बुधवार को जिले के घाटकुसुम्भा गांव में अंधविश्वास की हदें को पार करते एक तांत्रिक बच्ची को जिन्दा करने के नाम पर झाड़-फूंक करते रहे। इस दौरान मेले की तरह सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी रही। दरअसल, घाटकुसुम्भा गांव निवासी चंद्रिक महतो की 12 वर्षीय बेटी सरिता कुमारी की बुधवार की अहले सुबह सोये हुए अवस्था में जहरीले सांप ने डस लिया। जिसके उपरांत परिजनों द्वारा उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया जहां की चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृत घोषित किए जाने के बाद उसके परिजन लाश लेकर गांव पहुंच गए। गांव में ही किसी तांत्रिक ने उसे जिंदा करने की बात कही। जिसके उपरांत कई घंटों तक तांत्रिक ने अपने तंत्र मंत्र के सहारे झाड़-फूंक करता रहा। जहां सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण बैठकर इसका तमाशबीन भी बने रहे, परंतु कई घंटे बीत जाने के बाद भी मृतक बच्ची जिंदा नहीं हुई। जिसके बाद तांत्रिक ने 10 मिनट बाद पुनः कहीं से आने की बात कही और वहां से गायब हो गया।
घंटों झाड़-फूंक के बाद जिन्दा नहीं हुई तो तांत्रिक हुआ फरार: सदर अस्पताल में शव लाने के दौरान गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसी दौरान बेगूसराय के बखरी गांव के रहने वाले एक तांत्रिक (जो घाटकुसुम्भा गांव अपने रिश्तेदार के लिए आया हुआ था) ने उसे जिन्दा करने का दावा किया। जिसके बाद बच्ची की शव को वही लिटाकर उसका ड्रामा चलता रहता है, लेकिन घंटों झाड़-फूंक के बाद बच्ची ठीक नहीं हुआ तो वह 10 मिनट में आने की बात कहकर वहां से फरार हो गया।
अस्पताल ने नहीं उपलब्ध कराया एम्बुलेंस: सदर अस्पताल में कुव्यस्था का भी आलम देखने को मिला जहां चिकित्सकों द्वारा बिना देखे ही उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद उसके परिजनों ने एम्बुलेंस या अन्य कोई वाहन से मृत की शव भिजवाने को कहा, लेकिन चिकित्सकों ने एम्बुलेंस नहीं उपलब्ध कराया। जिसके बाद उपरिजनों ने शव को मोटरसाइकिल पर लादकर अपने घर ले गए।
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