिट हुआ और शाम होते-होते निकल गया। मामला एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर विशाल सिंह से जुड़ा है। विशाल ने बताया का उनका बैंक अकाउंट नॉट्रेडम के पास सेंट्रल बैंक में है। तीन दिन पहले उन्होंने उसमें 6.35 लाख का चेक डाला था। दिन में लगभग 11 बजे चेक के कैश होने का मैसेज आया। लेकिन शाम के वक्त 6.35 लाख रुपए की निकासी का मैसेज भी आ गया। जानकारी होते ही मैंने बैंक मैनेजर से संपर्क किया। मुझे सोमवार को बुलाया गया है। रिटायर्ड शिक्षक के खाते से 72 हजार की निकासी बेउर के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक रामनरेश पांडेय के खाते से साइबर अपराधियों ने 72 हजार रुपए की निकासी कर ली। वह फिलहाल बनारस में हैं। उन्होंने बताया कि किसी से अपने एटीएम और खाते की जानकारी साझा नहीं की है। किसी को पिन भी नहीं बताया या किसी ने कोई अन्य जानकारी भी नहीं मांगी है। शनिवार की सुबह उठा तो देखा कि मोबाइल पर पैसे की निकासी का मैसेज आया हुआ है। उन्होंने कहा कि शातिरों ने तीन बार में 72 हजार रुपए निकाल लिए। अनपढ़ महिला के खाते से 60 हजार रुपए निकाले पोठही स्थित एक साइबर केंद्र के संचालक द्वारा एक महिला के खाते से 60 हजार रुपए निकालने का मामला सामने आया है। केवड़ा निवासी सोना देवी ने केंद्र के संचालक मुन्ना कुमार के खिलाफ पुनपुन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। महिला का पुनपुन बाजार स्थित पीएनबी में खाता है। वह बीते महीनों में साइबर केंद्र में रकम निकासी के लिए गई थी। दो महीने बाद जब वह बैंक गई तो पदाधिकारियों ने बताया कि जुलाई और अगस्त में उसके खाते से अंगूठे के निशान के जरिए 6 बार में 60 हजार रुपए की निकासी की गई है। बैंकिंग फ्रॉड से बचने के कुछ उपाय नेटबैंकिंग पासवर्ड याद रखें। न तो किसी को बताएं न ही लिखकर रखें। मोबाइल नंबर बदलने पर बैंक को जानकारी तुरंत दें। मोबाइल बैंकिंग द्वारा ट्रांजेक्शन पर नजर रखें। फर्जी ईमेल से सावधान रहें। इसके लिंक पर क्लिक करने पर खाते से रकम उड़ाई जा सकती है। बैंक कभी ई-मेल या फोन से सीवीवी या ओटीपी नहीं मांगता। अगर ऐसी जानकारी कोई मांग रहा है तो अलर्ट हो जाएं। उसे गोपनीय जानकारी नहीं बताएं। अगर कोई अवैध ट्रांजेक्शन होता है, तो तत्काल बैंक को सूचना दें। शॉपिंग करते वक्त अपना कार्ड नंबर और एक्सपायरी उस साइट पर सेव नहीं करें। चेकबुक को हमेशा सुरक्षित जगह रखना चाहिए। अवैध निकासी हो तो ऐसा करें एटीएम कार्ड या ऑनलाइन बैंकिंग में फ्रॉड के मामले में तीन दिन के भीतर बैंक को शिकायत कर दी तो आपका पैसा वापस मिल जाएगा। एटीएम कार्ड से किसी फ्रॉड या गलत लेन-देन पर आपको 3 से 7 दिन का नियम जरूर याद रखना चाहिए। आरबीआई के सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक अकाउंट से कोई फ्रॉड होता है और वह समय पर बैंक को इसकी सूचना देता है तो उसका नुकसान नहीं होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ATM fraud cases in 95 percent increase in Bihar, Patna in fraud among 19 metros of the country - VTM Breaking News

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Sunday, October 04, 2020

(शशि सागर) दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद, इंदौर जैसे 19 महानगरों की सूची में एटीएम फ्रॉड के मामले में पटना पहले नंबर पर है। इन महानगरों में साल 2019 में हुए एटीएम फ्रॉड की घटनाओं को देखें तो सबसे अधिक घटना पटना में हुई। पटना में साल 2019 में पटना में एटीएम फ्रॉड की कुल 202 घटनाएं हुईं, जिनमें 202 लोग प्रभावित हुए। वहीं दिल्ली में एटीएम फ्रॉड की 138, जयपुर में 75 और मुंबई में 28 घटनाएं हुईं। हालांकि, ठगी की घटना जयपुर में सबसे अधिक दर्ज की गई। साल 2019 में जयपुर में ठगी के 2190 मामले दर्ज हुए। वहीं दिल्ली में 1048, मुंबई में 535 और पुणे में 226 मामले दर्ज हुए। पटना में ठगी के 202 मामले आए। इन मामलों में पटना 7वें स्थान पर है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने साल 2019 का आंकड़ा जारी किया है, जिसमें यह जानकारी दर्ज है। राजधानी के साथ-साथ पूरे बिहार में एटीएम फ्रॉड की घटनाएं बढ़ी हैं। साल 2019 के आंकड़ों की तुलना अगर 2018 के आंकड़ों से करें तो पता चलता है कि बिहार में एटीएम फ्रॉड की घटनाओं में 95.25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बिहार में साल 2018 में एटीएम फ्रॉड की 338 घटनाएं हुई थीं। वहीं 2019 में यह बढ़कर 660 हो गई। 2018 में बैंक फ्रॉड की 23 घटनाएं हुईं, लेकिन 2019 में यह बढ़कर 62 हाे गई। राज्य में 2018 में ठगी के 715 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2019 में 1243 मामले दर्ज हुए। राजधानी में चोरी की घटनाओं में 14 प्रतिशत का इजाफा: पटना में चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। साल 2018 के आंकड़ों की तुलना हाल में जारी हुए 2019 के आंकड़ों से करने पर पता चलता है कि पटना में चोरी की घटनाओं में 14.51 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। साल 2019 में पटना में चोरी की 5088 घटनाएं हुईं। वहीं 2018 में 4443 घटनाएं दर्ज की गई थीं। पटना में वाहन चोरी की घटनाओं में भी 11 फीसदी का इजाफा हुआ है। साल 2019 में 3703 वाहन चोरी हुए थे, जबकि 2018 में 3336 वाहन चोरी की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इधर, साल 2019 में बिहार में चोरी 34971 घटनाएं हुई हैं। वहीं पूरे राज्य से 22012 वाहन चोरी हुए। सुबह में चेक क्लीयरेंस, शाम में निकल गए 6.35 लाख साइबर क्राइम का एक अनोखा मामला सामने आया है। दिन के 10 बजे खाते में रुपया क्रेडिट हुआ और शाम होते-होते निकल गया। मामला एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर विशाल सिंह से जुड़ा है। विशाल ने बताया का उनका बैंक अकाउंट नॉट्रेडम के पास सेंट्रल बैंक में है। तीन दिन पहले उन्होंने उसमें 6.35 लाख का चेक डाला था। दिन में लगभग 11 बजे चेक के कैश होने का मैसेज आया। लेकिन शाम के वक्त 6.35 लाख रुपए की निकासी का मैसेज भी आ गया। जानकारी होते ही मैंने बैंक मैनेजर से संपर्क किया। मुझे सोमवार को बुलाया गया है। रिटायर्ड शिक्षक के खाते से 72 हजार की निकासी बेउर के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक रामनरेश पांडेय के खाते से साइबर अपराधियों ने 72 हजार रुपए की निकासी कर ली। वह फिलहाल बनारस में हैं। उन्होंने बताया कि किसी से अपने एटीएम और खाते की जानकारी साझा नहीं की है। किसी को पिन भी नहीं बताया या किसी ने कोई अन्य जानकारी भी नहीं मांगी है। शनिवार की सुबह उठा तो देखा कि मोबाइल पर पैसे की निकासी का मैसेज आया हुआ है। उन्होंने कहा कि शातिरों ने तीन बार में 72 हजार रुपए निकाल लिए। अनपढ़ महिला के खाते से 60 हजार रुपए निकाले पोठही स्थित एक साइबर केंद्र के संचालक द्वारा एक महिला के खाते से 60 हजार रुपए निकालने का मामला सामने आया है। केवड़ा निवासी सोना देवी ने केंद्र के संचालक मुन्ना कुमार के खिलाफ पुनपुन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। महिला का पुनपुन बाजार स्थित पीएनबी में खाता है। वह बीते महीनों में साइबर केंद्र में रकम निकासी के लिए गई थी। दो महीने बाद जब वह बैंक गई तो पदाधिकारियों ने बताया कि जुलाई और अगस्त में उसके खाते से अंगूठे के निशान के जरिए 6 बार में 60 हजार रुपए की निकासी की गई है। बैंकिंग फ्रॉड से बचने के कुछ उपाय नेटबैंकिंग पासवर्ड याद रखें। न तो किसी को बताएं न ही लिखकर रखें। मोबाइल नंबर बदलने पर बैंक को जानकारी तुरंत दें। मोबाइल बैंकिंग द्वारा ट्रांजेक्शन पर नजर रखें। फर्जी ईमेल से सावधान रहें। इसके लिंक पर क्लिक करने पर खाते से रकम उड़ाई जा सकती है। बैंक कभी ई-मेल या फोन से सीवीवी या ओटीपी नहीं मांगता। अगर ऐसी जानकारी कोई मांग रहा है तो अलर्ट हो जाएं। उसे गोपनीय जानकारी नहीं बताएं। अगर कोई अवैध ट्रांजेक्शन होता है, तो तत्काल बैंक को सूचना दें। शॉपिंग करते वक्त अपना कार्ड नंबर और एक्सपायरी उस साइट पर सेव नहीं करें। चेकबुक को हमेशा सुरक्षित जगह रखना चाहिए। अवैध निकासी हो तो ऐसा करें एटीएम कार्ड या ऑनलाइन बैंकिंग में फ्रॉड के मामले में तीन दिन के भीतर बैंक को शिकायत कर दी तो आपका पैसा वापस मिल जाएगा। एटीएम कार्ड से किसी फ्रॉड या गलत लेन-देन पर आपको 3 से 7 दिन का नियम जरूर याद रखना चाहिए। आरबीआई के सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक अकाउंट से कोई फ्रॉड होता है और वह समय पर बैंक को इसकी सूचना देता है तो उसका नुकसान नहीं होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ATM fraud cases in 95 percent increase in Bihar, Patna in fraud among 19 metros of the country

(शशि सागर) दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद, इंदौर जैसे 19 महानगरों की सूची में एटीएम फ्रॉड के मामले में पटना पहले नंबर पर है। इन महानगरों में साल 2019 में हुए एटीएम फ्रॉड की घटनाओं को देखें तो सबसे अधिक घटना पटना में हुई। पटना में साल 2019 में पटना में एटीएम फ्रॉड की कुल 202 घटनाएं हुईं, जिनमें 202 लोग प्रभावित हुए।

वहीं दिल्ली में एटीएम फ्रॉड की 138, जयपुर में 75 और मुंबई में 28 घटनाएं हुईं। हालांकि, ठगी की घटना जयपुर में सबसे अधिक दर्ज की गई। साल 2019 में जयपुर में ठगी के 2190 मामले दर्ज हुए। वहीं दिल्ली में 1048, मुंबई में 535 और पुणे में 226 मामले दर्ज हुए। पटना में ठगी के 202 मामले आए। इन मामलों में पटना 7वें स्थान पर है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने साल 2019 का आंकड़ा जारी किया है, जिसमें यह जानकारी दर्ज है।
राजधानी के साथ-साथ पूरे बिहार में एटीएम फ्रॉड की घटनाएं बढ़ी हैं। साल 2019 के आंकड़ों की तुलना अगर 2018 के आंकड़ों से करें तो पता चलता है कि बिहार में एटीएम फ्रॉड की घटनाओं में 95.25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बिहार में साल 2018 में एटीएम फ्रॉड की 338 घटनाएं हुई थीं। वहीं 2019 में यह बढ़कर 660 हो गई। 2018 में बैंक फ्रॉड की 23 घटनाएं हुईं, लेकिन 2019 में यह बढ़कर 62 हाे गई। राज्य में 2018 में ठगी के 715 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2019 में 1243 मामले दर्ज हुए।
राजधानी में चोरी की घटनाओं में 14 प्रतिशत का इजाफा: पटना में चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। साल 2018 के आंकड़ों की तुलना हाल में जारी हुए 2019 के आंकड़ों से करने पर पता चलता है कि पटना में चोरी की घटनाओं में 14.51 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। साल 2019 में पटना में चोरी की 5088 घटनाएं हुईं।

वहीं 2018 में 4443 घटनाएं दर्ज की गई थीं। पटना में वाहन चोरी की घटनाओं में भी 11 फीसदी का इजाफा हुआ है। साल 2019 में 3703 वाहन चोरी हुए थे, जबकि 2018 में 3336 वाहन चोरी की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इधर, साल 2019 में बिहार में चोरी 34971 घटनाएं हुई हैं। वहीं पूरे राज्य से 22012 वाहन चोरी हुए।

सुबह में चेक क्लीयरेंस, शाम में निकल गए 6.35 लाख

साइबर क्राइम का एक अनोखा मामला सामने आया है। दिन के 10 बजे खाते में रुपया क्रेडिट हुआ और शाम होते-होते निकल गया। मामला एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर विशाल सिंह से जुड़ा है। विशाल ने बताया का उनका बैंक अकाउंट नॉट्रेडम के पास सेंट्रल बैंक में है। तीन दिन पहले उन्होंने उसमें 6.35 लाख का चेक डाला था। दिन में लगभग 11 बजे चेक के कैश होने का मैसेज आया। लेकिन शाम के वक्त 6.35 लाख रुपए की निकासी का मैसेज भी आ गया। जानकारी होते ही मैंने बैंक मैनेजर से संपर्क किया। मुझे सोमवार को बुलाया गया है।

रिटायर्ड शिक्षक के खाते से 72 हजार की निकासी

बेउर के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक रामनरेश पांडेय के खाते से साइबर अपराधियों ने 72 हजार रुपए की निकासी कर ली। वह फिलहाल बनारस में हैं। उन्होंने बताया कि किसी से अपने एटीएम और खाते की जानकारी साझा नहीं की है। किसी को पिन भी नहीं बताया या किसी ने कोई अन्य जानकारी भी नहीं मांगी है। शनिवार की सुबह उठा तो देखा कि मोबाइल पर पैसे की निकासी का मैसेज आया हुआ है। उन्होंने कहा कि शातिरों ने तीन बार में 72 हजार रुपए निकाल लिए।

अनपढ़ महिला के खाते से 60 हजार रुपए निकाले

पोठही स्थित एक साइबर केंद्र के संचालक द्वारा एक महिला के खाते से 60 हजार रुपए निकालने का मामला सामने आया है। केवड़ा निवासी सोना देवी ने केंद्र के संचालक मुन्ना कुमार के खिलाफ पुनपुन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। महिला का पुनपुन बाजार स्थित पीएनबी में खाता है।

वह बीते महीनों में साइबर केंद्र में रकम निकासी के लिए गई थी। दो महीने बाद जब वह बैंक गई तो पदाधिकारियों ने बताया कि जुलाई और अगस्त में उसके खाते से अंगूठे के निशान के जरिए 6 बार में 60 हजार रुपए की निकासी की गई है।

बैंकिंग फ्रॉड से बचने के कुछ उपाय

  • नेटबैंकिंग पासवर्ड याद रखें। न तो किसी को बताएं न ही लिखकर रखें।
  • मोबाइल नंबर बदलने पर बैंक को जानकारी तुरंत दें। मोबाइल बैंकिंग द्वारा ट्रांजेक्शन पर नजर रखें।
  • फर्जी ईमेल से सावधान रहें। इसके लिंक पर क्लिक करने पर खाते से रकम उड़ाई जा सकती है।
  • बैंक कभी ई-मेल या फोन से सीवीवी या ओटीपी नहीं मांगता। अगर ऐसी जानकारी कोई मांग रहा है तो अलर्ट हो जाएं। उसे गोपनीय जानकारी नहीं बताएं।
  • अगर कोई अवैध ट्रांजेक्शन होता है, तो तत्काल बैंक को सूचना दें।
  • शॉपिंग करते वक्त अपना कार्ड नंबर और एक्सपायरी उस साइट पर सेव नहीं करें। चेकबुक को हमेशा सुरक्षित जगह रखना चाहिए।

अवैध निकासी हो तो ऐसा करें
एटीएम कार्ड या ऑनलाइन बैंकिंग में फ्रॉड के मामले में तीन दिन के भीतर बैंक को शिकायत कर दी तो आपका पैसा वापस मिल जाएगा। एटीएम कार्ड से किसी फ्रॉड या गलत लेन-देन पर आपको 3 से 7 दिन का नियम जरूर याद रखना चाहिए। आरबीआई के सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक अकाउंट से कोई फ्रॉड होता है और वह समय पर बैंक को इसकी सूचना देता है तो उसका नुकसान नहीं होगा।



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