कोरोना का ग्राफ बढ़ रहा है, इसलिए जागरूकता जरूरी है। नहीं तो जिलेवासियों की मुसीबतें बढ़ेंगी। इधर, जिले में कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शहरवासियों से जागरूकता की अपील की। माइक से अनाउंस कर डीएम डॉ. चौधरी ने कहा कि बगैर मास्क लगाए जो व्यक्ति बाहर निकलेंगे पकड़े जाने के बाद उस शख्स को पूरे मोहल्ले में लोगों के घर-घर जाकर उन्हें मास्क लगाकर ही बाहर निकलने के लिए प्रेरित करना होगा। डीएम ने कहा कि बगैर मास्क पकड़े जाने वाले एक शख्स से कम से कम 2 सौ घरों में जाकर प्रचार-प्रसार करना होगा।
इसके अलावे बिना मास्क पहने ग्राहक को कोई भी दुकानदार यदि सामान देगा तो दुकानदार पर भी कार्रवाई होगी। दरअसल डीएम डॉ. चौधरी बुधवार पूर्वाहन 11बजे नगर के एकता चौक पर माइक से अनाउंस किया कि वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से बचाव के लिए यदि बिना मास्क पहने सड़क पर निकलेंगे तो कार्रवाई होगी। वहीं दुकानदार को भी मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
यदि सड़क पर घूमने वाले लोग, बाइक चलाने वाले लोग बिना मास्क पहने निकलेंगे उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं ई रिक्शा, टैक्सी के अलावे यात्री बसों पर बिना मास्क पहने कोई यात्री बैठता है तो उन्होंने चालक को आदेश दिया कि उस यात्री को उतार देना है। यानी किसी भी हाल में बिना मास्क वाले को वाहनों में भी सफर नहीं करना है।
बैठक कर कहा- धर्मस्थलों पर नियमावली का करना होगा पालन
कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिले के धर्मगुरुओं के साथ डॉ. नवल किशोर चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। जिसमें धार्मिक स्थानों/ पूजा स्थलों में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। कहा गया कि धार्मिक स्थानों/पूजा स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग आध्यात्मिक शांति के लिए आते हैं।
कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जरूरी है कि ऐसे पर परिसरों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ अन्य सावधानियों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। कंटेनमेंट जोन में धार्मिक स्थल और पूजा स्थल बंद ही रहेंगे,केवल कंटेनमेंट जोन के बाहर के धार्मिक पूजा स्थल खुलेंगे। 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति विभिन्न बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी गई है।
प्रार्थना के दौरान सार्वजनिक चटाई व आसनी से बचे
सार्वजनिक प्रार्थना के दौरान सार्वजनिक चटाई व आसनी से बचा जाना चाहिए और श्रद्धालु अनुयायियों को अपनी व्यक्तिगत चटाई, आसनी या कपड़े का टुकड़ा लाना चाहिए। जिसे वे अपने साथ वापस ले भी जा सकेंगे। धार्मिक स्थान के अंदर कोई भी भौतिक चढ़ावा जैसे प्रसाद, पवित्र जल का वितरण या छिड़काव की अनुमति नहीं है। सामुदायिक रसोई लंगर अन्य दान आदि की तैयारी और भोजन वितरण में शारीरिक दूरी के मानदंडों का पालन होगा। परिसर के भीतर शौचालयों में हाथ व पैर धोने के स्थलों क्षेत्रों का विशेष तौर से ध्यान देते हुए प्रभावी सैनिटाइजर सैनिटाइजेशन कराया जाना होगा। इसके अलावा परिसर में फर्श की सफाई बार-बार कराई जाएगी।
धार्मिक स्थान पर प्रवेश पूर्व सैनिटाइजर डिस्पेंसर जरूरी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी समेत विभिन्न अधिकारियों ने कहा है कि सभी धार्मिक स्थान पर प्रवेश के लिए हाथ की स्वच्छता सैनिटाइजर डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीन के प्रावधान किए गए हैं परिसर में केवल बीमारी के लक्षणों से रहित असंक्रमित व्यक्तियों को अनुमति दी जाएगी। फेस कवर मास्क का उपयोग करने पर ही उन व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
ग्रसित व्यक्ति पाए जाने पर उसे अलग कमरे में रखें
धार्मिक प्रतिष्ठान द्वारा परिसर की बार-बार सफाई एवं भी संक्रमण सुनिश्चित किया जाना होगा। परिसर में संभावित संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति पाए जाने पर व्यक्ति को अलग कमरे स्थान पर रखें। जहां अन्य लोगों की आवाजाही ना हो। चिकित्सक द्वारा जांच किए जाने तक व्यक्ति को मास्क/फेस कवर उपलब्ध कराएं और, तत्काल निकटतम अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर सूचना देनी होगी।
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