पुलिस द्वारा ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के विरोध में मंगलवार को फतेहपुर बाजार की दुकानें बंद रही। सिर्फ दवा दुकानें खुली रहीं। बाजार बंद रहने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दराज से समान खरीदने फतेहपुर बाजार आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। आक्रोशित लोगों ने वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की, साथ ही न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बता दें कि झंडाचौक पर बाइक जांच के नाम पर लोगों से आर्थिक दोहन तथा दुकानदारों से अभद्र व्यवहार किए जाने के मामले को लेकर लोगों में आक्रोश है। जिला परिषद सदस्य के पति व पंसस उदय सिंह व दीपक कुमार ने बताया कि शनिवार को उनका भतीजा रवि रंजन कुमार दवा लेने गया था। इसी बीच पुलिस ने उसे पकड़ स्कूटी को जब्त कर लिया। इसके बाद कहासुनी काफी बढ़ गई।
पुलिस ने झूठा आरोप लगाकर उन्हें व उनके भाई-भतीजा सहित सात लोगों को नामजद व 25 अन्य पर मुकदमा किया है। उन्होंने पुलिस पर वाहन जांच के नाम पर लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने, बेरहमी से मारपीट करने और नाजायज राशि की वसूली करने का भी आरोप लगाया है।
माइकिंग कर दुकानों को खोलने का किया प्रयास
इधर, दुकान बंद को लेकर पुलिस भी बाजार में चौकस रही। पुलिस द्वारा माइक से अलाउंस कर दुकान खुलवाने का प्रयास किया गया, साथ ही दुकान नहीं खोलने वालों पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी। इसके बाद भी दुकानदार बंद के समर्थन में खड़े रहे। इधर, पुलिस का कहना है कि वाहन जांच के दौरान उदय सिंह व उसके परिवार द्वारा हंगामा किया गया। सरकारी कार्य में व्यवधान डाला गया, साथ ही पुलिस के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। इस मामले को लेकर केस दर्ज किया गया है। पुलिस का यह भी कहना है कि दुकानदार अपनी मर्जी से नहीं बल्कि पुलिस से झड़प करने वालों के डर से दुकानें बंद की है।
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