मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चयों में से एक महत्वपूर्ण कड़ी पक्की गली-नाली योजना राज्य में 31 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। अबतक 113382 वार्ड में हर घर तक पक्की गली और नाली बना ली गई है। इस योजना में 114606 वार्ड में काम कराने का लक्ष्य रखा गया था। पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों के कामकाज में सुधार के लिए सभी जिलों में पंचायत प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी।
उन्हाेंने बताया कि पंचायती राज विभाग के जरिए 58280 में से 53373 वार्ड में हर घर नल का जल योजना का काम पूरा हो गया है। अबतक 86 लाख घरों में पाइप द्वारा पेयजल का कनेक्शन दिया गया है। बचे हुए वार्ड में से कुछ में बोरिंग कराई जा रही है और कहीं-कहीं पर बाढ़ की वजह से काम रुक गया है। अन्य 50080 वार्ड में पीएचईडी के माध्यम से इस योजना पर काम हो रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि जलापूर्ति केंद्रों के संचालन की मुख्यालय स्तर से इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) डिवाइस के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे यह पता चलेगा कि कहां पर पानी की आपूर्ति कितने समय तक हुई या कितने समय से बंद है?
8.26 करोड़ मास्क का हुआ वितरण: सरकार ने हर एक ग्रामीण परिवार को 4-4 मास्क और एक साबुन मुफ्त देने का फैसला लिया है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अबतक 2.16 करोड़ परिवारों के बीच 8.26 करोड़ मास्क और 2.22 करोड़ परिवारों को साबुन दिया गया है। अधिकतर मास्क को जीविका समूह द्वारा तैयार किया गया है। इससे ग्राम स्तर पर लोगों को रोजगार मिला है।
4559 ग्राम पंचायतों में खुले आरटीपीएस केंद्र : अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य की सभी पंचायतों में आरटीपीएस केंद्र खोलने का फैसला लिया गया है, ताकि गांव में रहने वाले लोगों को बार-बार प्रखंड कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़े। फिलहाल 4559 ग्राम पंचायतों में आरटीपीएस केंद्र पर काम शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर 2409 ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बना लिया गया है।
15वें वित्त आयोग से मिले 2509 करोड़ रुपए : राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के लिए 15वें वित्त आयोग से 2509 करोड़ रुपए मिले हैं। इनमें से 70 प्रतिशत रुपए ग्राम पंचायतों को भेज दिए गए हैं। वहीं 20 प्रतिशत रुपए पंचायत समितियों को, जबकि 10 प्रतिशत हिस्सा जिला परिषद को दिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर लोगों को मिला रोजगार
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि ग्राम पंचायतों के जरिए स्थानीय स्तर पर लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिला है। हर 4 ग्राम पंचायत पर एक तकनीकी सहायक (जूनियर इंजीनियर) और एक लेखापाल की तैनाती की जा रही है। फिलहाल 2092 ग्राम पंचायतों में से 1500 में तकनीकी सहायक और लेखापाल का नियोजन हो गया है। इसके अलावा 7000 ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले एक-एक कार्यपालक सहायक के तैनाती की गई है। साथ ही हर घर नल का जल योजना की मॉनिटरिंग, संचालन और मेंटेनेंस के लिए 53357 वार्ड में 1-1 अनुरक्षक की तैनाती की गई है।
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