सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने रविवार को कहा कि शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने और सफलता हासिल करने के लिए एक ऐसी सीढ़ी का निर्माण करना है, जिसका उपयोग करके वे ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों का निर्माण इसी तरह से होता है। समतावादी दुनिया बनाने के लिए शिक्षा का मूल उद्देश्य भी यही है कि शिक्षा में सबको समान अवसर हासिल हों। इससे प्रगति और समृद्धि काे भी प्रोत्साहन मिलता है। कार्यक्रम का आयोजन सुपर 30 के नीदरलैंड में दाेबारा रिलीज होने के बाद फिल्म से प्रभावित होकर कुछ यूरोप के शिक्षकों द्वारा किया गया था। ‘द लर्नर्स कॉन्फ्लूएंस’ द्वारा आयोजित ‘वर्चुअल इंटरेक्टिव सेशन ऑन पैशिनेट टीचर्स मेकिंग ट्रांसफॉर्मेशन’ विषय पर वेबिनार पर बोलते हुए उन्होंने सुपर 30 फिल्म के प्रभाव, एक शिक्षक के रूप में उनकी यात्रा और कैसे अच्छे शिक्षक फर्क कर सकते हैं, के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों में यूरोपीय यूनियन, नीदरलैंड और बेल्जियम के विशेषज्ञ शामिल रहे। आनंद ने कहा कि हर छात्र, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति या पृष्ठभूमि कुछ भी हो, उसे उत्कृष्टता प्राप्त करने का समान अवसर मिलना चाहिए। एक शिक्षक होने के नाते यह एक महान विशेषाधिकार है और सभी शिक्षकों को अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि वंचित वर्गों के सभी छात्रों को वे अवसर मिलें जिनके वे हकदार हैं क्योंकि उनमें उत्कृष्टता प्राप्त करने का जुनून काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि अधिक अवसर पैदा करके, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों पर अधिक खर्च करके और इन सबसे ऊपर शिक्षा को एक ऐसा आकर्षक पेशा बनाकर कि बेहतरीन प्रतिभाएं इस ओर आकर्षित हों; इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाकर बहुत कुछ बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पीढ़ियों का निर्माण और वास्तविक विकास सुनिश्चित कर सकते हैं। दुनिया में शिक्षा एक समान गुणवत्ता की होनी चाहिए। आज वंचित वर्गों को ऊपर लाने के लिए सहारे की जरूरत है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Changes in life and making the ladder of success for others the real goal of education - VTM Breaking News

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Monday, August 24, 2020

सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने रविवार को कहा कि शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने और सफलता हासिल करने के लिए एक ऐसी सीढ़ी का निर्माण करना है, जिसका उपयोग करके वे ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों का निर्माण इसी तरह से होता है। समतावादी दुनिया बनाने के लिए शिक्षा का मूल उद्देश्य भी यही है कि शिक्षा में सबको समान अवसर हासिल हों। इससे प्रगति और समृद्धि काे भी प्रोत्साहन मिलता है। कार्यक्रम का आयोजन सुपर 30 के नीदरलैंड में दाेबारा रिलीज होने के बाद फिल्म से प्रभावित होकर कुछ यूरोप के शिक्षकों द्वारा किया गया था। ‘द लर्नर्स कॉन्फ्लूएंस’ द्वारा आयोजित ‘वर्चुअल इंटरेक्टिव सेशन ऑन पैशिनेट टीचर्स मेकिंग ट्रांसफॉर्मेशन’ विषय पर वेबिनार पर बोलते हुए उन्होंने सुपर 30 फिल्म के प्रभाव, एक शिक्षक के रूप में उनकी यात्रा और कैसे अच्छे शिक्षक फर्क कर सकते हैं, के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों में यूरोपीय यूनियन, नीदरलैंड और बेल्जियम के विशेषज्ञ शामिल रहे। आनंद ने कहा कि हर छात्र, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति या पृष्ठभूमि कुछ भी हो, उसे उत्कृष्टता प्राप्त करने का समान अवसर मिलना चाहिए। एक शिक्षक होने के नाते यह एक महान विशेषाधिकार है और सभी शिक्षकों को अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि वंचित वर्गों के सभी छात्रों को वे अवसर मिलें जिनके वे हकदार हैं क्योंकि उनमें उत्कृष्टता प्राप्त करने का जुनून काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि अधिक अवसर पैदा करके, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों पर अधिक खर्च करके और इन सबसे ऊपर शिक्षा को एक ऐसा आकर्षक पेशा बनाकर कि बेहतरीन प्रतिभाएं इस ओर आकर्षित हों; इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाकर बहुत कुछ बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पीढ़ियों का निर्माण और वास्तविक विकास सुनिश्चित कर सकते हैं। दुनिया में शिक्षा एक समान गुणवत्ता की होनी चाहिए। आज वंचित वर्गों को ऊपर लाने के लिए सहारे की जरूरत है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Changes in life and making the ladder of success for others the real goal of education

सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने रविवार को कहा कि शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने और सफलता हासिल करने के लिए एक ऐसी सीढ़ी का निर्माण करना है, जिसका उपयोग करके वे ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि पीढ़ियों का निर्माण इसी तरह से होता है। समतावादी दुनिया बनाने के लिए शिक्षा का मूल उद्देश्य भी यही है कि शिक्षा में सबको समान अवसर हासिल हों। इससे प्रगति और समृद्धि काे भी प्रोत्साहन मिलता है। कार्यक्रम का आयोजन सुपर 30 के नीदरलैंड में दाेबारा रिलीज होने के बाद फिल्म से प्रभावित होकर कुछ यूरोप के शिक्षकों द्वारा किया गया था।

‘द लर्नर्स कॉन्फ्लूएंस’ द्वारा आयोजित ‘वर्चुअल इंटरेक्टिव सेशन ऑन पैशिनेट टीचर्स मेकिंग ट्रांसफॉर्मेशन’ विषय पर वेबिनार पर बोलते हुए उन्होंने सुपर 30 फिल्म के प्रभाव, एक शिक्षक के रूप में उनकी यात्रा और कैसे अच्छे शिक्षक फर्क कर सकते हैं, के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों में यूरोपीय यूनियन, नीदरलैंड और बेल्जियम के विशेषज्ञ शामिल रहे।
आनंद ने कहा कि हर छात्र, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति या पृष्ठभूमि कुछ भी हो, उसे उत्कृष्टता प्राप्त करने का समान अवसर मिलना चाहिए। एक शिक्षक होने के नाते यह एक महान विशेषाधिकार है और सभी शिक्षकों को अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि वंचित वर्गों के सभी छात्रों को वे अवसर मिलें जिनके वे हकदार हैं क्योंकि उनमें उत्कृष्टता प्राप्त करने का जुनून काफी अधिक है।

उन्होंने कहा कि अधिक अवसर पैदा करके, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों पर अधिक खर्च करके और इन सबसे ऊपर शिक्षा को एक ऐसा आकर्षक पेशा बनाकर कि बेहतरीन प्रतिभाएं इस ओर आकर्षित हों; इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाकर बहुत कुछ बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पीढ़ियों का निर्माण और वास्तविक विकास सुनिश्चित कर सकते हैं। दुनिया में शिक्षा एक समान गुणवत्ता की होनी चाहिए। आज वंचित वर्गों को ऊपर लाने के लिए सहारे की जरूरत है।



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