डेहरी सोन पुल के पास बने चेक पोस्ट पर अवैध वसूली करने वाले एक जमादार, छह सैप जवान और दो होमगार्ड जवानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आश्चर्य जनक पहलू यह रहा कि अवैध वसूली की सूचना देने वाले ट्रक चालक सुरेंद्र कुमार यादव और मालिक कुमार सानू को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जिस गाड़ी से पुलिसकर्मी अवैध वसूली कर रहे थे। वह बालू से ओवर लोडेड थी। उसकी सूचना चालक ने पुलिस के वरीय अधिकारियों को दी।
तब जाकर यह कार्रवाई हुई थी। ट्रक चालक व मालिक की गिरफ्तारी पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि क्योंकि उनकी गाड़ी ओवरलोडेड थी। जो औरंगाबाद जिला के सोन घाट आते समय पकड़ी गई। हालांकि हाइवे पर शिवसागर के समीप 24 घंटे के अभियान में रोहतास प्रशासन ने बालू के 56 ओवर लोडेड ट्रकों से मात्र जुर्माना वसूला। उसमें किसी ट्रक चालक व मालिक की गिरफ्तारी नहीं हुई। पहियों की हवा जरूर निकाल दी गई।
जांच शुरू: पुलिस मुख्यालय डेहरी के डीएसपी को जिम्मा
पुलिस मुख्यालय डीएसपी लक्ष्मण प्रसाद को जांच का जिम्मा मिला है। डेहरी थाना के जमादार ललन प्रसाद, सैप जवान शैलेंद्र सिंह, विजय शंकर ओझा, राजेंद्र प्रसाद यादव, जयकिशुन, रामानंद प्रसाद व होमगार्ड गोबिंद तिवारी के अलावे सुदामा सिंह को जेल भी भेज दिया गया। ट्रक (बीआर 24 जीबी 3215) चालक कैमूर के तुलसीपुर निवासी सुरेंद्र यादव व दुर्गावती के कल्याणपुर के ट्रक मालिक कुमार सानू की भी गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस बोली- भ्रष्टाचार के पूरे रैकेट का पर्दाफाश होगा
16 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों के अलावे औरंगाबाद जिला के डिहरा बालू घाट संचालक, घाट के मुंशी, धर्मकांटा संचालक, खनन में लगी कंपनी आदित्य मल्टीकॉम के मुंशी शामिल हैं। धारा 420, 120, 411, 384 लगाई गई हैं। मुख्यालय डीएसपी लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि बालू घाटों से ओवर लोडेड गाड़ियों के निकलने से लेकर बाहर जाने के बीच कई रैकेट काम कर रहे हैं। जल्द पर्दाफाश होगा।
तैयारी: बालू माफिया पर शिकंजा कसने की कवायद
डेहरी एएसपी संजय कुमार के अनुसार पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद जांच के जद में कई सफेदपोश और बालू माफिया के आने की उम्मीद है। ट्रकों को जिले से बाहर भेजने वाले लाइनर भी शामिल हैं। पूछताछ के क्रम में बहुत सारी जानकारी जांच टीम को मिली है। जिस पर बनाई गई टीम काम कर रही है। दर्ज किए गए एफआईआर में जो 16 आरोपी शामिल हैं। पांच की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है।
लूट व शराब के मामलों में पहले भी जेल जाते रहे हैं पुलिसकर्मी, पर इस बार संख्या सबसे ज्यादा
अपने ही थाने में पदस्थापित पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की रोहतास की यह सबसे बड़ी घटना है। जिसमें जमादार सहित नौ पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए। इससे पहले वर्ष 2000 में शिवसागर थाना के तीन पुलिस कर्मी बाइक सवार से जबरन पैसा लूटने के आरोप मे गिरफ्तार हुए थे। हाल ही में नोखा थाना के एक दरोगा प्रमोद कुमार यादव की गिरफ्तारी रोहतास एसपी सत्यवीर सिंह ने शराब के मामले में की थी। और भी गिरफ्तारी की आधा दर्जन घटनाएं घट चुकी है। जिसमें पुलिस कर्मियों को जेल की हवा खानी पड़ी थी।
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