विधानसभा चुनाव की घाेषणा के साथ आचार संहिता लागू हाेने के बाद विकास की सारी याेजनाओं पर विराम लग गया है। इस माह में जिले में करीब 3000 कराेड़ की विकास याेजनाओं का शिलान्यास किया गया। लेकिन अब इन सारे प्राेजेक्ट पर ग्रहण लग गया है। अब इन याेजनाओं के लिए प्रक्रिया चुनाव बाद ही शुरू हाे सकेगी। इसके बाद इस साल के अंत या नए साल में काम शुरू हाेने की संभावना है। विक्रमशिला सेतु के समानांतर गंगा पर बनने वाले फाेरलेन पुल पर 1116.72 कराेड़ खर्च हाेना है। साथ ही मुंगेर से मिर्जाचाैकी के बीच नए सिरे से एनएच-80 का निर्माण हाेना है। इस पर भी 971 कराेड़ रुपए खर्च का अनुमान है। इसके अलावा एनएच की मरम्मत के लिए भी 20 कराेड़ की स्वीकृति मिली थी। जबकि 14 कराेड़ से बने सिल्क भवन का उद्घाटन हाेना बाकी था। ये भी चुनाव में फंस गया। इसके अलावा अलीगंज स्थित स्पीनिंग मिल परिसर में 40 कराेड़ से सीपेट प्राेजेक्ट भी अटक गया है। इतना ही नहीं, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निगम समेत अन्य विभागाें की कई याेजनाएं भी आचार संहिता लागू हाेने से फंस गई हैं। जानकार बताते हैं कि चुनाव के बाद सब ठीक रहा ताे इस साल के अंत से ये याेजनाएं शुरू हाे सकती हैं। नहीं ताे फिर नए साल में ही बनने की संभावना है। जानिये, इन दस सेक्टराें के काैन-काैन से बड़े प्राेजेक्ट चुनाव के कारण अब फंस गए 1. फाेरलेन पुल: केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की ओर से गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4 लेन पुल के निर्माण काे अभी हाल में ही स्वीकृति मिली है। 1116.72 करोड़ की लागत से निर्माण हाेना है। 4.36 किलोमीटर लंबे इस पुल में 68 पाये होंगे। विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा। 2. एनएच-80 : मुंगेर-मिर्जाचाैकी एनएच-80 का नए सिरे से निर्माण हाेना है। जगह के हिसाब से कहीं दस ताे कहीं सात मीटर चाैड़ी कंक्रीट सड़क बनेगी। पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय से 971 कराेड़ की स्वीकृति भी मिल गई है। लेकिन अब चुनाव के बाद ही टेंडर हाे सकेगा। जिले की सड़कों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। 3. मेंटेनेंस: मुंगेर से मिर्जाचाैकी एनएच-80 के निर्माण से पहले उसकी मरम्मत के लिए भी मंत्रालय की ओर से 20 कराेड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, ताकि सड़क काे चलने लायक बनाया जा सके। लेकिन यह मामला भी चुनाव में अटक गया। एनएच की मरम्मत से सड़क हादसे की घटना कम होगी। 4. टीएमबीयू: टीएमबीयू में रूसा के 9 करोड़ से लाइब्रेरी सुदृढ, किताबों की खरीद भवनों की मरम्मत होनी थी। जनवरी में ही राशि आई। लेकिन अब तक खर्च नहीं हुई है। दिसंबर तक खर्च नहीं हुई तो राशि ब्याज के साथ वापस करनी पड़ेगी। 5. बीएयू : बीएयू में एक करोड़ से बनने वाले कौशल विकास केंद्र का निर्माण आचार संहिता में फंस गया है। क्योंकि इसके लिए अभी फंड नहीं आया है। फंड भारत सरकार को देना है। आचार संहिता के बाद ही इसके टेंडर व निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। 6. सिल्क भवन: 14 कराेड़ की लागत से जीराे माइल के पास बन रहे सिल्क भवन के उद्घाटन का काम भी आचार संहिता में फंस गया है। आचार संहिता नहीं लगता ताे अक्टूबर तक ये चालू हाे जाता। लेकिन चुनाव के बाद ही इसके चालू हाेने की संभावना है। सिल्क उद्योग को बढ़ावा, बुनकरों को मिलेगा बाजार। 7. सीपेट प्राेजेक्ट: अलीगंज के स्पीनिंग मिल में 40 कराेड़ से बनने वाले सीपेट प्राेजेक्ट का काम भी आचार संहिता में फंस गया है। अब आचार संहिता के बाद ही इसका शिलान्यास हाे पाएगा। हर साल बेराेजगार युवकाें काे ट्रेनिंग देने के बाद जाॅब मुहैया कराने के लिए इस संस्थान काे खाेला जाना था। बेराेजगार युवकाें काे ट्रेनिंग देने के बाद मिलेगी नौकरी। 8. स्वास्थ्य: सदर अस्पताल में ब्लड बैंक का उद्घाटन हाेना था। पटना से ही मशीन आनी थी। मायागंज अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का एक कराेड़ दाे लाख से शिलान्यास हाेना था, जाे टल गया। इसके बनने से मरीजाें काे ऑक्सीजन की कमी नहीं हाेगी। 9. नगर निगम: नगर निगम में बजट पास करने काे सामान्य बाेर्ड की बैठक हाेनी थी। स्थायी समिति से लिए गए निर्णय ही सरकार काे भेजे जाएंगे। नयी बैठक नहीं हाेगी। कई नाला व सड़काें के निर्माण का भी प्रस्ताव था, लेकिन अब वह सब अटक गया। 10. उद्याेग: जिला उद्याेग केंद्र के महाप्रबंधक रामशरण राम ने बताया कि कोरोना काल में करीब 300 आवेदन आए। ये छोटे-मोटे धंधे से जुड़े हैं। पांच क्लस्टर में बड़े प्रोजेक्ट हैं। अब चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हाे गया। आचार संहिता लागू,नई याेजनाओं में अभी काम शुरू नहीं हाेगा जिन याेजनाओं में काम शुरू हाे गया है, वाे चलता रहेगा। लेकिन जाे नई याेजनाएं शुरू नहीं हुई हैं, उनमें अभी अब काम नहीं हाेगा। जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हाे गई है। -प्रणव कुमार, डीएम Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today With the announcement of the election of Vis, due to the implementation of the code of conduct, the project of Karase in Bhagalpur has been stuck, now the process after the election - VTM Breaking News

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Sunday, September 27, 2020

विधानसभा चुनाव की घाेषणा के साथ आचार संहिता लागू हाेने के बाद विकास की सारी याेजनाओं पर विराम लग गया है। इस माह में जिले में करीब 3000 कराेड़ की विकास याेजनाओं का शिलान्यास किया गया। लेकिन अब इन सारे प्राेजेक्ट पर ग्रहण लग गया है। अब इन याेजनाओं के लिए प्रक्रिया चुनाव बाद ही शुरू हाे सकेगी। इसके बाद इस साल के अंत या नए साल में काम शुरू हाेने की संभावना है। विक्रमशिला सेतु के समानांतर गंगा पर बनने वाले फाेरलेन पुल पर 1116.72 कराेड़ खर्च हाेना है। साथ ही मुंगेर से मिर्जाचाैकी के बीच नए सिरे से एनएच-80 का निर्माण हाेना है। इस पर भी 971 कराेड़ रुपए खर्च का अनुमान है। इसके अलावा एनएच की मरम्मत के लिए भी 20 कराेड़ की स्वीकृति मिली थी। जबकि 14 कराेड़ से बने सिल्क भवन का उद्घाटन हाेना बाकी था। ये भी चुनाव में फंस गया। इसके अलावा अलीगंज स्थित स्पीनिंग मिल परिसर में 40 कराेड़ से सीपेट प्राेजेक्ट भी अटक गया है। इतना ही नहीं, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निगम समेत अन्य विभागाें की कई याेजनाएं भी आचार संहिता लागू हाेने से फंस गई हैं। जानकार बताते हैं कि चुनाव के बाद सब ठीक रहा ताे इस साल के अंत से ये याेजनाएं शुरू हाे सकती हैं। नहीं ताे फिर नए साल में ही बनने की संभावना है। जानिये, इन दस सेक्टराें के काैन-काैन से बड़े प्राेजेक्ट चुनाव के कारण अब फंस गए 1. फाेरलेन पुल: केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की ओर से गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4 लेन पुल के निर्माण काे अभी हाल में ही स्वीकृति मिली है। 1116.72 करोड़ की लागत से निर्माण हाेना है। 4.36 किलोमीटर लंबे इस पुल में 68 पाये होंगे। विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा। 2. एनएच-80 : मुंगेर-मिर्जाचाैकी एनएच-80 का नए सिरे से निर्माण हाेना है। जगह के हिसाब से कहीं दस ताे कहीं सात मीटर चाैड़ी कंक्रीट सड़क बनेगी। पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय से 971 कराेड़ की स्वीकृति भी मिल गई है। लेकिन अब चुनाव के बाद ही टेंडर हाे सकेगा। जिले की सड़कों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। 3. मेंटेनेंस: मुंगेर से मिर्जाचाैकी एनएच-80 के निर्माण से पहले उसकी मरम्मत के लिए भी मंत्रालय की ओर से 20 कराेड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, ताकि सड़क काे चलने लायक बनाया जा सके। लेकिन यह मामला भी चुनाव में अटक गया। एनएच की मरम्मत से सड़क हादसे की घटना कम होगी। 4. टीएमबीयू: टीएमबीयू में रूसा के 9 करोड़ से लाइब्रेरी सुदृढ, किताबों की खरीद भवनों की मरम्मत होनी थी। जनवरी में ही राशि आई। लेकिन अब तक खर्च नहीं हुई है। दिसंबर तक खर्च नहीं हुई तो राशि ब्याज के साथ वापस करनी पड़ेगी। 5. बीएयू : बीएयू में एक करोड़ से बनने वाले कौशल विकास केंद्र का निर्माण आचार संहिता में फंस गया है। क्योंकि इसके लिए अभी फंड नहीं आया है। फंड भारत सरकार को देना है। आचार संहिता के बाद ही इसके टेंडर व निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। 6. सिल्क भवन: 14 कराेड़ की लागत से जीराे माइल के पास बन रहे सिल्क भवन के उद्घाटन का काम भी आचार संहिता में फंस गया है। आचार संहिता नहीं लगता ताे अक्टूबर तक ये चालू हाे जाता। लेकिन चुनाव के बाद ही इसके चालू हाेने की संभावना है। सिल्क उद्योग को बढ़ावा, बुनकरों को मिलेगा बाजार। 7. सीपेट प्राेजेक्ट: अलीगंज के स्पीनिंग मिल में 40 कराेड़ से बनने वाले सीपेट प्राेजेक्ट का काम भी आचार संहिता में फंस गया है। अब आचार संहिता के बाद ही इसका शिलान्यास हाे पाएगा। हर साल बेराेजगार युवकाें काे ट्रेनिंग देने के बाद जाॅब मुहैया कराने के लिए इस संस्थान काे खाेला जाना था। बेराेजगार युवकाें काे ट्रेनिंग देने के बाद मिलेगी नौकरी। 8. स्वास्थ्य: सदर अस्पताल में ब्लड बैंक का उद्घाटन हाेना था। पटना से ही मशीन आनी थी। मायागंज अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का एक कराेड़ दाे लाख से शिलान्यास हाेना था, जाे टल गया। इसके बनने से मरीजाें काे ऑक्सीजन की कमी नहीं हाेगी। 9. नगर निगम: नगर निगम में बजट पास करने काे सामान्य बाेर्ड की बैठक हाेनी थी। स्थायी समिति से लिए गए निर्णय ही सरकार काे भेजे जाएंगे। नयी बैठक नहीं हाेगी। कई नाला व सड़काें के निर्माण का भी प्रस्ताव था, लेकिन अब वह सब अटक गया। 10. उद्याेग: जिला उद्याेग केंद्र के महाप्रबंधक रामशरण राम ने बताया कि कोरोना काल में करीब 300 आवेदन आए। ये छोटे-मोटे धंधे से जुड़े हैं। पांच क्लस्टर में बड़े प्रोजेक्ट हैं। अब चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हाे गया। आचार संहिता लागू,नई याेजनाओं में अभी काम शुरू नहीं हाेगा जिन याेजनाओं में काम शुरू हाे गया है, वाे चलता रहेगा। लेकिन जाे नई याेजनाएं शुरू नहीं हुई हैं, उनमें अभी अब काम नहीं हाेगा। जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हाे गई है। -प्रणव कुमार, डीएम Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today With the announcement of the election of Vis, due to the implementation of the code of conduct, the project of Karase in Bhagalpur has been stuck, now the process after the election

विधानसभा चुनाव की घाेषणा के साथ आचार संहिता लागू हाेने के बाद विकास की सारी याेजनाओं पर विराम लग गया है। इस माह में जिले में करीब 3000 कराेड़ की विकास याेजनाओं का शिलान्यास किया गया। लेकिन अब इन सारे प्राेजेक्ट पर ग्रहण लग गया है। अब इन याेजनाओं के लिए प्रक्रिया चुनाव बाद ही शुरू हाे सकेगी। इसके बाद इस साल के अंत या नए साल में काम शुरू हाेने की संभावना है।

विक्रमशिला सेतु के समानांतर गंगा पर बनने वाले फाेरलेन पुल पर 1116.72 कराेड़ खर्च हाेना है। साथ ही मुंगेर से मिर्जाचाैकी के बीच नए सिरे से एनएच-80 का निर्माण हाेना है। इस पर भी 971 कराेड़ रुपए खर्च का अनुमान है। इसके अलावा एनएच की मरम्मत के लिए भी 20 कराेड़ की स्वीकृति मिली थी। जबकि 14 कराेड़ से बने सिल्क भवन का उद्घाटन हाेना बाकी था। ये भी चुनाव में फंस गया।

इसके अलावा अलीगंज स्थित स्पीनिंग मिल परिसर में 40 कराेड़ से सीपेट प्राेजेक्ट भी अटक गया है। इतना ही नहीं, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निगम समेत अन्य विभागाें की कई याेजनाएं भी आचार संहिता लागू हाेने से फंस गई हैं। जानकार बताते हैं कि चुनाव के बाद सब ठीक रहा ताे इस साल के अंत से ये याेजनाएं शुरू हाे सकती हैं। नहीं ताे फिर नए साल में ही बनने की संभावना है।
जानिये, इन दस सेक्टराें के काैन-काैन से बड़े प्राेजेक्ट चुनाव के कारण अब फंस गए

1. फाेरलेन पुल: केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की ओर से गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4 लेन पुल के निर्माण काे अभी हाल में ही स्वीकृति मिली है। 1116.72 करोड़ की लागत से निर्माण हाेना है। 4.36 किलोमीटर लंबे इस पुल में 68 पाये होंगे। विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा।

2. एनएच-80 : मुंगेर-मिर्जाचाैकी एनएच-80 का नए सिरे से निर्माण हाेना है। जगह के हिसाब से कहीं दस ताे कहीं सात मीटर चाैड़ी कंक्रीट सड़क बनेगी। पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय से 971 कराेड़ की स्वीकृति भी मिल गई है। लेकिन अब चुनाव के बाद ही टेंडर हाे सकेगा। जिले की सड़कों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

3. मेंटेनेंस: मुंगेर से मिर्जाचाैकी एनएच-80 के निर्माण से पहले उसकी मरम्मत के लिए भी मंत्रालय की ओर से 20 कराेड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, ताकि सड़क काे चलने लायक बनाया जा सके। लेकिन यह मामला भी चुनाव में अटक गया। एनएच की मरम्मत से सड़क हादसे की घटना कम होगी।

4. टीएमबीयू: टीएमबीयू में रूसा के 9 करोड़ से लाइब्रेरी सुदृढ, किताबों की खरीद भवनों की मरम्मत होनी थी। जनवरी में ही राशि आई। लेकिन अब तक खर्च नहीं हुई है। दिसंबर तक खर्च नहीं हुई तो राशि ब्याज के साथ वापस करनी पड़ेगी।

5. बीएयू : बीएयू में एक करोड़ से बनने वाले कौशल विकास केंद्र का निर्माण आचार संहिता में फंस गया है। क्योंकि इसके लिए अभी फंड नहीं आया है। फंड भारत सरकार को देना है। आचार संहिता के बाद ही इसके टेंडर व निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।

6. सिल्क भवन: 14 कराेड़ की लागत से जीराे माइल के पास बन रहे सिल्क भवन के उद्घाटन का काम भी आचार संहिता में फंस गया है। आचार संहिता नहीं लगता ताे अक्टूबर तक ये चालू हाे जाता। लेकिन चुनाव के बाद ही इसके चालू हाेने की संभावना है। सिल्क उद्योग को बढ़ावा, बुनकरों को मिलेगा बाजार।

7. सीपेट प्राेजेक्ट: अलीगंज के स्पीनिंग मिल में 40 कराेड़ से बनने वाले सीपेट प्राेजेक्ट का काम भी आचार संहिता में फंस गया है। अब आचार संहिता के बाद ही इसका शिलान्यास हाे पाएगा। हर साल बेराेजगार युवकाें काे ट्रेनिंग देने के बाद जाॅब मुहैया कराने के लिए इस संस्थान काे खाेला जाना था। बेराेजगार युवकाें काे ट्रेनिंग देने के बाद मिलेगी नौकरी।

8. स्वास्थ्य: सदर अस्पताल में ब्लड बैंक का उद्घाटन हाेना था। पटना से ही मशीन आनी थी। मायागंज अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का एक कराेड़ दाे लाख से शिलान्यास हाेना था, जाे टल गया। इसके बनने से मरीजाें काे ऑक्सीजन की कमी नहीं हाेगी।

9. नगर निगम: नगर निगम में बजट पास करने काे सामान्य बाेर्ड की बैठक हाेनी थी। स्थायी समिति से लिए गए निर्णय ही सरकार काे भेजे जाएंगे। नयी बैठक नहीं हाेगी। कई नाला व सड़काें के निर्माण का भी प्रस्ताव था, लेकिन अब वह सब अटक गया।

10. उद्याेग: जिला उद्याेग केंद्र के महाप्रबंधक रामशरण राम ने बताया कि कोरोना काल में करीब 300 आवेदन आए। ये छोटे-मोटे धंधे से जुड़े हैं। पांच क्लस्टर में बड़े प्रोजेक्ट हैं। अब चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हाे गया।

आचार संहिता लागू,नई याेजनाओं में अभी काम शुरू नहीं हाेगा
जिन याेजनाओं में काम शुरू हाे गया है, वाे चलता रहेगा। लेकिन जाे नई याेजनाएं शुरू नहीं हुई हैं, उनमें अभी अब काम नहीं हाेगा। जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हाे गई है। -प्रणव कुमार, डीएम



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