होटल पनास शराब कांड की जांच में लापरवाही के आरोप में पटना के तत्कालीन सिटी डीएसपी कैलाश प्रसाद पर कार्रवाई की गाज गिर गई है। गृह विभाग ने उनकी तीन वेतनवृद्धि पर रोक का आदेश दिया है। कैलाश प्रसाद वर्तमान में बोधगया में बीएमपी-3 के डीएसपी के पद पर तैनात हैं। मामला वर्ष 2016 का है। राज्य में शराबबंदी के बाद होटल पनास में कुछ लोगों द्वारा शराब पीने की सूचना पर छापेमारी की गई थी। इसमें लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर अब कार्रवाई शुरू हो गयी है। नहीं निभाई अपनी भूमिका गृह विभाग के अनुसार कैलाश प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने होटल पनास में छापेमारी के दौरान वरीय पुलिस पदाधिकारी के रूप में शामिल होने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों से नहीं करवाई। इस पूरे मामले के सुपरविजन में कई त्रुटियां पाई गईं। मसलन, घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। शराब और अन्य सामग्री की उसी समय जब्ती सूची नहीं बनाई गई, बल्कि अगले दिन तथाकथित जब्ती सूची पर गवाहों के हस्ताक्षर लिए गए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today - VTM Breaking News

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Wednesday, June 10, 2020

होटल पनास शराब कांड की जांच में लापरवाही के आरोप में पटना के तत्कालीन सिटी डीएसपी कैलाश प्रसाद पर कार्रवाई की गाज गिर गई है। गृह विभाग ने उनकी तीन वेतनवृद्धि पर रोक का आदेश दिया है। कैलाश प्रसाद वर्तमान में बोधगया में बीएमपी-3 के डीएसपी के पद पर तैनात हैं। मामला वर्ष 2016 का है। राज्य में शराबबंदी के बाद होटल पनास में कुछ लोगों द्वारा शराब पीने की सूचना पर छापेमारी की गई थी। इसमें लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर अब कार्रवाई शुरू हो गयी है। नहीं निभाई अपनी भूमिका गृह विभाग के अनुसार कैलाश प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने होटल पनास में छापेमारी के दौरान वरीय पुलिस पदाधिकारी के रूप में शामिल होने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों से नहीं करवाई। इस पूरे मामले के सुपरविजन में कई त्रुटियां पाई गईं। मसलन, घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। शराब और अन्य सामग्री की उसी समय जब्ती सूची नहीं बनाई गई, बल्कि अगले दिन तथाकथित जब्ती सूची पर गवाहों के हस्ताक्षर लिए गए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

होटल पनास शराब कांड की जांच में लापरवाही के आरोप में पटना के तत्कालीन सिटी डीएसपी कैलाश प्रसाद पर कार्रवाई की गाज गिर गई है। गृह विभाग ने उनकी तीन वेतनवृद्धि पर रोक का आदेश दिया है। कैलाश प्रसाद वर्तमान में बोधगया में बीएमपी-3 के डीएसपी के पद पर तैनात हैं। मामला वर्ष 2016 का है। राज्य में शराबबंदी के बाद होटल पनास में कुछ लोगों द्वारा शराब पीने की सूचना पर छापेमारी की गई थी। इसमें लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर अब कार्रवाई शुरू हो गयी है।

नहीं निभाई अपनी भूमिका
गृह विभाग के अनुसार कैलाश प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने होटल पनास में छापेमारी के दौरान वरीय पुलिस पदाधिकारी के रूप में शामिल होने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों से नहीं करवाई। इस पूरे मामले के सुपरविजन में कई त्रुटियां पाई गईं। मसलन, घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। शराब और अन्य सामग्री की उसी समय जब्ती सूची नहीं बनाई गई, बल्कि अगले दिन तथाकथित जब्ती सूची पर गवाहों के हस्ताक्षर लिए गए।



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