केंद्रीय डेयरी एवं पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह शनिवार की शाम बरौनी सुधा डेयरी के नए प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे। बरौनी सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक सुनील रंजन मिश्रा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मंत्री को डेयरी में लगाए गए बीज प्रसंस्करण प्रभाग, साइलेज प्रोसेसिंग प्लांट, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन यूनिट समेत अन्य यूनिट का निरीक्षण करवाया एवं उस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा डेयरी द्वारा चलाई जा रही नई किसानोपयोगी योजनाओं से मंत्री को अवगत करवाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ जिला अध्यक्ष राज किशोर सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय सिंह, अमरेंद्र अमर, केशव शांडिल, पूर्व विधायक ललन कुंवर समेत अन्य लोग मौजूद थे। डेयरी के ठेका मजदूरों ने मंत्री काे मांग पत्र साैंपा केंद्रीय मंत्री के डेयरी पहुंचते ही बरौनी सुधा डेयरी के गेट के अंदर पहले से मौजूद डेयरी के ठेका मजदूरों ने मंत्री के गाड़ी के काफिला को घेरकर अपनी मांगों के लिए नारेबाजी करने लगे। पहले तो उनके साथ चल रहे नीचे पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन कर रहे मजदूरों को हटाने का प्रयास किया लेकिन बाद में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह खुद गाड़ी से उतर कर मजदूरों का मांग पत्र तो लिया। लेकिन यह कह कर इन मांगों में सहयोग की बातों को खारिज कर दिया कि वे केंद्रीय मंत्री हैं जबकि उनकी मांग डेयरी प्रबंधन एवं बिहार सरकार से जुड़ी हुई है। इस बीच मंत्री महोदय तो निरीक्षण व अन्य कार्यक्रम के लिए डेयरी के अंदर चले गए। लेकिन ठेका मजदूर और अधिक आक्रोशित होकर डेयरी के द्वार पर धरना पर बैठे गए और नारेबाजी करने लगे। क्या है मांग आंदोलन कर रहे हैं मजदूरों का कहना है कि वे बीते 15 से 20 वर्षों से डेयरी में लगातार दैनिक ठेका मजदूर के रुप में काम कर रहे हैं। लेकिन अब उन लोगों को पीस कांटेक्ट लेबर के रूप में काम लिया जा रहा है। जिस दौरान लोगों को कभी 2 घंटे तो कभी 4 घंटे काम लिया जाता है। जबकि महीने में कभी 5 दिन तो कभी 10 दिन हाजिरी बनाई जाती है। जिस कारण वे भूखमरी के कगार पर हैं। इसीलिए पुनः उन्हें पूरे महीने कम से कम 8 घंटे की ड्यूटी ली जाए। इसके अलावा ग्रेड में प्रमोशन दिए जाने, 7 वर्ष में एक बार वर्दी दिए जाने, साप्ताहिक अवकाश किए जाने, चिकित्सा सेफ्टी उपकरण दिए जाने समेत अन्य सुविधा को शुरू करने की मांग की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Intense tussle between minister's workers and agitated laborers - VTM Breaking News

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Sunday, September 06, 2020

केंद्रीय डेयरी एवं पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह शनिवार की शाम बरौनी सुधा डेयरी के नए प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे। बरौनी सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक सुनील रंजन मिश्रा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मंत्री को डेयरी में लगाए गए बीज प्रसंस्करण प्रभाग, साइलेज प्रोसेसिंग प्लांट, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन यूनिट समेत अन्य यूनिट का निरीक्षण करवाया एवं उस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा डेयरी द्वारा चलाई जा रही नई किसानोपयोगी योजनाओं से मंत्री को अवगत करवाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ जिला अध्यक्ष राज किशोर सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय सिंह, अमरेंद्र अमर, केशव शांडिल, पूर्व विधायक ललन कुंवर समेत अन्य लोग मौजूद थे। डेयरी के ठेका मजदूरों ने मंत्री काे मांग पत्र साैंपा केंद्रीय मंत्री के डेयरी पहुंचते ही बरौनी सुधा डेयरी के गेट के अंदर पहले से मौजूद डेयरी के ठेका मजदूरों ने मंत्री के गाड़ी के काफिला को घेरकर अपनी मांगों के लिए नारेबाजी करने लगे। पहले तो उनके साथ चल रहे नीचे पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन कर रहे मजदूरों को हटाने का प्रयास किया लेकिन बाद में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह खुद गाड़ी से उतर कर मजदूरों का मांग पत्र तो लिया। लेकिन यह कह कर इन मांगों में सहयोग की बातों को खारिज कर दिया कि वे केंद्रीय मंत्री हैं जबकि उनकी मांग डेयरी प्रबंधन एवं बिहार सरकार से जुड़ी हुई है। इस बीच मंत्री महोदय तो निरीक्षण व अन्य कार्यक्रम के लिए डेयरी के अंदर चले गए। लेकिन ठेका मजदूर और अधिक आक्रोशित होकर डेयरी के द्वार पर धरना पर बैठे गए और नारेबाजी करने लगे। क्या है मांग आंदोलन कर रहे हैं मजदूरों का कहना है कि वे बीते 15 से 20 वर्षों से डेयरी में लगातार दैनिक ठेका मजदूर के रुप में काम कर रहे हैं। लेकिन अब उन लोगों को पीस कांटेक्ट लेबर के रूप में काम लिया जा रहा है। जिस दौरान लोगों को कभी 2 घंटे तो कभी 4 घंटे काम लिया जाता है। जबकि महीने में कभी 5 दिन तो कभी 10 दिन हाजिरी बनाई जाती है। जिस कारण वे भूखमरी के कगार पर हैं। इसीलिए पुनः उन्हें पूरे महीने कम से कम 8 घंटे की ड्यूटी ली जाए। इसके अलावा ग्रेड में प्रमोशन दिए जाने, 7 वर्ष में एक बार वर्दी दिए जाने, साप्ताहिक अवकाश किए जाने, चिकित्सा सेफ्टी उपकरण दिए जाने समेत अन्य सुविधा को शुरू करने की मांग की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Intense tussle between minister's workers and agitated laborers

केंद्रीय डेयरी एवं पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह शनिवार की शाम बरौनी सुधा डेयरी के नए प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे। बरौनी सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक सुनील रंजन मिश्रा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मंत्री को डेयरी में लगाए गए बीज प्रसंस्करण प्रभाग, साइलेज प्रोसेसिंग प्लांट, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन यूनिट समेत अन्य यूनिट का निरीक्षण करवाया एवं उस संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

इसके अलावा डेयरी द्वारा चलाई जा रही नई किसानोपयोगी योजनाओं से मंत्री को अवगत करवाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ जिला अध्यक्ष राज किशोर सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय सिंह, अमरेंद्र अमर, केशव शांडिल, पूर्व विधायक ललन कुंवर समेत अन्य लोग मौजूद थे।
डेयरी के ठेका मजदूरों ने मंत्री काे मांग पत्र साैंपा
केंद्रीय मंत्री के डेयरी पहुंचते ही बरौनी सुधा डेयरी के गेट के अंदर पहले से मौजूद डेयरी के ठेका मजदूरों ने मंत्री के गाड़ी के काफिला को घेरकर अपनी मांगों के लिए नारेबाजी करने लगे। पहले तो उनके साथ चल रहे नीचे पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन कर रहे मजदूरों को हटाने का प्रयास किया लेकिन बाद में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह खुद गाड़ी से उतर कर मजदूरों का मांग पत्र तो लिया।

लेकिन यह कह कर इन मांगों में सहयोग की बातों को खारिज कर दिया कि वे केंद्रीय मंत्री हैं जबकि उनकी मांग डेयरी प्रबंधन एवं बिहार सरकार से जुड़ी हुई है। इस बीच मंत्री महोदय तो निरीक्षण व अन्य कार्यक्रम के लिए डेयरी के अंदर चले गए। लेकिन ठेका मजदूर और अधिक आक्रोशित होकर डेयरी के द्वार पर धरना पर बैठे गए और नारेबाजी करने लगे।
क्या है मांग
आंदोलन कर रहे हैं मजदूरों का कहना है कि वे बीते 15 से 20 वर्षों से डेयरी में लगातार दैनिक ठेका मजदूर के रुप में काम कर रहे हैं। लेकिन अब उन लोगों को पीस कांटेक्ट लेबर के रूप में काम लिया जा रहा है। जिस दौरान लोगों को कभी 2 घंटे तो कभी 4 घंटे काम लिया जाता है। जबकि महीने में कभी 5 दिन तो कभी 10 दिन हाजिरी बनाई जाती है।

जिस कारण वे भूखमरी के कगार पर हैं। इसीलिए पुनः उन्हें पूरे महीने कम से कम 8 घंटे की ड्यूटी ली जाए। इसके अलावा ग्रेड में प्रमोशन दिए जाने, 7 वर्ष में एक बार वर्दी दिए जाने, साप्ताहिक अवकाश किए जाने, चिकित्सा सेफ्टी उपकरण दिए जाने समेत अन्य सुविधा को शुरू करने की मांग की।



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