काली बाइक पर सवार तीन कम उम्र के बदमाश भागलपुर पुलिस के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। पिछले 2 दिनों में इस गैंग ने तीन घटनाओं को अंजाम दिया है। बदमाशों ने लूटपाट की ऐसी तरकीब निकाली है, जिससे पुलिस को सुराग मिलना भी मुश्किल हो गया है। सबसे पहले कोतवाली इलाके में बाइक सवार ने एक राहगीर का मोबाइल छीन लिया। इस घटना के कुछ देर बाद भीखनपुर में दुवा दुकान में लूट और फिर आदमपुर के सीसीटीवी मुखर्जी रोड में किराना दुकानदार पर गोलीबारी की घटनाओं ने पुलिसिंग की पोल खोल दी है। दवा और किराना दुकान की घटना में एक ही गैंग का हाथ होने के कयास लगाए जा रहे हैं। क्योंकि दोनों घटनाओं का तरीका, समय, अपराधियों की संख्या एक जैसा है। पुलिस भी दोनों घटनाओं में एक ही गैंग की संलिप्तता मानकर जांच कर रही है। लूट, गोलीबारी की घटना के बाद शनिवार शाम को थानेदारों ने अपने-अपने इलाके में वाहनों की सघन जांच की। बरारी थानेदार नवनीश कुमार डीएम आवास के पास चेकिंग लगाकर हर छोटी-बड़ी वाहनों की जांच की। तिलकामांझी पुलिस ने तिलकामांझी चौक पर वाहनों की जांच की। स्टेशन चौक पर कोतवाली पुलिस, उल्टा पुल पर मोजाहिदपुर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। दवा और किराना दुकान की वारदात में ये है समानता घटना का समय: दवा और किराना दुकान में हुई घटनाओं का टाइमिंग एक ही समय है। दोनों दुकानदार जब दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे, तभी अपराधी आ धमके और लूटपाट की। अपराधियों की संख्या : दोनों घटनाओं में अपराधियों की संख्या 3-3 है। अपराधियों का उम्र और हुलिया भी दोनों घटनाओं में एक जैसा है। बदमाश ग्राहक बनकर दोनों दुकानों में घुसे थे। काले रंग की बाइक : दोनों घटनाओं में अपराधियों ने काले रंग की बाइक का उपयोग किया है। पुलिस ने चश्मदीदों से पूछताछ कर बाइक का पता भी लगा लिया है। बस उसके सवार की पहचान नहीं हो पाई है। फुटेज का नहीं आना सीसीटीवी कैमरे में फुटेज का नहीं आना : दोनों घटनाओं में पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। अपराधी जिस रास्ते से आए और जिधर से भागे, उन इलाकों के एक-एक कैमरे की जांच की गई, लेकिन किसी में फुटेज नहीं मिला। कैमरा बंद होने पर घुसे दोनों घटनाओं में अपराधी तब दुकान में घुसे, तब वहां लगा कैमरा बंद हो गया। दवा दुकान में तो पहले से कैमरा बंद था, जबकि किराना दुकानदार ने कैमरा का स्विच ऑफ किया और बदमाश घुस गए। हर थाना क्षेत्र में रात में फिर चलेगा रोको-टोको अभियान दो दिन के दौरान शहरी क्षेत्र में हो रही लूट, गोलीबारी, छिनतई की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सिटी डीएसपी राजवंश सिंह ने शनिवार को शहरी थानेदारों के साथ बैठक की। डीएसपी ने थानेदारों से स्पष्ट कहा कि हर हाल में बदमाशों की गिरफ्तारी हो। पुलिस मैन्युअल और टेक्निकल दोनों तरीके से मामलों की जांच करें। पिछले 6 माह में जेल से जितने भी बदमाश निकले हैं, उनकी कुंडली खंगाली जाए। जरूरत है तो ऐसे बदमाशों की निगरानी का प्रस्ताव भेजें। रात में फिर से हर थाना क्षेत्रों में रोको-टोको अभियान चले। पूर्व में जितने भी प्रॉपर्टी आफेंस में शामिल अपराधी फरार हैं, उन्हें गिरफ्तार करें। गिरफ्तारी नहीं होने की सूरत में इश्तेदार, कुर्की-जब्ती की कार्रवाई हो। क्राइम काे राेकने के लिए इन चीजाें पर हाेगा अमल ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन : हाल के दिनों में लूट, छिनतई, गोलीबारी जैसी घटनाओं में थानेदार ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन करें। कई बार अपराधी अपने इलाके में क्राइम नहीं कर दूसरे थाना इलाके में क्राइम करते हैं। ऐसे में यह जरूरी है बदमाशों का अलबम : हर थाना में अपराधियों का अपडेट फोटो अलबम हो, ताकि अपराधियों की पहचान में अलबम का सहारा लिया जा सके। टेक्निकल सर्विलांस : जरूरी हो तो अपराधियों का टेक्निकल सर्विलांस रखे, ताकि उनकी गतिविधियों की जानकारी मिल सके। रात में रोजाना ऐसे बदमाशों के घर पर छापेमारी करें। रात में एसएचओ खुद निकलें : रात में एसएचओ खुद इलाके में भ्रमणशील रहें, ताकि अधीनस्त पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रह कर काम कर सके। खासकर रोको-टोको अभियान में थानेदारों का रहना अनिवार्य है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Three crooks looting from black bike, no clue found - VTM Breaking News

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Sunday, August 09, 2020

काली बाइक पर सवार तीन कम उम्र के बदमाश भागलपुर पुलिस के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। पिछले 2 दिनों में इस गैंग ने तीन घटनाओं को अंजाम दिया है। बदमाशों ने लूटपाट की ऐसी तरकीब निकाली है, जिससे पुलिस को सुराग मिलना भी मुश्किल हो गया है। सबसे पहले कोतवाली इलाके में बाइक सवार ने एक राहगीर का मोबाइल छीन लिया। इस घटना के कुछ देर बाद भीखनपुर में दुवा दुकान में लूट और फिर आदमपुर के सीसीटीवी मुखर्जी रोड में किराना दुकानदार पर गोलीबारी की घटनाओं ने पुलिसिंग की पोल खोल दी है। दवा और किराना दुकान की घटना में एक ही गैंग का हाथ होने के कयास लगाए जा रहे हैं। क्योंकि दोनों घटनाओं का तरीका, समय, अपराधियों की संख्या एक जैसा है। पुलिस भी दोनों घटनाओं में एक ही गैंग की संलिप्तता मानकर जांच कर रही है। लूट, गोलीबारी की घटना के बाद शनिवार शाम को थानेदारों ने अपने-अपने इलाके में वाहनों की सघन जांच की। बरारी थानेदार नवनीश कुमार डीएम आवास के पास चेकिंग लगाकर हर छोटी-बड़ी वाहनों की जांच की। तिलकामांझी पुलिस ने तिलकामांझी चौक पर वाहनों की जांच की। स्टेशन चौक पर कोतवाली पुलिस, उल्टा पुल पर मोजाहिदपुर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। दवा और किराना दुकान की वारदात में ये है समानता घटना का समय: दवा और किराना दुकान में हुई घटनाओं का टाइमिंग एक ही समय है। दोनों दुकानदार जब दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे, तभी अपराधी आ धमके और लूटपाट की। अपराधियों की संख्या : दोनों घटनाओं में अपराधियों की संख्या 3-3 है। अपराधियों का उम्र और हुलिया भी दोनों घटनाओं में एक जैसा है। बदमाश ग्राहक बनकर दोनों दुकानों में घुसे थे। काले रंग की बाइक : दोनों घटनाओं में अपराधियों ने काले रंग की बाइक का उपयोग किया है। पुलिस ने चश्मदीदों से पूछताछ कर बाइक का पता भी लगा लिया है। बस उसके सवार की पहचान नहीं हो पाई है। फुटेज का नहीं आना सीसीटीवी कैमरे में फुटेज का नहीं आना : दोनों घटनाओं में पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। अपराधी जिस रास्ते से आए और जिधर से भागे, उन इलाकों के एक-एक कैमरे की जांच की गई, लेकिन किसी में फुटेज नहीं मिला। कैमरा बंद होने पर घुसे दोनों घटनाओं में अपराधी तब दुकान में घुसे, तब वहां लगा कैमरा बंद हो गया। दवा दुकान में तो पहले से कैमरा बंद था, जबकि किराना दुकानदार ने कैमरा का स्विच ऑफ किया और बदमाश घुस गए। हर थाना क्षेत्र में रात में फिर चलेगा रोको-टोको अभियान दो दिन के दौरान शहरी क्षेत्र में हो रही लूट, गोलीबारी, छिनतई की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सिटी डीएसपी राजवंश सिंह ने शनिवार को शहरी थानेदारों के साथ बैठक की। डीएसपी ने थानेदारों से स्पष्ट कहा कि हर हाल में बदमाशों की गिरफ्तारी हो। पुलिस मैन्युअल और टेक्निकल दोनों तरीके से मामलों की जांच करें। पिछले 6 माह में जेल से जितने भी बदमाश निकले हैं, उनकी कुंडली खंगाली जाए। जरूरत है तो ऐसे बदमाशों की निगरानी का प्रस्ताव भेजें। रात में फिर से हर थाना क्षेत्रों में रोको-टोको अभियान चले। पूर्व में जितने भी प्रॉपर्टी आफेंस में शामिल अपराधी फरार हैं, उन्हें गिरफ्तार करें। गिरफ्तारी नहीं होने की सूरत में इश्तेदार, कुर्की-जब्ती की कार्रवाई हो। क्राइम काे राेकने के लिए इन चीजाें पर हाेगा अमल ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन : हाल के दिनों में लूट, छिनतई, गोलीबारी जैसी घटनाओं में थानेदार ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन करें। कई बार अपराधी अपने इलाके में क्राइम नहीं कर दूसरे थाना इलाके में क्राइम करते हैं। ऐसे में यह जरूरी है बदमाशों का अलबम : हर थाना में अपराधियों का अपडेट फोटो अलबम हो, ताकि अपराधियों की पहचान में अलबम का सहारा लिया जा सके। टेक्निकल सर्विलांस : जरूरी हो तो अपराधियों का टेक्निकल सर्विलांस रखे, ताकि उनकी गतिविधियों की जानकारी मिल सके। रात में रोजाना ऐसे बदमाशों के घर पर छापेमारी करें। रात में एसएचओ खुद निकलें : रात में एसएचओ खुद इलाके में भ्रमणशील रहें, ताकि अधीनस्त पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रह कर काम कर सके। खासकर रोको-टोको अभियान में थानेदारों का रहना अनिवार्य है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Three crooks looting from black bike, no clue found

काली बाइक पर सवार तीन कम उम्र के बदमाश भागलपुर पुलिस के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। पिछले 2 दिनों में इस गैंग ने तीन घटनाओं को अंजाम दिया है। बदमाशों ने लूटपाट की ऐसी तरकीब निकाली है, जिससे पुलिस को सुराग मिलना भी मुश्किल हो गया है। सबसे पहले कोतवाली इलाके में बाइक सवार ने एक राहगीर का मोबाइल छीन लिया।

इस घटना के कुछ देर बाद भीखनपुर में दुवा दुकान में लूट और फिर आदमपुर के सीसीटीवी मुखर्जी रोड में किराना दुकानदार पर गोलीबारी की घटनाओं ने पुलिसिंग की पोल खोल दी है। दवा और किराना दुकान की घटना में एक ही गैंग का हाथ होने के कयास लगाए जा रहे हैं। क्योंकि दोनों घटनाओं का तरीका, समय, अपराधियों की संख्या एक जैसा है। पुलिस भी दोनों घटनाओं में एक ही गैंग की संलिप्तता मानकर जांच कर रही है।
लूट, गोलीबारी की घटना के बाद शनिवार शाम को थानेदारों ने अपने-अपने इलाके में वाहनों की सघन जांच की। बरारी थानेदार नवनीश कुमार डीएम आवास के पास चेकिंग लगाकर हर छोटी-बड़ी वाहनों की जांच की। तिलकामांझी पुलिस ने तिलकामांझी चौक पर वाहनों की जांच की। स्टेशन चौक पर कोतवाली पुलिस, उल्टा पुल पर मोजाहिदपुर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी।

दवा और किराना दुकान की वारदात में ये है समानता

घटना का समय: दवा और किराना दुकान में हुई घटनाओं का टाइमिंग एक ही समय है। दोनों दुकानदार जब दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे, तभी अपराधी आ धमके और लूटपाट की।
अपराधियों की संख्या : दोनों घटनाओं में अपराधियों की संख्या 3-3 है। अपराधियों का उम्र और हुलिया भी दोनों घटनाओं में एक जैसा है। बदमाश ग्राहक बनकर दोनों दुकानों में घुसे थे।
काले रंग की बाइक : दोनों घटनाओं में अपराधियों ने काले रंग की बाइक का उपयोग किया है। पुलिस ने चश्मदीदों से पूछताछ कर बाइक का पता भी लगा लिया है। बस उसके सवार की पहचान नहीं हो पाई है।
फुटेज का नहीं आना सीसीटीवी कैमरे में फुटेज का नहीं आना : दोनों घटनाओं में पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। अपराधी जिस रास्ते से आए और जिधर से भागे, उन इलाकों के एक-एक कैमरे की जांच की गई, लेकिन किसी में फुटेज नहीं मिला।
कैमरा बंद होने पर घुसे
दोनों घटनाओं में अपराधी तब दुकान में घुसे, तब वहां लगा कैमरा बंद हो गया। दवा दुकान में तो पहले से कैमरा बंद था, जबकि किराना दुकानदार ने कैमरा का स्विच ऑफ किया और बदमाश घुस गए।

हर थाना क्षेत्र में रात में फिर चलेगा रोको-टोको अभियान

दो दिन के दौरान शहरी क्षेत्र में हो रही लूट, गोलीबारी, छिनतई की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सिटी डीएसपी राजवंश सिंह ने शनिवार को शहरी थानेदारों के साथ बैठक की। डीएसपी ने थानेदारों से स्पष्ट कहा कि हर हाल में बदमाशों की गिरफ्तारी हो। पुलिस मैन्युअल और टेक्निकल दोनों तरीके से मामलों की जांच करें। पिछले 6 माह में जेल से जितने भी बदमाश निकले हैं, उनकी कुंडली खंगाली जाए। जरूरत है तो ऐसे बदमाशों की निगरानी का प्रस्ताव भेजें। रात में फिर से हर थाना क्षेत्रों में रोको-टोको अभियान चले। पूर्व में जितने भी प्रॉपर्टी आफेंस में शामिल अपराधी फरार हैं, उन्हें गिरफ्तार करें। गिरफ्तारी नहीं होने की सूरत में इश्तेदार, कुर्की-जब्ती की कार्रवाई हो।

क्राइम काे राेकने के लिए इन चीजाें पर हाेगा अमल

ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन : हाल के दिनों में लूट, छिनतई, गोलीबारी जैसी घटनाओं में थानेदार ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन करें। कई बार अपराधी अपने इलाके में क्राइम नहीं कर दूसरे थाना इलाके में क्राइम करते हैं। ऐसे में यह जरूरी है
बदमाशों का अलबम : हर थाना में अपराधियों का अपडेट फोटो अलबम हो, ताकि अपराधियों की पहचान में अलबम का सहारा लिया जा सके।
टेक्निकल सर्विलांस : जरूरी हो तो अपराधियों का टेक्निकल सर्विलांस रखे, ताकि उनकी गतिविधियों की जानकारी मिल सके। रात में रोजाना ऐसे बदमाशों के घर पर छापेमारी करें।
रात में एसएचओ खुद निकलें : रात में एसएचओ खुद इलाके में भ्रमणशील रहें, ताकि अधीनस्त पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रह कर काम कर सके। खासकर रोको-टोको अभियान में थानेदारों का रहना अनिवार्य है।



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