लॉकडाउन के बाद बाजारों में न तो पहले की तरह चहल पहल लौटी है और न ही कारोबार में तेजी आयी है। दुकानदार बताते हैं कि उनकी बिक्री आधे से भी कम हो गई है। उधर जिले में लगातार हो रही रूक रूक के मुसलाधार बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं शहर के लगभग सभी सड़कों पर जल जमाव एवं कीचड़मय हो जाने से लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही शनिवार को तेज धूप होने से आमलोग घरो में ही दुबके रहे। एक ओर जहां कोरोना लोगो को परेशान कर रहा है। वहीं प्राकृतिकआपदाओं से शहर से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग परेशान हो रहे है। कभी लगातार मुसलाधार बारिश तो कभी तेज धूप होने से लोग बीमार भी हो रहे है। इसके साथ ही कोरोना का प्रकोप भी शहर में लगातार बढ़ने से लोगो में एक भय सा माहौल है। वर्षा और पानी से मजदूरों को रोजगार भी नहीं मिल रहा है। मजदूरी करने वाले को हो रही सबसे अधिक परेशानी मजदूर तबके के लोग को सबसे अधिक इस बारिश और तेज धूप में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इस मौसम में कोई काम नही मिल रहा है। इससे उनकी परेशानी इस कोरोना काल में बढ़ती ही जा रही है। बता दे की रोजाना देहारी मजदूर को शाम में मिलने वाले पैसे से ही घर का राशन सहित अन्य जरूरत के सामानों की पूर्ति हो पाती है। इस मौसम में कोई भी मकान का रंग पेंट, साफ-सफाई सहित अन्य किसी भी तरह का काम नही करवा रहा है। इससे मजदूरों को रोजगार लगभग ना के बराबर ही है। लगातार मुसलाधार बारिश होने से शहर का सभी मुख्य सड़कों पर जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है। इसके अलावे सड़क में गड्ढे होने से दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों को अवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर का सहायक थाना से मनिहारी की अोर जाने वाली मुख्य सड़क पर महीनों से एक बड़ा गढ्डा है। गढ्डा में बारिश का पानी जमा होने से पार करने के दौरान दो पहिया वाहनों को हमेशा दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। जबकि इस सड़क से राेजाना बड़े अधिकारी से लेकर बड़े बड़े नेताओं का आना जाना लगा रहता है। लेकिन सड़क में हुए गड्ढे को भरने की दिशा में कोई भी जहमत नही उठा रहा है।बारिश, धूप और लगातार नदियों का जल स्तर में वृद्धि होने से ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों का शहर आना काफी कम हो रहा है। चिकित्सीय या काफी जरूरत पड़ने पर ही लोग शहर आ रहे है। इससे व्यवसायी का कारोबार धीरे धीरे कम होते जा रहा है। इलेक्ट्रिक व्यवसायी दीपक कासवानी बताते है कि इस तीन दिनों में खरीदारों की संख्या आधे से भी कम हो गयी है। उन्होंने कहा कि इन दिनों व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ है। इसी प्रकार से सभी प्रकार के व्यवसायी का हाल बेहाल है। बता दें कि एक तो लॉकडाउन में मई महीना तक कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा। अभी अनलॉक है उसके बावजूद भी ट्रेन और बस बंद रहने के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है। दुकानों में नहीं के बराबर भीड़ है। जहां लॉकडाउन के पहले एक मॉल में औसतन 3 से 4 लाख की बिक्री होती थी वह घटकर एक लाख से भी कम हो गई है। इतना ही नहीं सभी सड़कों पर पानी होने के कारण ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। बाहरी लाेग नहीं आ रहे,कारोबार प्रभावित कटिहार के बाजार में अभी वो रौनक नहीं लौटी है। खरीददारी में तेजी नहीं आई है। बाहर से लोग नहीं आ रहे हैं जिससे सबसे अधिक कारोबार पर असर पड़ा है। बिमल सिंह बेगानी, चेंबर अध्यक्ष Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Latti is not available in the markets, the basic workers are not getting employment - VTM Breaking News

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Sunday, June 28, 2020

लॉकडाउन के बाद बाजारों में न तो पहले की तरह चहल पहल लौटी है और न ही कारोबार में तेजी आयी है। दुकानदार बताते हैं कि उनकी बिक्री आधे से भी कम हो गई है। उधर जिले में लगातार हो रही रूक रूक के मुसलाधार बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं शहर के लगभग सभी सड़कों पर जल जमाव एवं कीचड़मय हो जाने से लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही शनिवार को तेज धूप होने से आमलोग घरो में ही दुबके रहे। एक ओर जहां कोरोना लोगो को परेशान कर रहा है। वहीं प्राकृतिकआपदाओं से शहर से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग परेशान हो रहे है। कभी लगातार मुसलाधार बारिश तो कभी तेज धूप होने से लोग बीमार भी हो रहे है। इसके साथ ही कोरोना का प्रकोप भी शहर में लगातार बढ़ने से लोगो में एक भय सा माहौल है। वर्षा और पानी से मजदूरों को रोजगार भी नहीं मिल रहा है। मजदूरी करने वाले को हो रही सबसे अधिक परेशानी मजदूर तबके के लोग को सबसे अधिक इस बारिश और तेज धूप में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इस मौसम में कोई काम नही मिल रहा है। इससे उनकी परेशानी इस कोरोना काल में बढ़ती ही जा रही है। बता दे की रोजाना देहारी मजदूर को शाम में मिलने वाले पैसे से ही घर का राशन सहित अन्य जरूरत के सामानों की पूर्ति हो पाती है। इस मौसम में कोई भी मकान का रंग पेंट, साफ-सफाई सहित अन्य किसी भी तरह का काम नही करवा रहा है। इससे मजदूरों को रोजगार लगभग ना के बराबर ही है। लगातार मुसलाधार बारिश होने से शहर का सभी मुख्य सड़कों पर जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है। इसके अलावे सड़क में गड्ढे होने से दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों को अवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर का सहायक थाना से मनिहारी की अोर जाने वाली मुख्य सड़क पर महीनों से एक बड़ा गढ्डा है। गढ्डा में बारिश का पानी जमा होने से पार करने के दौरान दो पहिया वाहनों को हमेशा दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। जबकि इस सड़क से राेजाना बड़े अधिकारी से लेकर बड़े बड़े नेताओं का आना जाना लगा रहता है। लेकिन सड़क में हुए गड्ढे को भरने की दिशा में कोई भी जहमत नही उठा रहा है।बारिश, धूप और लगातार नदियों का जल स्तर में वृद्धि होने से ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों का शहर आना काफी कम हो रहा है। चिकित्सीय या काफी जरूरत पड़ने पर ही लोग शहर आ रहे है। इससे व्यवसायी का कारोबार धीरे धीरे कम होते जा रहा है। इलेक्ट्रिक व्यवसायी दीपक कासवानी बताते है कि इस तीन दिनों में खरीदारों की संख्या आधे से भी कम हो गयी है। उन्होंने कहा कि इन दिनों व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ है। इसी प्रकार से सभी प्रकार के व्यवसायी का हाल बेहाल है। बता दें कि एक तो लॉकडाउन में मई महीना तक कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा। अभी अनलॉक है उसके बावजूद भी ट्रेन और बस बंद रहने के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है। दुकानों में नहीं के बराबर भीड़ है। जहां लॉकडाउन के पहले एक मॉल में औसतन 3 से 4 लाख की बिक्री होती थी वह घटकर एक लाख से भी कम हो गई है। इतना ही नहीं सभी सड़कों पर पानी होने के कारण ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। बाहरी लाेग नहीं आ रहे,कारोबार प्रभावित कटिहार के बाजार में अभी वो रौनक नहीं लौटी है। खरीददारी में तेजी नहीं आई है। बाहर से लोग नहीं आ रहे हैं जिससे सबसे अधिक कारोबार पर असर पड़ा है। बिमल सिंह बेगानी, चेंबर अध्यक्ष Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Latti is not available in the markets, the basic workers are not getting employment

लॉकडाउन के बाद बाजारों में न तो पहले की तरह चहल पहल लौटी है और न ही कारोबार में तेजी आयी है। दुकानदार बताते हैं कि उनकी बिक्री आधे से भी कम हो गई है। उधर जिले में लगातार हो रही रूक रूक के मुसलाधार बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं शहर के लगभग सभी सड़कों पर जल जमाव एवं कीचड़मय हो जाने से लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही शनिवार को तेज धूप होने से आमलोग घरो में ही दुबके रहे। एक ओर जहां कोरोना लोगो को परेशान कर रहा है।

वहीं प्राकृतिकआपदाओं से शहर से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग परेशान हो रहे है। कभी लगातार मुसलाधार बारिश तो कभी तेज धूप होने से लोग बीमार भी हो रहे है। इसके साथ ही कोरोना का प्रकोप भी शहर में लगातार बढ़ने से लोगो में एक भय सा माहौल है। वर्षा और पानी से मजदूरों को रोजगार भी नहीं मिल रहा है।

मजदूरी करने वाले को हो रही सबसे अधिक परेशानी

मजदूर तबके के लोग को सबसे अधिक इस बारिश और तेज धूप में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इस मौसम में कोई काम नही मिल रहा है। इससे उनकी परेशानी इस कोरोना काल में बढ़ती ही जा रही है। बता दे की रोजाना देहारी मजदूर को शाम में मिलने वाले पैसे से ही घर का राशन सहित अन्य जरूरत के सामानों की पूर्ति हो पाती है। इस मौसम में कोई भी मकान का रंग पेंट, साफ-सफाई सहित अन्य किसी भी तरह का काम नही करवा रहा है। इससे मजदूरों को रोजगार लगभग ना के बराबर ही है।

लगातार मुसलाधार बारिश होने से शहर का सभी मुख्य सड़कों पर जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है। इसके अलावे सड़क में गड्ढे होने से दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों को अवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर का सहायक थाना से मनिहारी की अोर जाने वाली मुख्य सड़क पर महीनों से एक बड़ा गढ्डा है। गढ्डा में बारिश का पानी जमा होने से पार करने के दौरान दो पहिया वाहनों को हमेशा दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।

जबकि इस सड़क से राेजाना बड़े अधिकारी से लेकर बड़े बड़े नेताओं का आना जाना लगा रहता है। लेकिन सड़क में हुए गड्ढे को भरने की दिशा में कोई भी जहमत नही उठा रहा है।बारिश, धूप और लगातार नदियों का जल स्तर में वृद्धि होने से ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों का शहर आना काफी कम हो रहा है। चिकित्सीय या काफी जरूरत पड़ने पर ही लोग शहर आ रहे है। इससे व्यवसायी का कारोबार धीरे धीरे कम होते जा रहा है। इलेक्ट्रिक व्यवसायी दीपक कासवानी बताते है कि इस तीन दिनों में खरीदारों की संख्या आधे से भी कम हो गयी है।

उन्होंने कहा कि इन दिनों व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ है। इसी प्रकार से सभी प्रकार के व्यवसायी का हाल बेहाल है।
बता दें कि एक तो लॉकडाउन में मई महीना तक कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा। अभी अनलॉक है उसके बावजूद भी ट्रेन और बस बंद रहने के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है। दुकानों में नहीं के बराबर भीड़ है। जहां लॉकडाउन के पहले एक मॉल में औसतन 3 से 4 लाख की बिक्री होती थी वह घटकर एक लाख से भी कम हो गई है। इतना ही नहीं सभी सड़कों पर पानी होने के कारण ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं।

बाहरी लाेग नहीं आ रहे,कारोबार प्रभावित
कटिहार के बाजार में अभी वो रौनक नहीं लौटी है। खरीददारी में तेजी नहीं आई है। बाहर से लोग नहीं आ रहे हैं जिससे सबसे अधिक कारोबार पर असर पड़ा है।
बिमल सिंह बेगानी, चेंबर अध्यक्ष



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