किदवईपुरी से बुधवार को सेक्स रैकेट मामले में गिरफ्तार दो लोगों से पूछताछ के बाद छापेमारी लगातार जारी है। बोरिंग रोड, हनुमाननगर, कंकड़बाग सहित कई इलाकों से पुलिस ने कोलकाता और फुलवारीशरीफ की तीन सेक्स वर्कर, एक महिला दलाल अाैर चार अन्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आया दलाल आलोक रंजन बुद्धा काॅलोनी, मनोवर आलम पूर्णिया और कुंदन परसा बाजार का रहने वाला है। आलोक रंजन की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली थाने के एक जवान ने ग्राहक बनकर महिला दलाल को वाट्सएप पर फोन किया। जब महिला को विश्वास हो गया कि फोन करने वाला ग्राहक ही है, तब सारा मामला खुला। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया। अन्य शातिरों की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार की देर रात तक पुलिस की छापेमारी जारी रही। आलोक रंजन मैकेनिकल इंजीनियर है। कुछ दिन नौकरी करने के बाद अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उसने कहा कि उसने एक एडल्ट वेबसाइट पर अपना नाम और नंबर रजिस्टर्ड कर दिया। इसके बाद उसके पास फोन आने लगे। अब वह पूरी तरह से इसी धंधे में शामिल हो गया है। आलोक के साथ ही कोलकाता की सेक्स वर्कर पकड़ी गई है। दोनों की निशानदेही पर अन्य लोग पकड़े गए। दाई की नौकरी पर रखा और जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया एक सेक्स वर्कर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह नाबालिग है। वह किसी तरह महिला दलाल के संपर्क में आ गई। उसे पैसे की जरूरत थी तो वह दाई का काम ढूंढ़ रही थी। नाबालिग युवती ने कहा कि कुछ दिन तक महिला ने उससे घर का झाड़ू-पोछा करवाया, फिर जबरदस्ती जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया। पेमेंट से लेकर डीलिंग तक सबकुछ ऑनलाइन शातिर किसी ग्राहक से सीधे बातचीत नहीं करते हैं। इन लोगों के पास वही लोग पहुंचते हैं जाे संबंधित वेबसाइट तक पहुंचे हैं। इसके बाद दलाल ग्राहक से पहले वाट्सएप से चैट करता है। फिर वाट्सएप कॉल से ही बात होती है। बात पक्की होने पर 7 हजार, 13 हजार से लेकर 45 हजार तक पेमेंट लिए जाते हैं। सारा पेमेंट खाते में या गुगल पे और पेटीएम से शातिर लेता है। डॉक्टर बी का आया काॅल-प्लीज मेरा नाम नहीं बताना: महिला दलाल के फोन में कई संदिग्ध नंबर सेव थे। कोड वर्ड में नंबर सेव थे। महिला दलाल की जब काउंसिलिंग की जा रही थी तभी डॉक्टर बी का फोन आया। महिला ने यह कहते हुए फोन उठा लिया कि डॉक्टर साहब फोन कर रहे हैं। उधर से कथित डॉक्टर बी ने कहा -सुना है तुम्हें पुलिस ने पकड़ लिया है। प्लीज मेरा नाम नहीं बताना। इसके अलावा डॉक्टर ए, डॉक्टर एस, एसडी, आरसी सहित कई कोड वर्ड से नंबर सेव थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today - VTM Breaking News

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Friday, August 28, 2020

किदवईपुरी से बुधवार को सेक्स रैकेट मामले में गिरफ्तार दो लोगों से पूछताछ के बाद छापेमारी लगातार जारी है। बोरिंग रोड, हनुमाननगर, कंकड़बाग सहित कई इलाकों से पुलिस ने कोलकाता और फुलवारीशरीफ की तीन सेक्स वर्कर, एक महिला दलाल अाैर चार अन्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आया दलाल आलोक रंजन बुद्धा काॅलोनी, मनोवर आलम पूर्णिया और कुंदन परसा बाजार का रहने वाला है। आलोक रंजन की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली थाने के एक जवान ने ग्राहक बनकर महिला दलाल को वाट्सएप पर फोन किया। जब महिला को विश्वास हो गया कि फोन करने वाला ग्राहक ही है, तब सारा मामला खुला। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया। अन्य शातिरों की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार की देर रात तक पुलिस की छापेमारी जारी रही। आलोक रंजन मैकेनिकल इंजीनियर है। कुछ दिन नौकरी करने के बाद अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उसने कहा कि उसने एक एडल्ट वेबसाइट पर अपना नाम और नंबर रजिस्टर्ड कर दिया। इसके बाद उसके पास फोन आने लगे। अब वह पूरी तरह से इसी धंधे में शामिल हो गया है। आलोक के साथ ही कोलकाता की सेक्स वर्कर पकड़ी गई है। दोनों की निशानदेही पर अन्य लोग पकड़े गए। दाई की नौकरी पर रखा और जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया एक सेक्स वर्कर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह नाबालिग है। वह किसी तरह महिला दलाल के संपर्क में आ गई। उसे पैसे की जरूरत थी तो वह दाई का काम ढूंढ़ रही थी। नाबालिग युवती ने कहा कि कुछ दिन तक महिला ने उससे घर का झाड़ू-पोछा करवाया, फिर जबरदस्ती जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया। पेमेंट से लेकर डीलिंग तक सबकुछ ऑनलाइन शातिर किसी ग्राहक से सीधे बातचीत नहीं करते हैं। इन लोगों के पास वही लोग पहुंचते हैं जाे संबंधित वेबसाइट तक पहुंचे हैं। इसके बाद दलाल ग्राहक से पहले वाट्सएप से चैट करता है। फिर वाट्सएप कॉल से ही बात होती है। बात पक्की होने पर 7 हजार, 13 हजार से लेकर 45 हजार तक पेमेंट लिए जाते हैं। सारा पेमेंट खाते में या गुगल पे और पेटीएम से शातिर लेता है। डॉक्टर बी का आया काॅल-प्लीज मेरा नाम नहीं बताना: महिला दलाल के फोन में कई संदिग्ध नंबर सेव थे। कोड वर्ड में नंबर सेव थे। महिला दलाल की जब काउंसिलिंग की जा रही थी तभी डॉक्टर बी का फोन आया। महिला ने यह कहते हुए फोन उठा लिया कि डॉक्टर साहब फोन कर रहे हैं। उधर से कथित डॉक्टर बी ने कहा -सुना है तुम्हें पुलिस ने पकड़ लिया है। प्लीज मेरा नाम नहीं बताना। इसके अलावा डॉक्टर ए, डॉक्टर एस, एसडी, आरसी सहित कई कोड वर्ड से नंबर सेव थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

किदवईपुरी से बुधवार को सेक्स रैकेट मामले में गिरफ्तार दो लोगों से पूछताछ के बाद छापेमारी लगातार जारी है। बोरिंग रोड, हनुमाननगर, कंकड़बाग सहित कई इलाकों से पुलिस ने कोलकाता और फुलवारीशरीफ की तीन सेक्स वर्कर, एक महिला दलाल अाैर चार अन्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आया दलाल आलोक रंजन बुद्धा काॅलोनी, मनोवर आलम पूर्णिया और कुंदन परसा बाजार का रहने वाला है। आलोक रंजन की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली थाने के एक जवान ने ग्राहक बनकर महिला दलाल को वाट्सएप पर फोन किया।

जब महिला को विश्वास हो गया कि फोन करने वाला ग्राहक ही है, तब सारा मामला खुला। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया। अन्य शातिरों की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार की देर रात तक पुलिस की छापेमारी जारी रही। आलोक रंजन मैकेनिकल इंजीनियर है। कुछ दिन नौकरी करने के बाद अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उसने कहा कि उसने एक एडल्ट वेबसाइट पर अपना नाम और नंबर रजिस्टर्ड कर दिया। इसके बाद उसके पास फोन आने लगे। अब वह पूरी तरह से इसी धंधे में शामिल हो गया है। आलोक के साथ ही कोलकाता की सेक्स वर्कर पकड़ी गई है। दोनों की निशानदेही पर अन्य लोग पकड़े गए।

दाई की नौकरी पर रखा और जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया
एक सेक्स वर्कर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह नाबालिग है। वह किसी तरह महिला दलाल के संपर्क में आ गई। उसे पैसे की जरूरत थी तो वह दाई का काम ढूंढ़ रही थी। नाबालिग युवती ने कहा कि कुछ दिन तक महिला ने उससे घर का झाड़ू-पोछा करवाया, फिर जबरदस्ती जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया।
पेमेंट से लेकर डीलिंग तक सबकुछ ऑनलाइन
शातिर किसी ग्राहक से सीधे बातचीत नहीं करते हैं। इन लोगों के पास वही लोग पहुंचते हैं जाे संबंधित वेबसाइट तक पहुंचे हैं। इसके बाद दलाल ग्राहक से पहले वाट्सएप से चैट करता है। फिर वाट्सएप कॉल से ही बात होती है। बात पक्की होने पर 7 हजार, 13 हजार से लेकर 45 हजार तक पेमेंट लिए जाते हैं। सारा पेमेंट खाते में या गुगल पे और पेटीएम से शातिर लेता है।
डॉक्टर बी का आया काॅल-प्लीज मेरा नाम नहीं बताना: महिला दलाल के फोन में कई संदिग्ध नंबर सेव थे। कोड वर्ड में नंबर सेव थे। महिला दलाल की जब काउंसिलिंग की जा रही थी तभी डॉक्टर बी का फोन आया। महिला ने यह कहते हुए फोन उठा लिया कि डॉक्टर साहब फोन कर रहे हैं। उधर से कथित डॉक्टर बी ने कहा -सुना है तुम्हें पुलिस ने पकड़ लिया है। प्लीज मेरा नाम नहीं बताना। इसके अलावा डॉक्टर ए, डॉक्टर एस, एसडी, आरसी सहित कई कोड वर्ड से नंबर सेव थे।



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